जमशेदपुर में विश्वकर्मा पूजा का पर्व नजदीक आते ही शहर के बाजारों में चहल-पहल काफी बढ़ गई है। स्थानीय बाजारों की दुकानें रंग-बिरंगी सजावट की सामग्री से पूरी तरह सज चुकी हैं और वाहन मालिक अपनी गाड़ियों को खास अंदाज में सजाने के लिए खरीदारी में जुट गए हैं। इस बार बाजारों में पारंपरिक फूलों और मालाओं के साथ-साथ कई अनोखी और नई चीजें भी उपलब्ध हैं, जो ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
पंजाब के परांदे से सजेंगी गाड़ियां
इस साल वाहन श्रृंगार के मामले में सबसे बड़ा आकर्षण पंजाब से आया चोटी परांदा बना हुआ है। आमतौर पर इस सामग्री का उपयोग बालों को संवारने के लिए किया जाता है, लेकिन अब इसका नया इस्तेमाल गाड़ियों की सजावट में बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसके अलावा दुकानों पर बाबा विश्वकर्मा की तस्वीर वाली विशेष मालाएं, गेंदे के असली और नकली फूलों की लड़ियां, चमकीले झुमके, छोटे डेकोरेटिव बेल, रिबन, झालर और कई तरह के हैंगिंग आइटम भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं। दुकानदारों ने हर तरह के वाहनों के आकार और ग्राहकों के बजट को ध्यान में रखते हुए स्टॉक तैयार किया है।
वाहन मालिकों में खास उत्साह
खरीदारों के बीच इस बात का खास क्रेज देखा जा रहा है कि उनकी गाड़ी सड़क पर सबसे अलग और आकर्षक नजर आए। लोग गाड़ियों के बोनट और शीशों के आसपास लगाने के लिए सुंदर फूलों की लड़ियां और बीच में भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर वाले डेकोरेशन पीस खरीद रहे हैं। ट्रक, बस और अन्य बड़े कमर्शियल वाहनों के मालिकों के लिए लंबी और भारी फूल मालाओं के साथ-साथ चमकीले झुमके और हैंगिंग डेकोरेशन भी बाजार में उपलब्ध कराए गए हैं ताकि बड़े वाहनों को भी भव्य रूप दिया जा सके।
दुकानदारों का कारोबार और ग्राहकों की पसंद
स्थानीय दुकानदार मुकेश का कहना है कि इस बार विश्वकर्मा पूजा को लेकर ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और लोग लगातार दुकानों पर पहुंचकर विभिन्न सजावट के सामानों की जानकारी ले रहे हैं। पुरानी वैरायटी के साथ इस बार बाजार में आए नए डिजाइन लोगों को बहुत भा रहे हैं, जिनमें पंजाब का चोटी परांदा और फूलों की नई वैरायटी सबसे ऊपर है। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार पहले से ही खरीदारी पूरी करने में लगे हुए हैं।
पूजा की तिथि और शुभ मुहूर्त
सनातन परंपरा में विश्वकर्मा पूजा के दिन कारखानों, मशीनों और सभी प्रकार के वाहनों की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष विधान है। इस अवसर पर वाहन मालिक अपनी गाड़ियों की साफ-सफाई कर उनकी पूजा करते हैं। इस साल यह पर्व 17 सितंबर दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। पूजा के लिए निर्धारित शुभ समय सुबह 7:58 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा, जबकि अभिजीत मुहूर्त का समय सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक का है। हालांकि अधिकांश लोग अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार इस दिन अपने वाहनों और प्रतिष्ठानों में पूजन संपन्न करते हैं।


















