हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से गुजरने वाले कीरतपुर-मनाली फोरलेन प्रोजेक्ट को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पंडोह बायपास टकोली प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाली दयोड़ से हणोगी तक की सुरंगे अब से ठीक दस दिन बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दी जाएंगी। इस मार्ग के शुरू हो जाने से कुल्लू और मनाली की यात्रा करने वाले पर्यटकों और आम चालकों को सुगम रास्ता तो मिलेगा ही, साथ ही उन्हें सफर के दौरान जान जोखिम में डालने वाले खतरनाक हाईवे से भी पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा।
पहाड़ी दरकने से हुआ था सुरम़गों को नुकसान
प्राप्त जानकारी के मुताबिक दयोड़ से हणोगी के बीच स्थित इन सुरंगों का निर्माण कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया था। हालांकि हणोगी के पास लगातार खिसक रही और दरक रही पहाड़ी के कारण इन सुरंगों के हिस्सों को काफी ज्यादा क्षति उठानी पड़ी थी। इस क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई ने पचास करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट का आवंटन किया था। इसके बाद इस महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी गावर कंपनी को सौंपी गई थी।
भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के जिम्मे है काम
सुरंग निर्माण और इंजीनियरिंग में विशेष विशेषज्ञता रखने वाली भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के सहयोग से गावर कंपनी इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहना रही है। वर्तमान समय में यह मरम्मत और फिनिशिंग का कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। योजना के मुताबिक अगले दस दिनों के भीतर इस मार्ग को ट्रायल के तौर पर गाड़ियों के संचालन के लिए खोल दिया जाएगा।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने दिए काम में तेजी लाने के निर्देश
नेशनल हाईवे अथॉरिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित निर्माण कंपनी को सात से दस दिनों की समयसीमा के भीतर एक सुरंग का काम पूरी तरह से समाप्त करके उसे यातायात के लिए सुचारू करने के स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। शुरुआती चरण में सिर्फ एक ही सुरंग के माध्यम से दोनों तरफ का ट्रैफिक संचालित किया जाएगा। वहीं आने वाले समय में दूसरी सुरंग के बचे हुए कार्य को भी युद्धस्तर पर पूरा करवाकर दोनों को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा ताकि यातायात और अधिक सुगम हो सके。
अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव से पहले मिलेगी सौगात
गौरतलब है कि बीस अक्टूबर से कुल्लू जिले में प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का भव्य आगाज होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्व को देखने के लिए देश के कोने-कोने के साथ-साथ विदेशों से भी लाखों सैलानी कुल्लू पहुंचते हैं। यही वजह है कि एनएचएआई और प्रशासन की पूरी कोशिश है कि इस बड़े उत्सव के शुरू होने से पहले ही लोगों को आधुनिक और सुरक्षित यातायात सुविधा मुहैया करा दी जाए, ताकि कुल्लू-मनाली आने-जाने वाले किसी भी यात्री को जाम या अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़े।



















