हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्तों पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार देर शाम सिरमौर जिले में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भयानक सड़क हादसे में तीन लोगों की असमय मौत हो गई, जिनमें एक सरकारी स्कूल की महिला शिक्षिका और एक बुजुर्ग दंपत्ति शामिल हैं। वहीं कार में सवार दंपत्ति का युवा बेटा इस समय अस्पताल में जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को तात्कालिक राहत राशि वितरित कर दी है।
तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार
यह भीषण हादसा सिरमौर जिले के नाहन-कुमारहट्टी-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर सराहां अस्पताल के ठीक नीचे वाले हिस्से में पेश आया। बताया जा रहा है कि रविवार की देर शाम को जब कार इस मार्ग से गुजर रही थी, तभी एक बेहद तीखे मोड़ पर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। कार सड़क के किनारे लगे कंक्रीट के पैराफिट से बहुत तेजी से टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पैराफिट को तोड़ती हुई करीब 150 फीट गहरी खाई में जा गिरी। पच्छाद पुलिस को जैसे ही इस हादसे की सूचना मिली, पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया।
मृतकों और घायलों की दुखद पहचान
पुलिस के अनुसार, इस दुर्घटनाग्रस्त कार में कुल चार लोग सवार थे। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान सराहां निवासी 65 वर्षीय अधिकारी जेटली (पुत्र रमाकांत) और घरगौण पलाशो की रहने वाली 48 वर्षीय रीना शर्मा के रूप में हुई है। रीना शर्मा स्थानीय सरकारी स्कूल में अध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं और रामलाल शर्मा की पत्नी थीं। हादसे में गंभीर रूप से घायल अधिकारी जेटली की 60 वर्षीय पत्नी उर्मिल जेटली को प्राथमिक उपचार के बाद सराहां अस्पताल से नाहन स्थित मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था, लेकिन बदकिस्मती से उन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। इस हादसे में दंपत्ति का 33 वर्षीय बेटा यशस्वी जेटली गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे इलाज के लिए नाहन के डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और अंतरिम सहायता
राजगढ़ के DSP वीसी नेगी ने इस दुखद कार दुर्घटना में तीन मौतों और एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि की है। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। पच्छाद की SDM डॉ. प्रियंका चंद्र ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए तुरंत राहत राशि जारी करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही, अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे घायल यशस्वी जेटली के इलाज के लिए तात्कालिक रूप से 5,000 रुपये की फौरी राहत राशि मंजूर की गई है। पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा, जिसके बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुट गई है।











