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जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश से चिनाब उफान पर, सलाल बांध के सारे फाटक खोलने पड़ेजम्मू-कश्मीर
7 घंटे पहले· 0

जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश से चिनाब उफान पर, सलाल बांध के सारे फाटक खोलने पड़े

रियासी में लगातार बारिश के बाद चिनाब नदी और सलाल बांध के जलाशय का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया, जिसके बाद मंगलवार को बांध के सभी गेट खोलने पड़े। राजौरी में भी भारी बारिश के बीच प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

जम्मू-कश्मीर के रियासी और राजौरी जिलों में मंगलवार को हुई तेज बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। रियासी में चिनाब नदी का जलस्तर इतनी तेजी से चढ़ा कि सलाल बांध का जलाशय भर गया, जिसके बाद अधिकारियों को बांध के सभी फाटक खोलने पड़े ताकि पानी का दबाव कम किया जा सके और जलाशय की सुरक्षा बनी रहे।

रियासी में जलस्तर बढ़ने से बांध के सभी गेट खुले

पिछले कई घंटों से रियासी इलाके में रुक-रुककर नहीं बल्कि लगातार तेज बारिश हो रही थी। इस वजह से पहाड़ों से चिनाब नदी में पानी की आवक अचानक कई गुना बढ़ गई और देखते ही देखते सलाल बांध के जलाशय का स्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा। स्थिति संभालने के लिए मंगलवार को बांध प्रबंधन ने एक साथ सभी गेट खोलने का फैसला लिया, जिससे ज्यादा पानी नदी में नियंत्रित ढंग से बहाया जा सके। गेट खुलते ही चिनाब नदी में पानी की मात्रा और उसकी रफ्तार दोनों में बड़ा उछाल देखने को मिला, और नदी पूरी तरह उफान पर आ गई।

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निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह

बांध से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता नदी किनारे और निचले इलाकों में बसी आबादी को लेकर है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि लोग बेवजह चिनाब नदी के करीब न जाएं और किनारों से दूरी बनाए रखें। बताया गया कि इलाके में बीते कई दिनों से बारिश थमने का नाम नहीं ले रही, जिस वजह से मौसम की स्थिति और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। मकसद यह है कि अगर हालात अचानक बिगड़ें तो प्रशासन तुरंत हरकत में आ सके और किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

राजौरी में भी भारी बारिश, प्रशासन अलर्ट पर

रियासी से अलग, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मंगलवार सुबह जल्दी से ही तेज बारिश शुरू हो गई थी। बारिश की तीव्रता को देखते हुए जिला प्रशासन के साथ-साथ राजौरी पुलिस ने भी स्थानीय लोगों के लिए तुरंत एडवाइजरी जारी कर दी। पुलिस की ओर से चेताया गया कि लगातार हो रही तेज बारिश के चलते जिले की नदियों का जलस्तर बहुत कम समय में काफी ऊपर जा सकता है। इसी वजह से लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की तरफ से जारी हर सुरक्षा निर्देश का पालन करने की अपील की गई।

आपात स्थिति से बचने के लिए क्या करें

प्रशासन को आशंका है कि अगर बारिश इसी रफ्तार से जारी रही तो नदियों का जलस्तर और तेजी से बढ़ सकता है, जिससे अचानक बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राजौरी जिला प्रशासन ने लोगों से गुजारिश की है कि बारिश के दौरान बहुत जरूरी काम न हो तो घर से बाहर कदम न रखें। साथ ही नदी, नालों और बाढ़ की चपेट में आ सकने वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। जो सड़कें या पुल पानी में डूब चुके हैं, उन्हें पार करने की कोशिश बिल्कुल न करने की सलाह दी गई है, बल्कि प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी हो रहे मौसम अपडेट और दिशा-निर्देशों पर भरोसा रखने को कहा गया है।

प्रशासन ने दोहराया है कि अत्यंत आवश्यक न होने पर नागरिक घर के भीतर ही टिके रहें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों में सहयोग बनाए रखें। अगर किसी को भी आपातकाल जैसी स्थिति दिखे, तो देर किए बिना नजदीकी प्रशासनिक अमले या रेस्क्यू टीम को सूचित करने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, भारी बारिश के चलते जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मौसम का असर अब भी बना हुआ है और प्रशासन हर मोर्चे पर हालात पर नजर बनाए हुए है।

सवाल-जवाब

सलाल बांध के सभी गेट क्यों खोले गए?
रियासी में लगातार भारी बारिश से चिनाब नदी और बांध के जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था, इसलिए अतिरिक्त पानी छोड़ने और जलाशय की सुरक्षा के लिए मंगलवार को सभी गेट खोले गए।
गेट खुलने के बाद चिनाब नदी पर क्या असर पड़ा?
चिनाब नदी का जलस्तर और बहाव दोनों काफी बढ़ गए और नदी पूरी तरह उफान पर आ गई।
प्रशासन ने लोगों को क्या सलाह दी है?
नदी किनारे और निचले इलाकों के लोगों से बेवजह नदी के पास न जाने और सतर्क रहने को कहा गया है।
क्या राजौरी में भी बारिश का असर है?
हां, राजौरी जिले में भी मंगलवार तड़के से भारी बारिश हो रही है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन और राजौरी पुलिस ने अलग एडवाइजरी जारी की है।
बाढ़ जैसी स्थिति में क्या नहीं करना चाहिए?
डूबी हुई सड़कों और पुलों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और नदी, नालों व बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहना चाहिए।
आपात स्थिति में लोगों को क्या करना चाहिए?
प्रशासन ने कहा है कि लोग बिना देर किए स्थानीय प्रशासन या आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।
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