हरियाणा के पानीपत जिले के नांगल खेड़ी गांव में हुए राहुल मलिक हत्याकांड की गुत्थी सुलझने के बाद कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस की अब तक की तहकीकात में यह बात साफ हो गई है कि इस सनसनीखेज वारदात के पीछे मृतक के दोस्त साहिल का ही मुख्य दिमाग था। राहुल और साहिल के बीच किसी पुरानी आपसी दुश्मनी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन साहिल मन ही मन राहुल से जलता था। गौर करने वाली बात यह भी है कि साहिल भी अमेरिका से डिपोर्ट होकर वापस लौटा था और उसकी अगली योजना किसी तरह यूरोप जाने की थी।
षड्यंत्र और वीडियो बनाने का खेल
जांच में यह बात भी उजागर हुई है कि वारदात को अंजाम देने के बाद साहिल ने खुद को कानूनी शिकंजे से बचाने और कानून की नजर में सरकारी गवाह बनने की एक चाल चली थी। उसने ऐसी परिस्थितियां जानबूझकर रचीं ताकि उसका नाम सीधे तौर पर हत्यारों में शामिल न हो सके। साहिल ने घटना के तुरंत बाद घटनास्थल पर अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया और इसके बाद वह खुद चलकर थाने पहुंच गया जहां उसने एक बार फिर वीडियो बनवाई। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन वीडियो के जरिए वह यह साबित करना चाहता था कि इस पूरी घटना से उसका कोई लेना-देना नहीं है और वह मौके पर सिर्फ एक गवाह के रूप में मौजूद था।
शराब के नशे में हुआ विवाद और डेढ़ घंटे का संघर्ष
घटना की रात की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने बताया कि इस खूनी संघर्ष की शुरुआत शराब के नशे में राहुल और आर्यन के बीच हुई तीखी नोकझोंक से हुई थी। मामूली बात पर शुरू हुई बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इसी हाथापाई के दौरान राहुल ने अपने पास रखा चाकू निकालकर हमला कर दिया, जिसके बाद आर्यन ने उसे दबोच लिया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि राहुल की जान चली गई। पुलिस की पड़ताल के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बाद राहुल लगभग डेढ़ घंटे तक दर्द से तड़पता रहा। इस दौरान उसे बचाने के प्रयास भी किए गए, लेकिन समय पर चिकित्सीय सहायता या अस्पताल न पहुंच पाने के कारण उसकी मौत हो गई।
नौकर और ग्रामीण की बीच-बचाव की कोशिशें
झगड़े के दौरान बीच-बचाव के प्रयास भी नाकाम साबित हुए। पुलिस जांच बताती है कि जब विवाद शुरू हुआ तो वहां मौजूद नौकर ने राहुल और आर्यन को अलग करने की पूरी कोशिश की। इस खींचतान के दौरान नौकर नितेश के हाथ में चाकू लग गया और वह घायल होकर मौके से बाहर चला गया। उसके वहां से जाने के बाद घटनास्थल पर केवल राहुल, आर्यन, साहिल और गांव के ही सुरेंद्र बचे। सुरेंद्र ने भी झगड़ा शांत कराने का प्रयास किया था, लेकिन वह अत्यधिक शराब के नशे में होने के कारण स्थिति को संभाल नहीं पाया और विवाद खूनी रूप ले बैठा।
डंकी रूट से अमेरिका से डिपोर्ट हुए थे दोस्त
यह पूरी घटना 20 अक्तूबर को दशहरा की रात को नांगल खेड़ी गांव में घटी थी। इस मामले में सेक्टर-29 थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साहिल और आर्यन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके। हैरानी की बात यह है कि राहुल, साहिल और आर्यन तीनों बचपन के पक्के दोस्त थे। दशहरा की उस रात शराब पार्टी के दौरान उपजे विवाद ने उनकी दोस्ती को खत्म कर दिया। इसके अलावा, राहुल और आर्यन दोनों अवैध रूप से डंकी रूट का इस्तेमाल करके अमेरिका गए थे, जहां से अमेरिकी प्रशासन ने उन्हें डिपोर्ट कर दिया था। वतन वापसी के बाद ये सभी एक बार फिर साथ रहने लगे थे, जो अंततः इस बड़ी त्रासदी पर आकर खत्म हुआ।
























