हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में एक दर्जी को हिरासत में ले लिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए द्वारा राज्य पुलिस को गोपनीय जानकारी साझा किए जाने के बाद हमीरपुर की सदर थाना पुलिस हरकत में आई। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने आरोपी की व्यक्तिगत पहचान उजागर नहीं की है, परंतु उसके डिजिटल संपर्कों और गतिविधियों को लेकर सघन पड़ताल शुरू कर दी गई है।
केंद्रीय एजेंसी से मिला था सतर्कता संदेश
हमीरपुर पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 17 सितंबर को स्थानीय पुलिस प्रशासन को एक औपचारिक शिकायत पत्र भेजा था। इस संदेश में संबंधित व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों और संपर्कों की गहन जांच करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। केंद्रीय इनपुट में आशंका जताई गई थी कि सोशल मीडिया मंचों पर सक्रिय यह युवक किसी देश विरोधी नेटवर्क या संदिग्ध तत्वों से जुड़ा हो सकता है। यह मामला ऑनलाइन माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री साझा करने और गैरकानूनी संगठनों से संबंध रखने के शक से जुड़ा है।
सदर थाने में मामला दर्ज कर देर रात कार्रवाई
केंद्रीय इनपुट और प्राथमिक छानबीन के आधार पर हमीरपुर के सदर थाने में 21 सितंबर को विधिवत मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस दल ने सोमवार देर रात योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस अब संदिग्ध के सभी सोशल मीडिया खातों, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री, ऑनलाइन लेन-देन और सीमा पार से संभावित संपर्कों के रिकॉर्ड्स को बारीकी से खंगाल रही है ताकि उसके पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
उत्तर प्रदेश का निवासी है आरोपी
जांच में सामने आया है कि पकड़ा गया युवक मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पिछले 6 महीने से हमीरपुर शहर में सिलाई का काम कर रहा था। वह दर्जी के पेशे की आड़ में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था। स्थानीय स्तर पर वह शांत रहकर कामकाज कर रहा था, लेकिन उसके ऑनलाइन संपर्कों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए।
किरायेदारों के सत्यापन पर पुलिस का जोर
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह ठाकुर ने पुष्टि की कि सोमवार को संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की कि यदि वे किसी बाहरी राज्य के व्यक्ति को अपनी दुकान या रिहायशी मकान किराये पर देते हैं, तो उसका पूरा पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाएं। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि सतर्कता ही असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने का सबसे प्रभावी तरीका है।
आसपास के इलाकों और पूर्व मामलों से जुड़े तार
जिस गली में आरोपी दर्जी का काम करता था, वहां कई अन्य बाहरी लोग भी ऊंचे किराये पर दुकानें चला रहे हैं। पुलिस अब इस वित्तीय पहलू की भी जांच कर रही है कि इन दुकानों के भारी किराये के लिए धन कहां से जुटाया जा रहा है। इससे पहले भी देश की संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान भेजने के आरोप में हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का मामला विशेष रूप से सुर्खियों में रहा था। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद गंभीरता से ले रही है।





















