हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की पहली बारिश ने ही भारी तबाही मचा दी है. चंबा जिले के भरमौर में भारी बारिश के चलते एक अस्थाई पुल बह गया, जिसकी वजह से करीब 25-30 लोग वहां फंस गए. मौके पर रेस्क्यू टीम को तुरंत रवाना कर दिया गया.
पूरे प्रदेश में असर, बुधवार को गई छह जान
बुधवार को हुई बारिश के कारण हिमाचल के कई जिलों में सड़क संपर्क टूट गया और बिजली व्यवस्था भी लड़खड़ा गई. उसी दिन लैंडस्लाइड और सड़क हादसों में कुल छह लोगों की जान चली गई थी. गुरुवार को भी बारिश का सिलसिला थमा नहीं, जिससे हालात और बिगड़ गए.
भरमौर-चंबा सड़क मलबे में दबी
गुरुवार को हुई भारी बारिश की वजह से चंबा जिले में भरमौर-चंबा सड़क पर दिनका घार के पास भारी मलबा गिर पड़ा, जिससे यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया. सड़क बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्री घंटों जाम में फंसे रहे.
35 सड़कें और 127 ट्रांसफार्मर ठप
राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार शाम छह बजे तक प्रदेशभर में 35 सड़कें बंद पड़ी थीं, जबकि 127 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर यानी डीटीआर काम करना बंद कर चुके थे. सबसे ज्यादा असर कुल्लू जिले में देखने को मिला, जहां अकेले 18 सड़कें बंद हैं. इसके अलावा सोलन और चंबा जिलों में भी 12-12 सड़कें बंद बताई गई हैं. बिजली के मोर्चे पर भी कुल्लू जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां प्रदेशभर के 127 में से 86 ट्रांसफार्मर अकेले इसी जिले में बंद पड़े हैं. लोक निर्माण विभाग की टीमें दिन-रात सड़कें खोलने और बहाली के काम में जुटी हुई हैं. राहत की बात यह है कि अब तक राज्य की किसी भी पेयजल योजना पर बारिश का असर नहीं पड़ा है और कहीं से भी पानी की आपूर्ति ठप होने की खबर नहीं है.
कांगड़ा और मंडी में गईं जानें
आपदा से सीधे जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई है. कांगड़ा जिले में करंट लगने, आकाशीय बिजली गिरने और ऊंचाई से गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की जान गई. वहीं मंडी जिले में एक महिला की मौत पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण हुई. इनके अलावा बारिश से जुड़े सड़क हादसों में किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है. इस तरह मॉनसून से जुड़ी घटनाओं में अब तक कुल छह लोगों की जान जा चुकी है.
44.40 लाख का नुकसान, आगे भी बारिश के आसार
बारिश के चलते सार्वजनिक और निजी संपत्ति के साथ-साथ पशुधन को हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन 44.40 लाख रुपये लगाया गया है. सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान कांगड़ा जिले में हुआ है, जहां करीब 16 लाख रुपये की क्षति का अनुमान लगाया गया है. राज्य सरकार, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियां और तमाम विभाग हाई अलर्ट पर हैं. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, जिसे देखते हुए प्रभावित इलाकों में सड़क और बिजली व्यवस्था जल्द बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है.













