कश्मीर घाटी तक पहुंचना अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और आसान होने जा रहा है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में जानकारी दी कि कटरा और श्रीनगर के बीच एक 4 लेन का हाई स्पीड कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है. उनके मुताबिक अभी इन दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में यात्रियों को करीब 6 घंटे लगते हैं, लेकिन यह नया रास्ता बन जाने के बाद यही सफर महज 3 घंटे में पूरा हो जाएगा. यानी आधे दिन जितना लगने वाला रास्ता आधा रह जाएगा.
12 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट, सबसे छोटा रास्ता
इस पूरी परियोजना पर करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. गडकरी का दावा है कि काम पूरा होने के बाद यह कॉरिडोर कश्मीर घाटी तक जाने वाला सबसे तेज और सबसे छोटा रास्ता बन जाएगा. फिलहाल 125 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम चल रहा है. इसी रिपोर्ट के आधार पर हाईवे का अंतिम रूट, उसका डिजाइन, निर्माण का तरीका, पर्यावरण पर पड़ने वाला असर और दूसरी जरूरी बातें तय होंगी. एक बार डीपीआर को मंजूरी मिल जाने के बाद निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा.
आवाजाही आसान, हर मौसम में खुला रास्ता
गडकरी के अनुसार श्रीनगर से कटरा के बीच बनने वाले इस हाई स्पीड कॉरिडोर के बाद लोगों का आना-जाना बेहद सुविधाजनक हो जाएगा. यह अब तक का सबसे तेज रूट साबित होगा, जिससे न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि उसमें लगने वाला समय भी काफी घट जाएगा. उन्होंने बताया कि कॉरिडोर बन जाने के बाद घाटी तक हर मौसम में आवाजाही बेहतर बनी रहेगी, जो पहाड़ी इलाकों के लिए एक बड़ी राहत है.
घाटी की अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा सहारा
इस कॉरिडोर का असर सिर्फ सफर तक सीमित नहीं रहेगा. गडकरी ने बताया कि इसके चालू होते ही कश्मीर घाटी में पर्यटन में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. टूरिज्म, होटल कारोबार, ट्रांसपोर्ट सेवाएं और स्थानीय बाजार, इन सबका विस्तार होगा. इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और ग्रोथ को भी रफ्तार मिलेगी. घाटी के जो लोग अपनी आमदनी के लिए पूरी तरह पर्यटन पर ही टिके हैं, उन्हें ज्यादा कमाई के मौके मिलेंगे. साथ ही रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे और आर्थिक गतिविधियों को सीधा सहारा मिलेगा.
25 में से 20 सुरंगें तैयार, 70 किलोमीटर घटेगी दूरी
गडकरी ने बताया कि श्रीनगर से जम्मू और कटरा के बीच की दूरी सिर्फ 3 घंटे में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया था और इसे काफी हद तक हासिल भी कर लिया गया है. इस कॉरिडोर के लिए कुल 25 सुरंगें बनाई जानी हैं, जिनमें से 20 सुरंगें बनकर तैयार हो चुकी हैं. इन सुरंगों के बन जाने से रास्ते की दूरी करीब 70 किलोमीटर तक कम हो सकेगी, जिससे सफर छोटा भी होगा और आसान भी. उन्होंने यह भी बताया कि इस हाईवे पर अब 9 घंटे के बजाय सिर्फ 4 घंटे का समय लगेगा.
श्रीनगर से लद्दाख तक भी बनेगा हाई स्पीड कॉरिडोर
सरकार की योजना सिर्फ कटरा-श्रीनगर तक सीमित नहीं है. श्रीनगर से लद्दाख जाने के लिए भी एक हाई स्पीड कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है, जिस पर करीब 18 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. गडकरी ने कहा कि जोजिला में सुरंग बन जाने के बाद इस रास्ते पर आवाजाही और आसान हो जाएगी. यह सुरंग कारगिल और लेह के बीच की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी. उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को सुगम और बेहतर बनाने के मकसद से सड़क कनेक्टिविटी पर करीब 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
50 हजार करोड़ की 4 परियोजनाएं पहले से जारी
जम्मू-कश्मीर में फिलहाल 50 हजार करोड़ रुपये की 4 हाई स्पीड कॉरिडोर परियोजनाओं पर काम चल रहा है. इनमें जम्मू-ऊधमपुर-श्रीनगर, जम्मू-चेनानी-अनंतनाग, श्रीनगर-बारामूला-उरी और जम्मू-अखनूर कॉरिडोर शामिल हैं. इन सभी के पूरा हो जाने के बाद प्रदेश की ज्यादातर जगहों तक पहुंचना आसान हो जाएगा. गडकरी का कहना है कि राज्य के हर पर्यटन इलाके तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी पहुंचाना ही सरकार का असली लक्ष्य है.













