त्योहारी सीजन में गहनों की खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए आभूषण बाजार से एक बड़ी डिजिटल सुविधा सामने आई है। अब खरीदारों को रोजाना के रेट जानने के लिए सर्राफा दुकानों के चक्कर काटने या पुराने छपे आंकड़ों का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पाटलिपुत्र सर्राफा संघ ने ग्राहकों को घर बैठे ही अपने मोबाइल स्क्रीन पर सोने और चांदी के आधिकारिक और सटीक भाव देखने की नई सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके तहत केवल एक डिजिटल क्यूआर कोड स्कैन करके विभिन्न श्रेणियों के आभूषणों के ताजा भाव तुरंत देखे जा सकते हैं। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा मकसद बाजार के कारोबार में पारदर्शिता लाना और आभूषण खरीदारों को सही जानकारी से सशक्त बनाना है।
यह तकनीकी पहल पाटलिपुत्र सर्राफा संघ की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर शुरू की गई है। संघ ने धनतेरस और दिवाली जैसे प्रमुख खरीदारी पर्वों को ध्यान में रखते हुए इस प्रणाली को तैयार किया है। आम जनता के लिए इसे जारी करने से पहले संघ ने पिछले 15 दिनों तक इसका व्यापक स्तर पर परीक्षण भी किया था। इस लगातार चले ट्रायल के बाद अब इसे पूरी तरह से चालू कर दिया गया है, ताकि दुकानों पर पहुंचने वाले किसी भी उपभोक्ता को कीमतों के उतार-चढ़ाव को लेकर किसी असमंजस का सामना न करना पड़े।
पुराने छपे भावों के भ्रम से मिलेगी मुक्ति
कीमती धातुओं के बाजार में हर दिन तेजी और मंदी का दौर चलता रहता है। पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में पल-पल होने वाले बदलावों के कारण समाचार पत्रों या इंटरनेट पर सुबह दिखने वाले भाव अक्सर एक दिन पहले के बंद बाजार पर आधारित होते हैं। ऐसी स्थिति में जब कोई खरीदार सुबह का भाव देखकर दोपहर में आभूषण खरीदने दुकान पहुंचता है, तो उसे वास्तविक बाजार में बदली हुई दरें मिलती हैं। कई मौकों पर इन दोनों भावों में काफी बड़ा अंतर आ जाता है, जिससे खरीदार और विक्रेता के बीच अविश्वास की स्थिति पैदा होती है। इसी व्यावहारिक परेशानी को दूर करने के लिए संघ ने डिजिटल कोड के माध्यम से उसी दिन का प्रमाणित भाव सीधे उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
14 से 24 कैरेट और चांदी की सभी शुद्धता का ब्योरा
इस आधुनिक प्रणाली में केवल शुद्ध धातु ही नहीं, बल्कि आम तौर पर बनने वाले सभी आभूषणों की श्रेणियों को शामिल किया गया है। अध्यक्ष विनोद कुमार ने स्पष्ट किया कि क्यूआर कोड स्कैन करते ही उपभोक्ता के सामने 24 कैरेट यानी 999 शुद्धता, 22 कैरेट, 18 कैरेट और 14 कैरेट सोने की अलग-अलग कीमतें एक साथ आ जाएंगी। इसके साथ ही चांदी के खरीदारों के लिए भी 925 स्टर्लिंग चांदी के अलावा 80 प्रतिशत और 70 प्रतिशत शुद्धता के अनुसार तय की गई कीमतें स्पष्ट रूप से दर्ज होंगी। इस तरह की विस्तृत सूची मिलने से हर ग्राहक अपनी तय बजट सीमा और व्यक्तिगत पसंद के हिसाब से आभूषणों की श्रेणी चुन सकेगा और कीमतों की सीधी तुलना कर पाएगा।
मेकिंग चार्ज और धातु की वास्तविक लागत का स्पष्ट गणित
गहने खरीदते समय ग्राहकों के सामने सबसे बड़ी उलझन मेकिंग चार्ज यानी आभूषण निर्माण शुल्क को लेकर होती है। कई बार दुकानों पर निर्माण शुल्क कम दिखाकर धातु की मूल कीमत में हेरफेर करने की शिकायतें आती हैं। इस कोड आधारित व्यवस्था से ग्राहक यह साफ समझ पाएंगे कि वे जो भुगतान कर रहे हैं, उसमें से शुद्ध धातु का मूल्य कितना है और निर्माण का खर्च कितना लिया जा रहा है।
विनोद कुमार ने आभूषण निर्माण की बारीकियों की चर्चा करते हुए बताया कि किसी भी गहने को अंतिम रूप देने में कारीगरों का पारिश्रमिक, कार्यशाला का किराया, बिजली, गैस, विभिन्न केमिकल, सरकारी हॉलमार्किंग का खर्च, पैकेजिंग और शोरूम के दैनिक संचालन से जुड़ी लागतें शामिल होती हैं। जब उपभोक्ता के पास हर कैरेट की शुद्ध धातु का आधिकारिक भाव पहले से मौजूद होगा, तो वह इन अतिरिक्त लागतों और अंतिम बिल का सही तरीके से मूल्यांकन कर सकेगा और किसी भी अनुचित शुल्क से बच सकेगा।
दोपहर 12 बजे के बाद होगा दैनिक अपडेट
सर्राफा बाजार की कार्यप्रणाली के अनुसार इस मंच पर सोने और चांदी के नए भाव हर दिन दोपहर 12 बजे के बाद जारी और अपडेट किए जाएंगे। यदि किसी दिन वैश्विक या घरेलू परिस्थितियों के कारण बाजार में असाधारण उठापटक दर्ज होती है, तो संघ एक ही दिन में दो से तीन बार भी नई कीमतें अपडेट करेगा। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए इस व्यवस्था को बेहद सरल रखा गया है। ग्राहकों को हर दिन कोई नया कोड खोजने की जरूरत नहीं होगी। वे इस क्यूआर कोड की तस्वीर अपने मोबाइल फोन में एक बार सहेज कर रख सकते हैं और जब भी भाव देखना हो, अपने कैमरे के स्कैनर से उसे स्कैन करके अद्यतन दरें जान सकते हैं।
निवेश और शादियों की खरीदारी में बजट बनाना होगा आसान
यह पारदर्शी तंत्र उन परिवारों के लिए विशेष रूप से मददगार साबित होगा जो शादियों के सीजन, त्योहारों या लंबी अवधि के निवेश के लिए कीमती धातुओं की खरीद की योजना बना रहे हैं। रोजमर्रा के स्तर पर कीमतों पर नजर रखकर खरीदार यह तय कर सकते हैं कि बाजार में गिरावट आने पर खरीदारी का सबसे अनुकूल समय कौन सा होगा। इससे उपभोक्ताओं को अपने वित्तीय बजट को सही तरीके से प्रबंधित करने और सटीक समय पर सही निर्णय लेने में सीधी मदद मिलेगी।



















