महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ तीखे राजनीतिक हमले किए हैं। राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर की गई टिप्पणियों के जवाब में बावनकुले ने उन पर तीखे व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोप लगाए। बावनकुले ने दावा किया कि राहुल गांधी को अल्जाइमर जैसी स्थिति है और वे हर आधे घंटे में अपना रुख बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता कभी संघ पर निशाना साधते हैं तो कभी प्रधानमंत्री पर बयानबाजी करने लगते हैं। बावनकुले के अनुसार, कुछ मिनटों में वे किस मुद्दे पर जाएंगे इसका कोई ठिकाना नहीं रहता और ऐसा आचरण किसी बीमारी के असर जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे बयानों और अस्वस्थ राजनीतिक शैली को अधिक महत्व देने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि जनता ने अब उनकी बातें सुनना बंद कर दिया है।
एनडीए के भविष्य और विपक्ष पर पलटवार
बावनकुले ने संसद सदस्य संजय राउत द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संदर्भ में की गई टिप्पणी पर भी कड़ा जवाब दिया। संजय राउत ने दावा किया था कि समान नागरिक संहिता लागू होने के समय तक अमित शाह मंत्री पद पर नहीं रहेंगे। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि भारत में एनडीए का शासन वर्ष 2047 तक पूरे बहुमत के साथ कायम रहने वाला है। उन्होंने टिप्पणी की कि सवाल उठाने वालों और विरोध करने वालों की उम्र भले ही पूरी हो जाए, लेकिन एनडीए की सत्ता अनवरत चलती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि विकास और सुशासन के बल पर गठबंधन लंबे समय तक देश की सेवा करता रहेगा।
राहुल गांधी के बयानों और राजनीतिक रुख पर सवाल
बावनकुले ने राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों पर तंज कसते हुए कहा कि वे बिना किसी ठोस आधार के अलग-अलग मंचों पर बयान देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कभी जंतर-मंतर पर पहुंच जाते हैं, कभी एसआईआर पर अपनी बात रखने लगते हैं, तो कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हैं। बावनकुले ने कहा कि इस तरह की लगातार बदलती बयानबाजी यह दर्शाती है कि विपक्ष के पास कोई ठोस विचार नहीं है। उनका मानना है कि लगातार बदलते स्टैंड की वजह से आम जनता का भरोसा अब उनके बयानों से पूरी तरह उठ चुका है।
इंडिया गठबंधन की एकजुटता और सत्ता के लालच पर प्रहार
विपक्षी गठबंधन की एकता पर सवाल उठाते हुए महाराष्ट्र के मंत्री ने 2024 के आम चुनाव के दौरान मुंबई में आयोजित इंडिया गठबंधन की संयुक्त रैली का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस मंच पर इंडिया अघाड़ी के लगभग 40 नेताओं ने एकजुटता दिखाने के लिए हाथ ऊपर उठाए थे, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उस गठबंधन के कई टुकड़े हो गए। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनाव के बाद वे सभी दल एक साथ रह पाए। बावनकुले ने आरोप लगाया कि यह पूरा गठबंधन केवल सत्ता के लालच के कारण एक मंच पर आया था और सत्ता न मिलने के कारण अब पूरी तरह बिखर चुका है। उन्होंने कहा कि देश की जनता इस स्वार्थी राजनीति को समझ चुकी है और 2029 के आम चुनाव में भी विपक्षी दलों को सत्ता में आने का कोई अवसर नहीं देगी। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व बयानों की याद दिलाते हुए कहा कि जहां विपक्षी दल कौरवों की तरह सत्ता के लिए राजनीति करते हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्य और ईमानदारी के सिद्धांतों पर काम कर रहे हैं।



















