फरीदाबाद के मवई इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच देर रात एक भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें दिल्ली-NCR में सक्रिय एक गिरोह के दो प्रमुख बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बीती रात करीब तीन बजे हुई इस मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों अपराधियों के पैरों में गोलियां लगी हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस कार्रवाई के दौरान एक जांबाज पुलिसकर्मी भी बाल-बाल बचा, जिसकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर अपराधियों की ओर से चलाई गई गोली लगी थी।
नहर के पास नाकेबंदी के दौरान आमना-सामना
विवरण के अनुसार, अपराध शाखा बीपीटीपी और अपराध शाखा सेक्टर-85 की संयुक्त पुलिस टीम मवई में नहर के समीप गश्त पर थी। इसी दौरान रात के लगभग तीन बजे पुलिस टीम को एक संदिग्ध मोटरसाइकिल दिखाई दी। काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो लोग तेजी से आ रहे थे। पुलिस टीम को देखकर मोटरसाइकिल सवारों ने घबराकर अपनी गाड़ी मोड़ने की कोशिश की और तेजी से भागने का प्रयास किया। जब सतर्क पुलिसकर्मियों ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को भांपकर उनका पीछा किया, तो खुद को घिरता देख बदमाशों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर सीधी गोलीबारी शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश हुए घायल
बदमाशों की तरफ से अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस बल ने भी अपनी रक्षा में जवाबी मोर्चा संभाला। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से लगभग 5 से 6 राउंड गोलियां चलाई गईं। मुठभेड़ के बीच बदमाशों की एक गोली मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगी, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस की ओर से की गई सटीक जवाबी फायरिंग में दोनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी, जिससे वे मोटरसाइकिल सहित वहीं गिर पड़े। इसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें तुरंत दबोच लिया। घायल अवस्था में दोनों को तुरंत इलाज के लिए फरीदाबाद के बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
दस वर्षों से दिल्ली-NCR में सक्रिय थे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि घायल अपराधियों की पहचान दिल्ली निवासी सोनू और राहुल के रूप में हुई है। इस मामले की जानकारी देते हुए एसीपी क्राइम वरुण दहिया ने बताया कि ये दोनों आरोपी पिछले करीब दस वर्षों से दिल्ली और उसके आसपास के दिल्ली-NCR क्षेत्रों में कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। ये दोनों लंबे समय से अपना खुद का एक संगठित गिरोह चला रहे थे, जो मुख्य रूप से चोरी, झपटमारी और हथियार के बल पर लूटपाट जैसी वारदातों को अंजाम देता था। दिल्ली-NCR के विभिन्न थानों में इनके खिलाफ लूट और डकैती के दर्जनों आपराधिक मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद होगी आधिकारिक गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों बदमाशों को वर्तमान में बीके अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। अस्पताल से डिस्चार्ज मिलते ही दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि इन दोनों बदमाशों ने हाल के दिनों में फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में कौन-कौन सी वारदातों को अंजाम दिया था। इसके साथ ही, पुलिस इस गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों और उनके मददगारों का पता लगाने का भी प्रयास कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जा सके।



















