केरल के वायनाड में हुई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद से लापता हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा स्थित फतेहपुर उपमंडल के टकोली घिरथा गांव के रहने वाले इंजीनियर विक्रम सिंह राणा का शव आखिरकार बरामद कर लिया गया है। हादसे के छह दिन बाद मिली इस दुखद खबर ने पूरे इलाके में मातम फैला दिया है। विक्रम सिंह राणा डीबीएल कंपनी में कार्यरत थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर को सोमवार तक पैतृक गांव पहुंचाए जाने की पूरी उम्मीद है।
सर्च ऑपरेशन का समापन
विक्रम सिंह राणा सात जुलाई को वायनाड में आए विनाशकारी भूस्खलन के बाद से लापता थे। उनकी खोज के लिए उनके भाई कुलवंत सिंह और प्रमोद राणा आठ जुलाई को ही केरल पहुंच गए थे। केरल प्रशासन और बचाव दलों द्वारा चलाए गए लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद रविवार दोपहर को उनका शव मलबे से निकाला गया। वर्तमान में शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, जिसके बाद इसे हिमाचल भेजा जाएगा।
पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया
विक्रम के भाई प्रमोद राणा ने कठिन समय में मिले सहयोग के लिए केरल सरकार, वहां के स्थानीय प्रशासन, रेस्क्यू टीम और आम नागरिकों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केरल की धरती पर उन्हें मानवता का वास्तविक रूप देखने को मिला। उनके अनुसार, जिस तरह से वहां के लोगों ने इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार का साथ दिया, उसे वे जीवन भर नहीं भूल पाएंगे।
हिमाचल के दो युवाओं ने गंवाई जान
इस घटना से टकोली घिरथा और संपूर्ण फतेहपुर क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। लोग दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस आपदा में हिमाचल के एक अन्य युवा की भी जान गई है। मंडी जिले के रिवालसर निवासी राहुल, जो वहां ट्विन टनल निर्माण में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे, की भी भूस्खलन में मृत्यु हो गई थी। उनका शव दुर्घटना के तीसरे दिन मिला था। राहुल की शादी महज चार महीने पहले ही हुई थी।











