हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई है। शिमला जिले की चौपाल तहसील के अंतर्गत एक वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस गाड़ी में एक सरकारी स्कूल के छात्र सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। इस भयावह हादसे में एक स्कूली बच्ची की जान चली गई, जबकि कई अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
झड़ी गांव के पास हुआ हादसा
यह दुखद घटना बृहस्पतिवार शाम करीब 5:30 बजे झड़ी गांव के समीप घटी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, फॉर्च्यूनर एसयूवी गाड़ी का चालक अचानक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। इसके चलते गाड़ी सड़क से फिसलकर सीधे लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा समाई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की एक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू करते हुए गाड़ी में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। सभी घायलों को फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया ताकि उनका तुरंत इलाज शुरू किया जा सके।
मृतक और घायलों की पहचान
इस दुर्घटना में जान गंवाने वाली बच्ची की पहचान 11 वर्षीय साक्षी के रूप में हुई है, जो चौपाल क्षेत्र के शांठा गांव की रहने वाली थी। इसके अलावा हादसे में घायल होने वाले अन्य सात छात्रों की पहचान भी सामने आई है। घायलों में स्नेहा, अंकित, अंशुल, हेमंत, वंश, हार्दिक और रियांश शामिल हैं। ये सभी बच्चे राजकीय स्कूल देवत में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे और छुट्टी के बाद इसी गाड़ी से अपने घर वापस लौट रहे थे। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है और शोक की लहर दौड़ गई है। शिमला के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्रशासनिक सहायता और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी
हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर सहायता पहुंचाई गई। चौपाल के उपमंडल दंडाधिकारी हेमचंद वर्मा ने खुद मौके पर पहुंचकर मृतक छात्रा के परिजनों को 20 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक मदद दी। इसके साथ ही प्रत्येक घायल बच्चे के परिवार को 5-5 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। हालांकि, इस घटना के दौरान स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल भी खुल गई। चौपाल के सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जब बच्चों को आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया, तो वहां एक्स-रे की सुविधा नहीं मिल पाई। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब घायलों को ले जाने के लिए समय पर एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं हो सकी। मजबूरन बच्चों को निजी वाहनों के जरिए शिमला भेजना पड़ा। जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने आगे आकर अपने निजी वाहन से कुछ घायल बच्चों को शिमला पहुंचाया।



















