दक्षिण भारत के खूबसूरत पहाड़ी इलाकों की सैर करने के शौकीन पर्यटकों के लिए एक शानदार मौका सामने आया है। तमिलनाडु में स्थित ऊटी को पहाड़ों की रानी के तौर पर जाना जाता है, जो समुद्र तल से लगभग 2,240 मीटर की ऊंचाई पर नीलगिरि की पहाड़ियों के बीच आबाद है। यहां के चाय के बागान, हरी-भरी वादियां और शांत झीलें हर साल लाखों सैलानियों को अपनी ओर खींचती हैं। नीलगिरि का शाब्दिक अर्थ नीले पहाड़ होता है, और इसके साथ जब कुन्नूर की खूबसूरती भी जुड़ जाती है, तो यात्रा का अनुभव और भी ज्यादा सुहाना हो जाता है।
यदि आप चेन्नई से अपनी छुट्टियों की योजना बना रहे हैं, तो आईआरसीटीसी टूरिज्म के इस खास चार रात और पांच दिन के टूर पैकेज के जरिए ऊटी और कुन्नूर घूम सकते हैं। इस पूरी यात्रा की शुरुआती कीमत 10,280 रुपये रखी गई है, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए काफी सुलभ हो जाती है। इस पैकेज के तहत यात्रियों को कई बेहतरीन जगहों पर घूमने का अवसर मिलेगा, जिससे सफर यादगार बन जाएगा।
इस यात्रा की शुरुआत चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से की जाएगी, जहां से यात्रियों को रात 9:05 बजे नीलगिरि एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होना होगा। ट्रेन से पूरी रात सफर करने के बाद अगले दिन सुबह 6:20 बजे मेट्टुपालयम रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। वहां से सड़क के रास्ते सैलानियों को ऊटी ले जाया जाएगा। होटल में ठहरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डोड्डाबेट्टा पीक और टी म्यूजियम देखने का मौका मिलेगा, जिसके बाद ऊटी लेक और बॉटनिकल गार्डन की सैर की जा सकती है।
पायकारा वॉटरफॉल और मुदुमलाई का रोमांचक सफर
यात्रा के दूसरे दिन ऊटी के आसपास के प्राकृतिक स्थलों को देखने का कार्यक्रम तय किया गया है। इस दिन पर्यटक पायकारा वॉटरफॉल और पायकारा झील की खूबसूरती का आनंद ले सकेंगे। इसके बाद का सफर मुदुमलाई वाइल्डलाइफ सेंचुरी की तरफ बढ़ेगा, जहां हाथी कैंप और जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव लिया जा सकता है। प्रकृति और वन्यजीवों को करीब से देखने का यह बेहतरीन अवसर साबित होता है, और शाम को वापस ऊटी लौटकर होटल में विश्राम किया जाता है।
कुन्नूर की हसीन वादियों की सैर और ट्रेन यात्रा
चौथे दिन सुबह होटल से कमरा खाली करके कुन्नूर की ओर प्रस्थान करना होता है। इस दौरान सिम्स पार्क, लैम्ब्स रॉक और डॉल्फिन्स नोज जैसे प्रसिद्ध स्थलों की यात्रा करने का अवसर मिलता है। सिम्स पार्क अपने अनूठे पौधों और हरियाली के लिए मशहूर है, जबकि लैम्ब्स रॉक और डॉल्फिन्स नोज से पहाड़ियों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। इस सफर को और अधिक यादगार बनाने के लिए पर्यटक ऊटी से कुन्नूर के बीच चलने वाली नीलगिरि पैसेंजर ट्रेन का विकल्प भी चुन सकते हैं, जो पहाड़ियों के बीच से गुजरती है। इसके बाद सड़क मार्ग से मेट्टुपालयम पहुंचकर रात 9:20 बजे चेन्नई के लिए नीलगिरि एक्सप्रेस पकड़नी होती है। रविवार की रात ट्रेन से रवाना होने के बाद सोमवार सुबह लगभग 6:25 बजे चेन्नई सेंट्रल वापसी हो जाती है, जिससे पांच दिनों का यह सुंदर सफर पूरा हो जाता है।
टूर पैकेज में शामिल और अनछुए खर्च
आईआरसीटीसी के इस टूर पैकेज में ट्रेन आने-जाने के लिए स्लीपर क्लास का टिकट, ऊटी में दो रातों के लिए नॉन-एसी होटल में ठहरने की व्यवस्था, एसी रोड ट्रांसपोर्ट, तयशुदा जगहों की सैर, ट्रैवल इंश्योरेंस और जीएसटी शामिल हैं। हालांकि, मुदुमलाई की जंगल सफारी, विभिन्न स्थलों पर लगने वाली एंट्री फीस और खान-पान का खर्च इस पैकेज में शामिल नहीं है, जिसका भुगतान यात्रियों को खुद करना होगा। इस यात्रा से जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आधिकारिक आईआरसीटीसी टूरिज्म की वेबसाइट पर विजिट किया जा सकता है।



















