राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर पूरी तरह थमने के बाद अब तेज धूप और तीखी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य से मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ते ही दिन के तापमान में जबरदस्त उछाल आया है। पश्चिमी राजस्थान के सरहदी जिलों में हालात ऐसे हो गए हैं कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी लोगों को मई और जून के महीनों जैसी भीषण लू और तपिश का सामना करना पड़ रहा है। रेगिस्तानी इलाकों में पारा लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित नजर आ रहा है।
जैसलमेर रहा राज्य में सबसे गर्म, बीकानेर और बाड़मेर भी तपे
राज्य के मौसम आंकड़ों पर नजर डालें तो पश्चिमी संभागों में गर्मी का प्रकोप सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक दर्ज किया गया। इसके अलावा बीकानेर में दिन का पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस और बाड़मेर में 40.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वातावरण से मानसूनी बादलों के छंटने और आसमान पूरी तरह साफ होने की वजह से तीखी धूप सीधे धरातल को तपा रही है। दिन के समय गर्म थपेड़ों के कारण सड़कों पर आवाजाही बेहद कम देखी जा रही है।
डूंगरपुर में हल्की बूंदाबांदी, सीकर के फतेहपुर में रातें ठंडी
बीते 24 घंटों की मौसमी स्थिति देखें तो पूर्वी राजस्थान के डूंगरपुर जिले में छिटपुट जगहों पर बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई। डूंगरपुर स्थित ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन पर सर्वाधिक 2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई, जबकि पश्चिमी राजस्थान के सभी जिले पूरी तरह सूखे और शुष्क बने रहे। एक तरफ जहां पश्चिमी राजस्थान के शहरों में दिन का पारा झुलसा रहा है, वहीं दूसरी ओर सीकर के फतेहपुर में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम पारे में आई इस गिरावट से शेखावाटी अंचल में सुबह और देर रात के समय हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं से घटी नमी, 3 से 4 दिन शुष्क रहेगा माहौल
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले 3 से 4 दिनों तक अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। इस समय अवधि में कहीं भी व्यापक स्तर पर बारिश होने की कोई गुंजाइश नहीं है। वातावरण में लगातार चल रही उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं की वजह से हवा में मौजूद नमी का स्तर बहुत तेजी से नीचे गिर रहा है। नमी घटने के कारण सौर विकिरण का असर बढ़ गया है, जिससे आने वाले दो-तीन दिनों में कई शहरों के अधिकतम तापमान में और भी बढ़ोतरी होने के आसार हैं। खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में गर्मी का यह दौर और तीखा हो सकता है।
27 सितंबर से बदलेगा रुख, पांच संभागों में हल्की बारिश के संकेत
लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच राहत की खबर यह है कि 27 सितंबर से मौसम के मिजाज में दोबारा आंशिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 27 सितंबर से कोटा, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कुछ सीमित क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कोई भारी मानसूनी तंत्र नहीं होगा, बल्कि सीमित इलाकों में छिटपुट वर्षा की गतिविधियां ही देखने को मिलेंगी। पूरे प्रदेश में एक समान या मूसलाधार बारिश की फिलहाल कोई संभावना नहीं है।
मानसून की विदाई की रफ्तार तेज, अगस्त के सूखे से चिंता
राज्य से मानसून की रवानगी के लिए मौजूदा मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों के भीतर राजस्थान के कुछ और क्षेत्रों से मानसूनी हवाएं पूरी तरह रुखसत हो सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान के बड़े भूभाग में मानसूनी प्रवाह पहले ही थम चुका है और वर्षा की गैर-मौजूदगी तथा बढ़ते पारे के चलते यह विदाई प्रक्रिया और तेज होगी। इस साल अगस्त के महीने में सामान्य से काफी कम बारिश और मानसून की अनियमित चाल के कारण पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में सूखे जैसे हालात रहे हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों और किसानों के सामने पानी तथा फसलों को लेकर चिंता पहले से बनी हुई है।




















