मशहूर साइंस फिक्शन फ्रेंचाइजी 'स्टारगेट' एक बार फिर छोटे पर्दे पर धमाकेदार वापसी के लिए तैयार हो रही है। इस बार कमान सौंपी गई है चर्चित शो 'वांडाविज़न' की क्रिएटर जैक शेफ़र को, जो प्राइम वीडियो के लिए एक बिल्कुल नई 'स्टारगेट' सीरीज विकसित कर रही हैं। जैक शेफ़र का अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज के साथ एक ओवरऑल करार है, जिसके तहत वह इस लोकप्रिय कहानी को नए दर्शकों के सामने लाने की योजना बना रही हैं।
राइटर्स रूम और प्रोडक्शन टीम
इस प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही एक राइटर्स रूम शुरू होने की उम्मीद जताई गई है। प्रोडक्शन की जिम्मेदारी में भी कई बड़े नाम शामिल किए गए हैं। 'ओबी-वान केनोबी' फेम जोबी हेरोल्ड और 'मोनार्क: लेगेसी ऑफ मॉन्स्टर्स' से जुड़ीं टोरी टनेल इस आगामी सीरीज के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर काम करेंगे। हालांकि कहानी किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इसको लेकर अभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी गई हैं। यह भी साफ नहीं है कि क्या यह नई सीरीज 1994 में आई कर्ट रसेल की मूल फिल्म, या फिर 'स्टारगेट एसजी-1', 'स्टारगेट: अटलांटिस' और 'स्टारगेट: यूनिवर्स' जैसे पिछले शोज की पुरानी टाइमलाइन से जुड़ेगी या एक नए सिरे से शुरुआत करेगी।
पिछले प्रोजेक्ट के रद्द होने के बाद नया फैसला
इस फ्रेंचाइजी को दोबारा शुरू करने की कोशिश पहले भी हुई थी। पिछले नवंबर में फ्रेंचाइजी से लंबे समय से जुड़े और 'ब्लाइंडस्पॉट' के क्रिएटर मार्टिन गेरो के साथ एक नई सीरीज की घोषणा की गई थी। हालांकि वह प्रोजेक्ट ज्यादा दिन नहीं टिक पाया और महज सात महीने बाद ही उसे अचानक बंद कर दिया गया था। अब जैक शेफ़र के जुड़ने से इस प्रोजेक्ट को नई दिशा और रफ्तार मिलती दिख रही है।
साइंस फिक्शन शोज के दौर में 'स्टारगेट' का महत्व
टेलीविजन की दुनिया में इस समय साइंस फिक्शन कंटेंट को काफी पसंद किया जा रहा है। हाल के दिनों में 'एलियन: अर्थ', 'द एक्सपेंस', 'फाउंडेशन', 'साइलो', '3 बॉडी प्रॉब्लम' और 'स्टार ट्रेक: स्ट्रेंज न्यू वर्ल्ड्स' जैसे शोज ने दर्शकों के बीच एक मजबूत जगह बनाई है। ऐसे माहौल में करीब 16 साल तक हाशिए पर रहने के बाद 'स्टारगेट' के मशहूर रिंग के आकार वाले पोर्टल को दोबारा स्क्रीन पर देखना दर्शकों के लिए एक बड़ा अनुभव हो सकता है। जैक शेफ़र ने इससे पहले मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स के तहत 'वांडाविज़न' और 'अगाथा ऑल अलोंग' जैसे सफल शोज तैयार किए हैं, जिसने इस शैली में उनकी पकड़ को पहले ही साबित कर दिया है।


















