हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित सेशन कोर्ट परिसर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब नशीले पदार्थ की तस्करी का एक आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपी को अदालत में पेशी के लिए लाया गया था। जैसे ही उसे भीतर ले जाने की तैयारी हुई, उसने सुरक्षाकर्मियों की नजर बचाकर अदालत भवन की दूसरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी और तेजी से गायब हो गया। इस गंभीर लापरवाही के सामने आने के तुरंत बाद दो पुलिस जवानों को सस्पेंड कर दिया गया है।
पेट खराब होने का बहाना बनाकर दिया चकमा
जांच विवरण के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी 32 वर्षीय चंद्रवीर कुल्लू का रहने वाला है। उसे फोरलेन पर एक बस की नियमित जांच के दौरान 12.58 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा गया था। मंगलवार सुबह पुलिस की टीम उसे स्वारघाट से बिलासपुर न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर आई थी। जब आरोपी को कोर्ट कक्ष के भीतर बुलाने का समय आया, तो उसने अचानक पुलिसकर्मियों से कहा कि उसे उल्टी आ रही है। इस पर जवान उसे वॉशरूम की तरफ ले जाने लगे। इसी दौरान उसने अचानक मौका पाकर दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी और रफूचक्कर हो गया।
ड्रोन कैमरों से निगरानी और नाकाबंदी
कैदी के भागते ही पुलिस तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया और पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस टीमों ने शहर के मुख्य रास्तों और बस अड्डे की ओर जाने वाले मार्गों पर कड़ी नाकाबंदी कर दी ताकि आरोपी जिले की सीमा से बाहर न निकल सके। फरार कैदी के संभावित छिपने के ठिकानों और संकरी गलियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस गहन तलाशी अभियान में पुलिस की अलग-अलग टुकड़ियों ने आसपास के पूरे इलाके को घेर लिया।
सीवरेज पाइप के पास दोबारा पकड़ा गया
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी डियारा सेक्टर में देखा गया है। जब पुलिस बल वहां पहुंचा, तो चंद्रवीर एक सीवरेज पाइप के समीप छिपकर बैठा हुआ था। घेराबंदी मजबूत होने के कारण आरोपी ज्यादा देर बच नहीं पाया और पुलिस ने उसे वहीं से दोबारा अपनी हिरासत में ले लिया। इस नाटकीय फरारी और गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन सुरक्षा में हुई खामियों और परिस्थितियों की गहन जांच कर रहा है।





















