शारीरिक रूप से अक्षम और आर्थिक तंगी से जूझ रहे व्यक्तियों को सामान्य जीवन की मुख्यधारा में लौटाने के उद्देश्य से झारखंड के कोडरमा में एक व्यापक सेवा अभियान शुरू किया जा रहा है। रोटरी क्लब कोडरमा अपने सेवा प्रकल्प उम्मीद की किरण के अंतर्गत तीन दिवसीय निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर आयोजित करने जा रहा है। यह आयोजन 25, 26 और 27 सितंबर को रोटरी क्लब कोडरमा के सभागार में संपन्न होगा। शिविर के दौरान तीनों दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पात्र व्यक्तियों का पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच और कृत्रिम अंगों का निर्माण कार्य समानांतर रूप से चलेगा।
हाथ, पैर या उंगलियां गंवाने वाले जरूरतमंदों को मिलेगी प्राथमिकता
प्रोजेक्ट डायरेक्टर रोटेरियन नवीन जैन के अनुसार इस शिविर की रूपरेखा विशेष रूप से ऐसे दिव्यांगजनों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिन्होंने किसी दुर्घटना अथवा बीमारी के चलते अपने हाथ, पैर या उंगलियां खो दी हैं। खुले बाजार में ऐसे उन्नत कृत्रिम अंगों की सामान्य दरें 20 से 25 हजार रुपये या उससे भी अधिक तक पहुंच जाती हैं, जिसके कारण कमजोर आय वर्ग के परिवारों के लिए इन्हें खरीद पाना संभव नहीं हो पाता। इस आर्थिक बाधा को समाप्त करने के लिए ही इस शिविर में सभी चयनित लाभार्थियों को पूरी तरह मुफ्त कृत्रिम अंग प्रदान किए जाएंगे। प्रक्रिया में शामिल होने के लिए लाभार्थियों का आधार कार्ड के जरिए पंजीकरण किया जाएगा और उन्हें एक औपचारिक रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी होगा।
गोरखपुर से पहुंचेगी डॉक्टरों की टीम, सभागार में ही बनेंगे कृत्रिम अंग
शिविर की तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए नवीन जैन ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के पहले दिन उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से डॉक्टरों और तकनीकी विशेषज्ञों का एक विशेष दल कोडरमा पहुंचेगा। यह टीम प्रत्येक लाभार्थी की शारीरिक बनावट और व्यक्तिगत जरूरत के मुताबिक नाप लेगी। इसके तुरंत बाद आधुनिक उपकरणों और मशीनों की सहायता से रोटरी क्लब कोडरमा के सभागार में ही इन कृत्रिम अंगों को तैयार किया जाएगा। आवश्यक मशीनरी और कच्चा माल भी गोरखपुर की तकनीकी टीम अपने साथ ला रही है। कृत्रिम अंग लग जाने के बाद दिव्यांगजनों को चलने-फिरने तथा दैनिक कार्यों को स्वयं करने में सहूलियत मिलेगी, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
अन्य जिलों से पहुंचने वाले लोगों के लिए मुफ्त आवास और भोजन
शिविर के रजिस्ट्रेशन चेयर सिमरनजीत सिंह ने जानकारी दी कि इस कल्याणकारी पहल का लाभ उठाने के लिए केवल कोडरमा ही नहीं, बल्कि झारखंड के अन्य हिस्सों और पड़ोसी राज्य बिहार के विभिन्न जिलों से भी जरूरतमंद लोग अपना नामांकन करा रहे हैं। दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए रोटरी क्लब कोडरमा परिसर में उनके ठहरने और निःशुल्क भोजन का समुचित प्रबंध किया गया है। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि इस पूरे अभियान का केंद्रीय ध्येय निर्धन दिव्यांगजनों को आर्थिक दबाव से मुक्त कर उन्हें समाज में स्वाभिमान और गरिमा के साथ जीने का अवसर प्रदान करना है।



















