रामगढ़ जिले में होमगार्ड की नौकरी पाने की उम्मीद लेकर पहुंचीं कविता महतो का चयन इस बार नहीं हो सका। कुछ दिन पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा वायरल हुआ था, जिसमें वह पारंपरिक साड़ी पहनकर और बिना जूतों के ही सोलह सौ मीटर की लंबी दौड़ पूरी करती दिखाई दी थीं। उनकी इस कठिन मेहनत और मजबूत हौसले की वजह से वह काफी चर्चा में आ गई थीं। रामगढ़ में चल रही होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान उन्होंने दौड़ वाली स्पर्धा में तो सफलता हासिल कर ली, लेकिन इसके बाद होने वाली लंबी कूद और ऊंची कूद की बाधा को पार नहीं कर सकीं। इन दोनों स्पर्धाओं में असफल हो जाने के कारण उनका चयन अंतिम सूची के लिए नहीं हो पाया और उनका वर्दी पहनने का सपना इस बार पूरा नहीं हो सका।
वायरल वीडियो से मिली थी देश भर में पहचान
दुलमी प्रखंड के सोसो गांव की रहने वाली कविता महतो जब साड़ी पहनकर और नंगे पांव दौड़ने उतरी थीं, तब किसी ने उनका वीडियो बनाकर इंटरनेट पर साझा कर दिया था। यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया और लोगों ने उनकी सादगी तथा पक्के इरादे की जमकर तारीफ की थी। इस खबर के मीडिया में आने के बाद डुमरी विधायक जयराम महतो ने खुद उनके घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। विधायक ने उनकी मदद के लिए उन्हें खेलकूद के जूते, ट्रैकसूट और टी-शर्ट भी उपहार में दिए थे, ताकि उन्हें आगे की तैयारी में कोई दिक्कत न हो।
रामगढ़ जिला मैदान में चल रही है कड़ी चयन प्रक्रिया
रामगढ़ के सिद्धू-कान्हू जिला मैदान में होमगार्ड भर्ती के सिलसिले में शारीरिक दक्षता परीक्षाएं लगातार आयोजित की जा रही हैं। तीसरे दिन मांडू प्रखंड के पुरुष उम्मीदवारों की शारीरिक परीक्षाएं सुबह पांच बजे से शुरू की गई थीं। इस पूरी चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों को सोलह सौ मीटर की दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद और गोला फेंक जैसे कई कड़े चरणों से गुजरना पड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाए रखने के लिए खेल के मैदान में विशेष इंतजाम किए गए हैं। मैदान के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। इसके अलावा आसमान से निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, और सटीक समय दर्ज करने के लिए उम्मीदवारों के पैरों में विशेष आरएफआईडी चिप बांधी जा रही है।
हजारों उम्मीदवारों ने भेजे हैं आवेदन
रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज इस पूरी भर्ती प्रक्रिया पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और खुद मैदान में व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इस बार जिले में होमगार्ड के कुल दो सौ चौरासी पदों के लिए यह भर्ती हो रही है, जिसके लिए सोलह हजार से भी ज्यादा उम्मीदवारों ने अपने आवेदन जमा किए हैं। यह पूरी शारीरिक परीक्षा पांच नवंबर तक चलने वाली है। कविता महतो की मेहनत को लोगों ने संघर्ष और लगन की एक बड़ी मिसाल माना था, लेकिन चयन प्रक्रिया के सभी कड़े नियमों और स्पर्धाओं को पार न कर पाने की वजह से इस बार उनका होमगार्ड बनने का यह सफर यहीं थम गया।


















