रांची की रहने वाली दिव्या के अनुसार घर पर एकदम परफेक्ट और अलग स्वाद वाली चाय बनाने के लिए सबसे पहले केतली में चीनी लेनी होगी। चीनी को डालकर थोड़ी देर फ्राई करना पड़ता है और एकदम थोड़ा सा पानी मिलाकर उसे कैरेमल की तरह तैयार किया जाता है। जब चीनी अच्छी तरह पक जाए तो उसमें थोड़ा सा पानी डालकर कुछ देर खौलाया जाता है।
मसालों और गुलाब की पंखुड़ियों का मिश्रण
इस प्रक्रिया के बाद चाय में विभिन्न प्रकार के मसाले मिलाने होते हैं। सबसे पहले तेज पत्ता, खड़ी इलायची, स्टार इलायची, दालचीनी, पिसा हुआ अदरक, थोड़ा सा लौंग, थोड़ा सा गोलमिर्च और चाय पत्ती डाली जाती है। इन सभी सामग्रियों को पानी में अच्छी तरह खौलाने के बाद जितने लोगों के लिए चाय बनानी हो, उसके हिसाब से पानी और दूध मिलाया जाता है।
इस रेसिपी में एक खास चीज़ और मिलाई जाती है जो सूखी हुई गुलाब की पंखुड़ियां हैं। ये बाजार में बहुत आसानी से मिल जाती हैं और इनके इस्तेमाल से चाय का फ्लेवर बिल्कुल अलग और शानदार आता है। इसके बाद चाय को कम से कम 5 से 10 मिनट तक बिल्कुल धीमी आंच यानी स्लो फ्लेम पर अच्छी तरह खौलाया जाता है।
अंतिम तैयारी और परोसने का तरीका
धीमी आंच पर पकने के दौरान इस गुलाबी चाय की महक धीरे-धीरे किचन से बाहर फैलने लगती है। जब चाय अच्छी तरह खौल जाती है, तब इसे छानकर कप में निकाल लिया जाता है। स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए इसमें आधा चम्मच घी भी मिलाया जा सकता है। हालांकि यह पूरी तरह से वैकल्पिक है क्योंकि कई लोगों को इसका स्वाद पसंद नहीं आता है, लेकिन इसे डालने से चाय और भी ज्यादा स्वादिष्ट बन जाती है। इस तरह से तैयार होने वाली कड़क गुलाब चाय पीने में किसी ढाबा वाली चाय से बिल्कुल कम नहीं लगती है।






















