उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर शहर में राजनीतिक हलचल उस वक्त बढ़ गई जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं सड़कों पर उतरे। मौका था ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित विशाल पदयात्रा का, जिसमें स्थानीय निवासियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। श्रीनगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी इस यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में राजनीतिक उत्साह और सघन जनभागीदारी का माहौल बना रहा।
सड़कों पर उमड़ा जनसमूह और भव्य स्वागत
पदयात्रा जब श्रीनगर के प्रमुख रास्तों से होकर आगे बढ़ी, तब स्थानीय नागरिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह लोग इस अभियान से जुड़ते चले गए और देखते ही देखते यह एक बड़े जनसैलाब में तब्दील हो गया। यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं का जोश पूरे रास्ते चरम पर दिखा, जिससे पूरा इलाका नारों और संगठनात्मक शक्ति के प्रदर्शन से गूंज उठा। इस पूरे आयोजन में आम नागरिकों की सक्रिय मौजूदगी विशेष रूप से ध्यान खींचने वाली रही।
सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना और जनता के बीच सुशासन के प्रति जागरूकता का प्रसार करना रहा। पदयात्रा के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, जनहित के प्रमुख मसलों और पारदर्शी शासन व्यवस्था को रेखांकित किया गया। आयोजकों ने इस बात पर बल दिया कि आमजन की जागरूकता ही किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक शक्ति होती है, और ऐसे कार्यक्रम सीधे जनता तक अपनी बात पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनते हैं।
पदयात्रा के बाद विशाल जनसभा
पैदल मार्च के समापन के पश्चात एक जनसभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जनसभा के दौरान भी वही ऊर्जा देखने को मिली जो सड़कों पर यात्रा के वक्त नजर आ रही थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रत्यक्ष भागीदारी ने इस संपूर्ण आयोजन को खासा राजनीतिक महत्व प्रदान किया। इस जनसंपर्क कार्यक्रम के जरिए पार्टी ने स्थानीय धरातल पर अपनी संगठनात्मक पकड़ और जनसरोकारों को मजबूती से पेश किया।



















