शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के दो पक्षों के बीच हुई तीखी भिड़ंत के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। विश्वविद्यालय के विधि यानी लॉ विभाग में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी एसएफआई से जुड़े छात्र नेताओं और सामान्य छात्रों के बीच टकराव हुआ। हालात बिगड़ते ही कैंपस में तनाव फैल गया, जिसके तुरंत बाद सुरक्षा की कमान संभाल रहे डीएसपी गौरी दत्त शंकर पुलिस बल के साथ स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचे।
कुलपति कार्यालय में तलाशी और धारदार हथियारों की बरामदगी
विवाद बढ़ने पर लॉ विभाग से जुड़े कई छात्र सीधे कुलपति कार्यालय पहुंच गए। वहां सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए छात्रों के सामान की सघन तलाशी शुरू की। जांच के दौरान कुछ छात्र नेताओं के बैग से धारदार हथियार बरामद किए गए। जब अधिकारियों ने हथियारों को लेकर सवाल किए, तो वहां मौजूद छात्र नेता अपना पल्ला झाड़ते नजर आए और दावा करने लगे कि यह बैग उनका नहीं बल्कि किसी दूसरे छात्र का है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अधिकारियों का गुस्सा भड़क गया।
डीएसपी की तीखी फटकार और वीडियो फुटेज
हथियार मिलने के बाद डीएसपी गौरी दत्त शंकर ने छात्रों को कड़ी फटकार लगाई और उनके आचरण पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछताछ करते हुए सख्त लहजे में कहा कि क्या कसाई हो तुम, जो इस तरह हथियार लेकर यूनिवर्सिटी में पढ़ने और मर्डर करने आते हो। इस पूरी घटना और पूछताछ का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस अधिकारी छात्रों से जवाब-तलब करते और उन्हें अनुशासन का पाठ पढ़ाते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने पर क्यूआरटी ने सात को दबोचा
कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान कुछ युवकों ने पुलिसकर्मियों के सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की। इसके बाद त्वरित प्रतिक्रिया टीम यानी क्यूआरटी ने तुरंत एक्शन लेते हुए सात युवकों को हिरासत में ले लिया और उन्हें बालूगंज पुलिस थाने पहुंचाया। पकड़े गए युवकों की पहचान इस प्रकार दर्ज की गई है
- मंडी जिले के करसोग निवासी कमलेश, जिनके पिता का नाम लाभ सिंह है।
- सिरमौर जिले के शिलाई निवासी प्रवेश, जिनके पिता फकीर चन्द हैं।
- चम्बा जिले के चूराह निवासी मुकेश, जिनके पिता का नाम सुखदेव है।
- शिमला जिले के ननखड़ी निवासी आशीष, जिनके पिता जोगिन्द्र हैं।
- कुल्लू सदर निवासी किशोर कुमार, जिनके पिता का नाम जीत राम है।
- मंडी जिले के थुनाग निवासी हैप्पी, जिनके पिता वीर सिंह हैं।
- चम्बा जिले के चूराह निवासी चमन, जिनके पिता का नाम सुखदेव है।
जांच प्रक्रिया और कैंपस का तनावपूर्ण माहौल
हिरासत में लिए गए सभी सातों आरोपियों का नियमानुसार चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और उन्हें थाने की हवालात में रखा गया, जिसके बाद उन्हें सक्षम प्राधिकारी के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन लॉ विभाग में हुई हिंसक झड़प और बैग में मिले धारदार हथियारों के पूरे नेटवर्क की तहकीकात कर रहा है। विश्वविद्यालय में सुरक्षा का संकट इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इस घटना से ठीक दो दिन पहले भी कैंपस के भीतर खूनी झड़प हो चुकी थी।























