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कमरों की जहरीली हवा सोखने में मददगार हैं इंडोर पौधे, जानिए सही देखभाल और रखरखाव के नियमझारखंड
20 सित॰ 2026, 9:48 pm (33 मिनट पहले)· 0

कमरों की जहरीली हवा सोखने में मददगार हैं इंडोर पौधे, जानिए सही देखभाल और रखरखाव के नियम

घरों के अंदर फर्नीचर और पेंट से निकलने वाले रासायनिक तत्वों को साफ करने में इंडोर पौधे अहम भूमिका निभाते हैं। पलामू के नर्सरी विशेषज्ञ विजेंद्र शाही ने पौधों के चुनाव और उनकी उचित देखभाल को लेकर जरूरी सुझाव साझा किए हैं।

शहरी जीवन में जगह की तंगी के बावजूद लोग अपने घरों, दफ्तरों और दुकानों को प्रकृति से जोड़ने के लिए गमलों का सहारा ले रहे हैं। चारदीवारी के भीतर हरियाली न केवल आंखों को सुकून देती है, बल्कि यह मानसिक शांति और ताजगी का भी बड़ा जरिया बनती है। आधुनिक इंटीरियर में इंडोर प्लांट्स का चलन तेजी से बढ़ा है क्योंकि ये कम जगह में आसानी से व्यवस्थित हो जाते हैं। इन पौधों की मौजूदगी से पूरे परिवेश का आकर्षण बढ़ जाता है और व्यक्ति खुद को कुदरत के करीब महसूस करता है।

बंद कमरों में पनपता प्रदूषण और पौधों की भूमिका

पलामू जिले के नर्सरी एक्सपर्ट विजेंद्र शाही के अनुसार, आजकल लोग बाहरी वातावरण के साथ-साथ घर के अंदर की वायु गुणवत्ता को लेकर भी सतर्क होने लगे हैं। हमारे घरों के भीतर धूल के महीन कण, धुएं के अंश और अदृश्य प्रदूषक लगातार मौजूद रहते हैं। नए फर्नीचर, ताजे पेंट, निर्माण में इस्तेमाल होने वाले गोंद और विभिन्न घरेलू उत्पादों से वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (वीओसी) हवा में घुलते रहते हैं। जब मकान में रंग-रोगन का काम चलता है, तब फैलने वाली तीखी गंध इसी रासायनिक रिसाव का सीधा प्रमाण है।

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इन हानिकारक तत्वों के प्रभाव को कम करने के लिए घरों में हवा की नियमित आवाजाही बनाए रखना और समय-समय पर खिड़कियां-दरवाजे खोलना बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही उपयुक्त इंडोर पौधे भी इस प्रदूषित हवा को सोखने में खासे मददगार साबित होते हैं। ये पौधे घरेलू वातावरण को हरा-भरा और खुशनुमा बनाने के अलावा हवा में घुले विषैले तत्वों को छानकर वातावरण को सांस लेने योग्य बनाते हैं।

पौधे रखने के लिए सही स्थान और धूप का संतुलन

घर में पौधे सजाते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि किस पौधे को कितनी रोशनी चाहिए। अधिकांश कैक्टस प्रजाति के पौधे रेडिएशन और विषैली गैसों के असर को कम करने में उपयोगी माने जाते हैं। पौधों को हमेशा खिड़की के करीब या ऐसे स्थानों पर स्थापित करना चाहिए जहां उनकी प्रकृति के अनुसार पर्याप्त प्राकृतिक प्रकाश पहुंच सके। जिन पौधों को पनपने के लिए तेज धूप की जरूरत होती है, उन्हें किसी अंधेरे कोने में रख देने से उनका विकास पूरी तरह रुक सकता है।

इसके विपरीत, कम रोशनी में जीवित रहने वाली प्रजातियों को कमरों के भीतरी हिस्सों में खूबसूरती से सजाया जा सकता है। इसके अलावा गमलों के चयन में जल निकासी का विशेष ध्यान रखना चाहिए। गमले की तली में पानी निकलने का उचित छेद होना जरूरी है ताकि जड़ों में अतिरिक्त नमी न ठहरे। जड़ों के पास पानी जमा रहने से पौधे सड़ने का खतरा बना रहता है, इसलिए जल निकासी का सही प्रबंधन पौधे की लंबी उम्र सुनिश्चित करता है।

कांटेदार पौधों की सुरक्षा और जरूरी सार-संभाल

कैक्टस जैसे नुकीले और कांटेदार पौधों को आवासीय परिसरों में रखने को लेकर वास्तु शास्त्र की अपनी अलग-अलग धारणाएं हैं। हालांकि आधुनिक विज्ञान के पास ऐसी मान्यताओं की पुष्टि करने वाला कोई पुख्ता प्रमाण मौजूद नहीं है। फिर भी व्यावहारिक पहलू यह है कि जिन घरों में नन्हे बच्चे रहते हैं, वहां इन कांटेदार गमलों को जमीन पर रखने के बजाय किसी ऊंची और सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए। इसके लिए मजबूत वॉल शेल्फ या ऊंचे प्लांट स्टैंड का उपयोग करना समझदारी भरा कदम है।

सजावटी पौधों को कमरों के अलावा बालकनी, सीढ़ियों के किनारों और खिड़कियों की चौखटों पर करीने से सजाकर पूरे घर को नया रूप दिया जा सकता है। इससे घर का कोना-कोना प्राकृतिक ताजगी से भर उठता है। पौधों को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने के लिए उनकी पत्तियों की समय-समय पर सफाई करना, उन्हें जरूरत के मुताबिक धूप दिखाना और मिट्टी सूखने पर ही संतुलित मात्रा में पानी देना बेहद जरूरी नियम हैं।

सवाल-जवाब

घरों के अंदर हवा में कौन से मुख्य प्रदूषक मौजूद होते हैं?
घरों में धूल के बारीक कण, धुआं और नए फर्नीचर, पेंट या गोंद से निकलने वाले वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (वीओसी) मौजूद रहते हैं।
इंडोर पौधों के लिए धूप का प्रबंधन कैसे करना चाहिए?
ज्यादा धूप चाहने वाले पौधों को खिड़की के पास रखना चाहिए, जबकि कम रोशनी में पनपने वाले पौधों को कमरे के अंदरूनी हिस्सों में सजाया जा सकता है।
गमलों में जल निकासी की व्यवस्था होना क्यों जरूरी है?
गमलों में पानी निकलने की व्यवस्था होने से अतिरिक्त पानी जड़ों में जमा नहीं होता, जिससे पौधे सड़ने से बच जाते हैं।
छोटे बच्चों वाले घरों में कैक्टस को कहां रखना चाहिए?
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैक्टस जैसे कांटेदार पौधों को मजबूत शेल्फ या ऊंचे स्टैंड पर रखना चाहिए।
क्या कैक्टस रखने से जुड़े वास्तु नियमों का कोई वैज्ञानिक आधार है?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ऐसी वास्तु मान्यताओं का कोई स्थापित प्रमाण मौजूद नहीं है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी जरूरी है।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·15 मिनट पहले

अपार्टमेंट संस्कृति और नए निर्माण में उपयोग होने वाले पेंट और फर्नीचर से निकलने वाले वीओसी जैसे रसायन अदृश्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं। हालांकि पौधे इन विज्ञापित हवा की शुद्धता के दावों में मदद करते हैं, पर कानूनी और सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह समझना अनिवार्य है कि यह केवल पूरक उपाय है, जो वेंटिलेशन और प्रदूषण नियंत्रण के बुनियादी नियमों का विकल्प नहीं बन सकता।

Rohan Verma@rohan-verma·15 मिनट पहले

शहरी इलाकों में बढ़ते कंक्रीट के जंगलों के बीच इंडोर प्लांट्स सिर्फ सौंदर्य बढ़ाने का साधन नहीं, बल्कि वीओसी जैसे अदृश्य रसायनों से लड़ने का एक वैज्ञानिक माध्यम भी बन रहे हैं। हालांकि, जैसा कि करण मल्होत्रा ने रेखांकित किया, यह वेंटिलेशन का विकल्प नहीं हो सकता। लोक स्वास्थ्य और प्रशासनिक नीतियों के लिहाज से यह जरूरी है कि नए भवनों के निर्माण और पेंटिंग के दौरान कड़े पर्यावरणीय मानकों का पालन हो, ताकि नागरिकों को जहरीली हवा से बचाया जा सके।

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