हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक जाने-माने होटल कारोबारी के घर हुई डेढ़ करोड़ रुपये की सनसनीखेज चोरी की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने चार लोगों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। सदर थाना शिमला की जांच टीम ने उत्तराखंड से इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया है। इस पूरी वारदात में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब सामने आया, जब चोरी का माल लेकर भाग रहे आरोपियों को पकड़कर आधा हिस्सा खुद रखने वाले एक आबकारी निरीक्षक को भी इस अपराध में संलिप्त पाया गया। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने अब तक चोरी हुए कुल सामान का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है, जबकि शेष माल और मामले से जुड़े अन्य चेहरों की तलाश जारी है।
सफाईकर्मी के तौर पर रखी गई युवती ने दिया वारदात को अंजाम
यह पूरी वारदात शिमला के प्रतिष्ठित बालजीस होटल और रेस्टोरेंट के मालिक के आवास पर घटित हुई थी। कारोबारी के परिवार ने घटना से ठीक 10 दिन पहले ही घर के कामकाज और साफ-सफाई के लिए एक युवती को नौकरी पर रखा था। घरेलू सहायिका ने मौका पाते ही घर में रखे कीमती गहनों और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। 8 सितंबर 2026 को सदर थाना शिमला में दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत में बताया गया था कि सुबह के समय जब परिजन उठे, तो कमरे की अलमारियां खुली पड़ी थीं और सारा सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। जब घर के सदस्यों ने बारीकी से पड़ताल की, तो वहां रखी तमाम ज्वेलरी और नकदी गायब थी, जिसकी कुल कीमत एक करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी गई थी।
उत्तराखंड के रुद्रपुर में संयुक्त दबिश देकर चार आरोपियों को दबोचा
शिमला की एएसपी मेहर कंवर के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, निगरानी और जमीनी सुरागों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया। सुराग मिलने के बाद सदर थाना शिमला की पुलिस टीम ने ऊधम सिंह नगर की स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर एक संयुक्त अभियान छेड़ा। दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर उत्तराखंड के रुद्रपुर इलाके में घेराबंदी की और चार आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान 56 वर्षीय देवेन्द्र कुमार निवासी रामनगर, उत्तराखंड, 58 वर्षीय पप्पु लाल निवासी ऊधम सिंह नगर, 35 वर्षीय बलजीत सिंह निवासी ऊधम सिंह नगर और 36 वर्षीय नईम निवासी ऊधम सिंह नगर के रूप में की गई है।
चोरी का माल आधा रखकर आरोपियों को छोड़ने वाला आबकारी इंस्पेक्टर निलंबित
जांच में सामने आया कि जब आरोपी आभूषण और अन्य कीमती सामान गाड़ी में लादकर उत्तराखंड की ओर भाग रहे थे, तब रुद्रपुर में आबकारी विभाग की एक टीम ने उनकी गाड़ी रोकी और तलाशी ली। इस दौरान आबकारी इंस्पेक्टर देवेन्द्र कुमार ने गाड़ी में भारी मात्रा में चोरी का सामान देखा, लेकिन उसने आरोपियों को पुलिस के हवाले करने के बजाय उनसे आधा माल अपने पास रख लिया और उन्हें मौके से जाने दिया। पुलिस ने जब पूरे गठजोड़ का खुलासा किया, तो देवेन्द्र कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया और संबंधित विभाग ने उसे सेवा से निलंबित कर दिया है।
अस्सी फीसदी सामान बरामद और घरेलू सहायकों के सत्यापन की कड़ी चेतावनी
एएसपी मेहर कंवर ने जानकारी दी कि अब तक चोरी की गई पूरी संपत्ति में से लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बरामद किया जा चुका है, जिसमें बड़ी तादाद में सोने के आभूषण और अन्य बहुमूल्य सामान शामिल हैं। पुलिस अब बाकी बचे 20 प्रतिशत सामान की बरामदगी और इस साजिश में शामिल अन्य फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। एएसपी ने स्पष्ट किया है कि घरों, दुकानों, दफ्तरों या किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में घरेलू सहायकों अथवा कर्मचारियों को काम पर रखने से पहले उनका पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए। लोगों को सलाह दी गई है कि वे कर्मचारियों का स्थायी पता, मूल पहचान पत्र और पिछले कार्यस्थलों का पूरा विवरण सत्यापित कराने के बाद ही उन्हें काम पर रखें।





















