हिमाचल प्रदेश के दो प्रमुख जिलों में स्थानीय त्योहार और सरकारी आदेश के चलते शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊना जिले में स्कूलों की छुट्टी का ऐलान किया है, जबकि मंडी जिले में पारंपरिक पर्व सायर के कारण सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। प्रशासन की तरफ से इस संबंध में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि आमजन को इस अवकाश की सही जानकारी मिल सके।
ऊना और मंडी में छुट्टी के अलग-अलग नियम
मंडी और ऊना जिलों में लागू होने वाले इस अवकाश का दायरा अलग-अलग तय किया गया है। ऊना जिले में केवल स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को एंटी चिट्टा वॉकथॉन कार्यक्रम के दौरान इस बात का औपचारिक ऐलान किया था। इसके विपरीत, मंडी जिले में स्थानीय स्तर पर मनाए जाने वाले ऐतिहासिक सायर त्योहार का विशेष महत्व है, जिसके कारण वहां शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सभी सरकारी दफ्तरों में भी कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा।
सायर त्योहार का पारंपरिक और सांस्कृतिक महत्व
मंडी और कुल्लू क्षेत्र में अश्विन महीने की सक्रांति के पावन अवसर पर सायर पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्योहार को लेकर यह गहरी मान्यता है कि इसके आगमन के साथ ही भारी बरसात के मौसम का समापन हो जाता है और खेतों में खरीफ की फसलें पूरी तरह पककर कटाई के तैयार हो जाती हैं। इस खास दिन ग्रामीण क्षेत्रों में सैरी माता को नई फसलों का अंश और ताजे मौसमी फल अर्पित किए जाते हैं। इसके अलावा, लोग अपनी कलाइयों से राखियां उतारकर देवी को समर्पित करते हैं। इस पर्व को इस क्षेत्र में सर्दी के मौसम के आधिकारिक आगाज के रूप में भी देखा जाता है, जिस वजह से मंडी जिले में इस दिन का सार्वजनिक अवकाश रहता है।



















