जम्मू रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित व्यस्त शिवा मार्केट में रविवार देर रात भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा बाजार इसकी चपेट में आ गया, जिससे इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। इस अप्रत्याशित हादसे में दर्जनों दुकानें और एक होटल पूरी तरह तबाह हो गए, जिससे स्थानीय कारोबारियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।
दमकल विभाग की गाड़ियां और राहत अभियान
रात के वक्त अचानक उठी आग की तेज लपटों को देखकर स्थानीय लोगों और दुकानदारों में तुरंत हड़कंप मच गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह तेजी से आसपास की अन्य दुकानों तक फैलती चली गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियां फौरन घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत और घंटों की जद्दोजहद के बाद आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। आग बुझाने के इस कठिन कार्य में पुलिस और प्रशासन की टीमें भी तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्यों में जुट गईं।
करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका
इस भयानक अग्निकांड में भारी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय स्तर पर सामने आए शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस हादसे में कुल नुकसान करोड़ों रुपये में होने की आशंका जताई जा रही है। आग की चपेट में आने से दुकानों के भीतर रखा सारा कीमती सामान, स्टॉक और मशीनरी जलकर पूरी तरह राख हो गई है। कारोबारियों की महीनों और सालों की मेहनत इस भीषण हादसे में पलभर में स्वाहा हो गई, जिससे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
दुकानों और होटल को भारी क्षति
इस हादसे में तबाह हुई दुकानों की संख्या को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आए हैं। विक्रम रंधावा के मुताबिक, इस भीषण आग में करीब 35 से 40 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी हैं। वहीं, कुछ शुरुआती रिपोर्टों में 15 दुकानों और एक बड़े होटल के तबाह होने की जानकारी भी सामने आई थी। शिवा मार्केट जम्मू रेलवे स्टेशन के पास का एक बेहद प्रमुख और महत्वपूर्ण कारोबारी केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। इस प्रमुख व्यावसायिक इलाके में हुए इस नुकसान से पूरे व्यापारिक मंडल को बड़ा झटका लगा है।
शार्ट सर्किट की आशंका और जांच
प्राथमिक तौर पर इस भीषण अग्निकांड के पीछे शॉर्ट सर्किट को मुख्य वजह बताया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन या संबंधित विभागों की तरफ से अभी तक इसकी किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आग लगने के असली और वास्तविक कारणों का पुख्ता पता पूरी जांच के बाद ही चल पाएगा। गनीमत यह रही कि इस भीषण हादसे में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया।
प्रशासनिक मदद और मुआवजे की उम्मीद
घटना के बाद से ही प्रभावित दुकानदारों और कारोबारियों में गहरी निराशा और चिंता का माहौल है। शिवा मार्केट के ये कारोबारी अब पूरी तरह से जिला प्रशासन और सरकार की ओर देख रहे हैं ताकि उन्हें इस संकट की घड़ी में उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता मिल सके। फिलहाल प्रशासनिक अमला और नुकसान का आकलन करने वाली टीमें मौके पर पहुंचकर कुल क्षति का सटीक हिसाब लगाने में जुटी हुई हैं, ताकि प्रभावितों को राहत पहुंचाई जा सके।
























