अखंड सौभाग्य के पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं और बाजारों में चहल-पहल साफ देखी जा सकती है। सुहागन महिलाओं के इस खास व्रत को लेकर कपड़ों की दुकानों पर भीड़ जुटने लगी है, जहां हर कोई सबसे अलग और आकर्षक नजर आने की जुगत में है। उदयपुर के दिल्ली गेट इलाके के कपड़ा बाजारों में इन दिनों त्योहारी रौनक अपने चरम पर है और दुकानदारों के पास खरीदारों का तांता लगा हुआ है।
latest designs and heavy demand
व्यापारी संदीप मूंदड़ा के अनुसार, इस सीजन में बाजार में कई नए पैटर्न की साड़ियां उतारी गई हैं। खरीदार ऐसी वैरायटी तलाश रही हैं जो एथनिक होने के साथ-साथ मॉडर्न लुक भी दें। खासतौर पर कट वर्क, ट्रेडिशनल बंधेज और गोटा-पट्टी के काम वाली साड़ियों को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। इन कपड़ों में राजस्थानी संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है, जो त्योहार के माहौल में चार चांद लगा देती है।
fabric preferences and comfort
खूबसूरत दिखने के साथ-साथ आराम का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। महिलाएं भारी-भरकम कपड़ों की बजाय हल्के फैब्रिक को प्राथमिकता दे रही हैं। जॉर्जेट, प्योर जॉर्जेट और शिफॉन की साड़ियां इस सीजन में महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। इन फैब्रिक्स को संभालना आसान होता है और इनमें करवा चौथ की पूजा से लेकर शाम के पारिवारिक आयोजनों तक में आसानी से पहना जा सकता है।
traditional colors leading the market
रंगों के मामले में पारंपरिकता का क्रेज आज भी बरकरार है। सुहाग के प्रतीक माने जाने वाले लाल और रानी रंगों की डिमांड सबसे ज्यादा बनी हुई है। इसके अलावा महिलाएं अपनी पसंद के हिसाब से कॉन्ट्रास्टिंग और मैचिंग ब्लाउज पर भी खास जोर दे रही हैं ताकि उनका पूरा शृंगार परफेक्ट लगे।
budget and festive spirit
महंगाई का असर भले ही जेब पर पड़ रहा हो, लेकिन त्योहार के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। बाजार में साड़ियों की शुरुआती कीमत करीब 600 रुपए से लेकर 5 हजार रुपए तक है, ताकि हर बजट के लोग खरीदारी कर सकें। महिलाओं का मानना है कि यह पर्व केवल एक परंपरा नहीं बल्कि पति की लंबी उम्र की मंगल कामना से जुड़ा खास मौका है। आने वाले दिनों में बाजारों में यह रौनक और अधिक बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
























