दीपावली के आगमन और संवत 2083 की शुरुआत के साथ घरेलू शेयर बाजार में नए संवत वर्ष के निवेश की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस त्योहारी माहौल में निवेशक अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए बेहतर रिटर्न वाले मजबूत शेयरों की तलाश कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म अरिहंत कैपिटल ने निवेशकों के लिए बैंकिंग, बीमा, वाहन, कंज्यूमर, सीमेंट, कैपिटल गुड्स और रक्षा क्षेत्र के 12 चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों की सूची तैयार की है। ब्रोकरेज ने इन सभी कंपनियों पर खरीद की रेटिंग बरकरार रखते हुए मौजूदा बाजार भाव से लगभग 13 प्रतिशत से लेकर 49 प्रतिशत तक के संभावित रिटर्न का अनुमान लगाया है।
एलआईसी और सरकारी बैंकों में मजबूत मार्जिन और कर्ज वृद्धि
ब्रोकरेज की प्राथमिकताओं में जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी सबसे प्रमुख शेयर के रूप में उभरा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का नेट वीएनबी मार्जिन 360 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 21.2 प्रतिशत पर पहुंच गया था, जिससे इसका वीएनबी 41.6 प्रतिशत उछलकर 141.8 अरब रुपये दर्ज किया गया। यह शानदार प्रदर्शन वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भी जारी रहा, जहां मार्जिन बढ़कर 22.9 प्रतिशत हो गया और वीएनबी में सालाना आधार पर 61 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का कर पश्चात लाभ यानी पीएटी भी सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 134.9 अरब रुपये रहा। मौजूदा समय में 387 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा यह शेयर वित्त वर्ष 2029 की अनुमानित एम्बेडेड वैल्यू के 0.47 गुना और वित्त वर्ष 2029 की अनुमानित ईपीएस के 6.0 गुना मूल्यांकन पर उपलब्ध है। ब्रोकरेज ने इसके लिए 495 रुपये का लक्ष्य तय किया है, जो वर्तमान स्तर से 27.9 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। कंपनी के दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे 5 नवंबर को आने वाले हैं।
बैंकिंग क्षेत्र में बैंक ऑफ बड़ौदा वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में लगभग 18 प्रतिशत की लोन ग्रोथ के साथ प्रवेश कर रहा है, जो प्रबंधन के 12 से 14 प्रतिशत के अनुमानित लक्ष्य से काफी बेहतर है। सालाना आधार पर बैंक के वैश्विक अग्रिम 18.27 प्रतिशत बढ़कर 15,120 अरब रुपये हो गए हैं। मौजूदा समय में 232 रुपये के भाव पर यह शेयर वित्त वर्ष 2029 के अनुमानित एडजस्टेड बुक वैल्यू यानी एबीवी के 0.66 गुना पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज ने 297 रुपये के लक्ष्य भाव के साथ इसमें 28 प्रतिशत की बढ़त की संभावना जताई है।
निजी बैंकिंग और ऑटो सेक्टर: एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा
निजी क्षेत्र के ऋणदाता एक्सिस बैंक के अग्रिम वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 13,740 अरब रुपये पर पहुंच गए। हालांकि, इस दौरान बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी एनआईएम फिसलकर 3.36 प्रतिशत पर आ गया। इस गिरावट में एफसीएनआर (बी) जमाओं का अस्थायी असर लगभग 11 बेसिस प्वाइंट रहा, जिसके बिना वास्तविक एनआईएम 3.47 प्रतिशत बैठता है। चिंता की बात यह है कि बैंक का कासा अनुपात एक साल पहले के 39.8 प्रतिशत से घटकर 36.5 प्रतिशत पर आ गया है, जबकि क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात बढ़कर 94.6 प्रतिशत हो गया है, जो आगामी तिमाहियों में ऋण वृद्धि को सीमित कर सकता है। इसके बावजूद, ब्रोकरेज ने शेयर को मौजूदा 1.2 गुना के मुकाबले वित्त वर्ष 2029 के अनुमानित एबीवी के 1.5 गुना पर आंकते हुए 1,497 रुपये का लक्ष्य दिया है, जो 1,216 रुपये के मौजूदा स्तर से 23.1 प्रतिशत की संभावित बढ़त है।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में महिंद्रा एंड महिंद्रा लार्ज-कैप शेयरों में दूसरा सबसे बड़ा रिटर्न देने वाला विकल्प बनकर उभरा है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी के एसयूवी वॉल्यूम में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इसका इलेक्ट्रिक वाहन यानी ईवी प्रवेश 12 प्रतिशत रहा, जो उद्योग के 9 प्रतिशत के औसत से आगे है। कंपनी के कृषि उपकरण और ट्रैक्टर वॉल्यूम में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां इसका बाजार हिस्सा करीब 45 प्रतिशत पर स्थिर है। कंपनी अपनी विनिर्माण क्षमता को मौजूदा 64,500 यूनिट प्रति माह से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2031 तक 130,000 यूनिट करने की दिशा में काम कर रही है। सुम-ऑफ-द-पार्ट्स आधार पर मूल्यांकन करते हुए ब्रोकरेज ने 2,851 रुपये के मौजूदा भाव के मुकाबले 4,008 रुपये का लक्ष्य दिया है, जो 40.6 प्रतिशत की संभावित तेजी दर्शाता है। हालांकि, दूसरी छमाही और वित्त वर्ष 2028 में कृषि वॉल्यूम पर अल नीनो का प्रभाव एक प्रमुख जोखिम माना गया है।
कंज्यूमर और बिल्डिंग मैटेरियल: मैरिको और एस्ट्रल में तेजी के आसार
एफएमसीजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मैरिको अपने निकट अवधि के लक्ष्यों को पार करने की स्थिति में दिख रही है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के कारोबारी अपडेट के अनुसार, कंपनी ने घरेलू बाजार में दहाई अंकों की वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की है। पैराशूट नारियल तेल के वॉल्यूम में शुरुआती टीन्स (10 से 15 प्रतिशत) की बढ़ोतरी हुई है, जबकि वैल्यू एडेड हेयर ऑयल्स वर्ग में लगातार छठी तिमाही में बीस प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखने को मिली है। कच्चे माल के मोर्चे पर कोपरा की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से लगभग 35 प्रतिशत नीचे आ चुकी हैं, जिससे कंपनी के ग्रॉस मार्जिन को मजबूत सहारा मिल रहा है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2026 से 2028 के दौरान कंपनी के राजस्व, एबिटा और पीएटी में क्रमशः 13 प्रतिशत, 22 प्रतिशत और 23 प्रतिशत की सीएजीआर वृद्धि का अनुमान लगाया है। वर्तमान में 774 रुपये पर ट्रेड कर रहा यह शेयर वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित ईपीएस के करीब 37 गुना पर उपलब्ध है, जिसके लिए 950 रुपये का लक्ष्य तय किया गया है, जो लगभग 23 प्रतिशत की बढ़त का संकेत देता है।
पाइपिंग और बिल्डिंग मैटेरियल क्षेत्र में एस्ट्रल ने उद्योग स्तर पर लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद पहली तिमाही में अपने प्लंबिंग वॉल्यूम को स्थिर बनाए रखा। मांग में सुधार आने के बाद जुलाई महीने में इसके वॉल्यूम में 40 प्रतिशत की तेज छलांग देखी गई। इसके अलावा एडहेसिव्स, पेंट्स और नए डीएसएस कारोबार से कंपनी के विस्तार को अतिरिक्त गति मिल रही है। वित्त वर्ष 2026 से 2028 के दौरान कंपनी के राजस्व में 20 प्रतिशत, एबिटा में 23 प्रतिशत और पीएटी में 32 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि का अनुमान है। वर्तमान में 1,361 रुपये के भाव पर यह शेयर वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित ईपीएस के 39 गुना पर ट्रेड कर रहा है। इसके लिए 1,808 रुपये का लक्ष्य रखा गया है, जो करीब 33 प्रतिशत की संभावित तेजी दिखाता है।
सीमेंट में सबसे बड़ा उछाल: अंबुजा सीमेंट्स
सूची में शामिल सभी शेयरों में अंबुजा सीमेंट्स में सबसे अधिक 49.1 प्रतिशत की संभावित बढ़त का अनुमान लगाया गया है। पिछले एक साल के दौरान इस शेयर में लगभग 38 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का बिक्री वॉल्यूम 17.3 मिलियन टन रहा, जिसमें सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई क्योंकि प्रबंधन ने बाजार हिस्सेदारी की तुलना में मुनाफे को प्राथमिकता दी। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का एबिटा प्रति टन वित्त वर्ष 2027 के अनुमानित 900 रुपये से सुधरकर वित्त वर्ष 2028 में 1,050 रुपये पर पहुंच जाएगा। कंपनी पूरी तरह से नेट कैश की मजबूत स्थिति में बनी हुई है। वर्तमान में 352 रुपये के भाव पर यह शेयर वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित ईवी/एबिटा के 9.4 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जिसके लिए 525 रुपये का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया गया है।
कैपिटल गुड्स और डिफेंस: एबीबी इंडिया, सीजी पावर और बीईएल
पॉवर और इंजीनियरिंग क्षेत्र में एबीबी इंडिया को कैलेंडर वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 50 प्रतिशत अधिक यानी 43.6 अरब रुपये के नए ऑर्डर हासिल हुए हैं। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 119 अरब रुपये पर पहुंच चुकी है, जो अगले करीब एक साल के राजस्व की स्पष्ट दृश्यता प्रदान करती है। वर्तमान में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 13 प्रतिशत के आसपास है, जो कैलेंडर वर्ष 2024 के 18 से 19 प्रतिशत के स्तर से नीचे है। हालांकि, दो बार की गई मूल्य वृद्धियों के बाद इसमें सुधार की उम्मीद है, विशेषकर तब जब डेटा सेंटर क्षेत्र से कंपनी को अपने कुल ऑर्डरों का 15 से 17 प्रतिशत हिस्सा मिल रहा है। मौजूदा 6,550 रुपये के भाव पर यह शेयर कैलेंडर वर्ष 2029 की अनुमानित ईपीएस के 46.7 गुना पर है, और इसका 7,720 रुपये का लक्ष्य 17.9 प्रतिशत की बढ़त का संकेत देता है।
भारत के ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन पूंजीगत व्यय चक्र का सीधा लाभ सीजी पावर को मिलता दिख रहा है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 30.1 प्रतिशत बढ़कर 38,015 मिलियन रुपये दर्ज हुआ, जबकि एबिटा में 43.2 प्रतिशत की शानदार छलांग लगी। कंपनी की ऑर्डर बुक सालाना आधार पर 58 प्रतिशत बढ़कर 236.4 अरब रुपये पर पहुंच गई है। सीहोर स्थित कंपनी के नए ट्रांसफॉर्मर प्लांट ने तय समय से काफी पहले सितंबर में अपनी पहली यूनिट की आपूर्ति भी पूरी कर ली है। वर्तमान में 832 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा यह शेयर वित्त वर्ष 2029 की अनुमानित ईपीएस के 48.1 गुना पर है। 1,020 रुपये का लक्ष्य इसमें 22.6 प्रतिशत की संभावित बढ़त दिखाता है।
रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में नवरत्न पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स यानी बीईएल ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि के साथ 55,470 मिलियन रुपये की कमाई की। उत्पाद मिश्रण में बदलाव के कारण इसका एबिटा मार्जिन सालाना आधार पर 286 बेसिस प्वाइंट घटकर 25 प्रतिशत रह गया। कंपनी की ऑर्डर बुक 722.58 अरब रुपये के विशाल स्तर पर है, जो वित्त वर्ष 2026 के कुल राजस्व का लगभग 2.6 गुना है। प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 550 अरब रुपये से अधिक के नए ऑर्डर प्रवाह के अपने लक्ष्य को बरकरार रखा है। बीईएल पर कोई कर्ज नहीं है और उसके पास 85.7 अरब रुपये की नकदी मौजूद है। मौजूदा 369 रुपये के भाव पर यह वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित ईपीएस के 31 गुना पर ट्रेड कर रहा है। 530 रुपये के लक्ष्य मूल्य के साथ इसमें 44 प्रतिशत की भारी तेजी का अनुमान है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज और एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज पर नजर
ऊर्जा और टेलीकॉम क्षेत्र की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग सबसे बड़ा उत्प्रेरक साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के विश्लेषण के अनुसार, जियो की संभावित लिस्टिंग से रिलायंस की लगभग 65 प्रतिशत हिस्सेदारी का मूल्यांकन 6.7 से 8.2 ट्रिलियन रुपये के बीच आंका जा सकता है। यह रिलायंस के कुल 16.2 ट्रिलियन रुपये के मार्केट कैप का करीब 41 से 51 प्रतिशत बैठता है, जिसका अर्थ है कि कंपनी के शेष समूह कारोबार वर्तमान में काफी गहरे डिस्काउंट पर मिल रहे हैं। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का रिकरिंग एबिटा 10 प्रतिशत बढ़कर 540.7 अरब रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। यह शेयर इस समय अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब और रिकॉर्ड ऊंचाई से 26 प्रतिशत नीचे है। ब्रोकरेज ने 1,196 रुपये के मौजूदा स्तर के मुकाबले 1,425 रुपये का लक्ष्य तय किया है, जो 19 प्रतिशत की संभावित बढ़त दर्शाता है।
आईटी और इंजीनियरिंग अनुसंधान क्षेत्र की कंपनी एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज सूची में सबसे कम 12.8 प्रतिशत की संभावित बढ़त दिखा रही है। कंपनी ने 203 मिलियन डॉलर के नए सौदे हासिल करने की जानकारी दी है, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक सौदे एआई से जुड़े हुए हैं। कंपनी प्रबंधन को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही का प्रदर्शन पहली छमाही से काफी बेहतर रहेगा। ब्रोकरेज ने इसे वित्त वर्ष 2029 की अनुमानित ईपीएस के 24 गुना पर आंकते हुए 4,700 रुपये का लक्ष्य दिया है, जबकि इसका मौजूदा बाजार भाव 4,166 रुपये दर्ज है।



















