हैदराबाद में सात मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढही, मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौतवैभव सूर्यवंशी के सामने लाल गेंद का नया इम्तिहान, कोच ने दिया 300 गेंदों का बड़ा चैलेंजराजस्थान में शिक्षा का हाल बेहाल, 611 स्कूलों के पास भवन नहीं तो हजारों में नहीं हैं शौचालयबिलासपुर में सजी राखी की दुकानें, बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए फैंसी वैरायटी की बहारपुणे में राहुल गांधी का छात्रों की गूंज सम्मेलन, महिलाओं की भागीदारी और राजनीतिक पाराअमित शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर बुलाई हाई-लेवल समीक्षा बैठकबिलासपुर में सावन सुंदरी उत्सव का जलवा, हरे लिबास और पारंपरिक पकवानों के साथ महिलाओं ने मनाया जश्नगुजरात के कच्छ में कबाड़ उतारते वक्त फटा गाड़ी का डीजल टैंक, दो मासूमों समेत चार लोगों की मौतचंदौली में कुएं से खराब पंप निकालने उतरे चार लोगों में से तीन की मौत, एक अस्पताल में भर्तीगोविंदा की तबीयत को लेकर फैंस की बढ़ी चिंता, मुंबई के अस्पताल के बाहर उदास दिखे अभिनेता
कंबोडिया और मलेशिया से चल रहा डिजिटल अरेस्ट का खतरनाक खेल, कॉर्पोरेट स्टाइल में ठगे जा रहे करोड़ों रुपयेपड़ताल
8 जुल॰ 2026, 5:27 pm (45 दिन पहले)· 2

कंबोडिया और मलेशिया से चल रहा डिजिटल अरेस्ट का खतरनाक खेल, कॉर्पोरेट स्टाइल में ठगे जा रहे करोड़ों रुपये

दक्षिण-पूर्व एशिया से संचालित होने वाले एक संगठित साइबर ठगी रैकेट ने भारत में कई लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूली है।

दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से संचालित होने वाला एक बेहद संगठित और कॉर्पोरेट शैली का नेटवर्क बड़े पैमाने पर डिजिटल अरेस्ट यानी डिजिटल गिरफ्तारी के घोटालों को अंजाम दे रहा है। यह सिंडिकेट भारत, अमेरिका और चीन सहित दुनिया भर के मासूम लोगों को अपना निशाना बना रहा है। यह अवैध उद्योग बिल्कुल किसी वैध बहुराष्ट्रीय कंपनी की तरह काम करता है, जिसमें एचआर टीमें, व्यवस्थित भर्ती और प्रशिक्षण कार्यक्रम, निर्धारित लक्ष्य और प्रोत्साहन के साथ नियमित वेतन भी शामिल है।

भारतीय पीड़ितों से करोड़ो की ठगी

इन संगठित ठगों द्वारा मचाई गई तबाही का वित्तीय आंकड़ा चौंकाने वाला है। पिछले 11 महीनों के दौरान, इन साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर कई भारतीय नागरिकों से बड़ी रकम वसूली है। इनमें मुंबई के एक व्यवसायी से 58 करोड़ रुपये, दिल्ली की एक बुजुर्ग महिला से 20 करोड़ रुपये और गांधीनगर के एक डॉक्टर से 19 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं। इन पीड़ितों को डरा-धमकाकर उनकी जीवन भर की कमाई लूट ली गई।

ये भी पढ़ें

कंबोडिया और मलेशिया के सुरक्षित ठिकानों का भंडाफोड़

इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए 55 दिनों तक एक गहन अंडरकवर अभियान चलाया गया। यह अभियान मुंबई से शुरू होकर कंबोडिया और मलेशिया तक पहुंचा, जो इन दिनों साइबर अपराधों के सबसे बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। इस खुफिया जांच के दौरान गुप्त कैमरों की मदद से ठगी नेटवर्क से जुड़े लोगों की संदिग्ध गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया। इतना ही नहीं, कंबोडिया और मलेशिया में सक्रिय पाकिस्तानी एजेंटों के साथ बातचीत करके उनके पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।

हवाई अड्डे से लेकर सुरक्षित ठिकानों तक का जाल

इस जांच से पता चला है कि यह अवैध धंधा हवाई अड्डे पर आगमन से लेकर भारी सुरक्षा वाले ठिकानों तक बेहद योजनाबद्ध तरीके से चलाया जाता है। इन साइबर ठिकानों को कड़े पहरे में रखा जाता है ताकि कोई भी जानकारी बाहर न जा सके। इस वैश्विक रंगदारी नेटवर्क का खुलासा करने वाली यह विस्तृत जांच रिपोर्ट दो हिस्सों में 9 जुलाई और 10 जुलाई को जारी की गई है।

सवाल-जवाब

डिजिटल अरेस्ट ठगी क्या है?
यह एक ऐसी ऑनलाइन धोखाधड़ी है जहां ठग खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ितों को डराते हैं और डिजिटल रूप से बंधक बनाकर उनसे पैसे वसूलते हैं।
प्रमुख मामलों में पीड़ितों ने कितनी रकम गंवाई है?
पिछले 11 महीनों में मुंबई के एक व्यवसायी ने 58 करोड़ रुपये, दिल्ली की एक बुजुर्ग महिला ने 20 करोड़ रुपये और गांधीनगर के एक डॉक्टर ने 19 करोड़ रुपये गंवाए हैं।
इस ठगी नेटवर्क के मुख्य केंद्र कहां स्थित हैं?
इस धोखाधड़ी नेटवर्क के मुख्य परिचालन केंद्र मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे कंबोडिया और मलेशिया में स्थित हैं।
यह ठगी नेटवर्क किसी कॉर्पोरेट व्यवसाय की तरह कैसे काम करता है?
इस नेटवर्क में व्यवस्थित एचआर टीमें, संगठित भर्ती और प्रशिक्षण कार्यक्रम, निश्चित लक्ष्य और वेतन के साथ-साथ प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।
इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने वाले अंडरकवर ऑपरेशन में कितना समय लगा?
इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए मुंबई से लेकर कंबोडिया और मलेशिया तक 55 दिनों का गहन अंडरकवर ऑपरेशन चलाया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR