चेहरे की सुंदरता में भौंहों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि एक छोटा सा बदलाव भी आपके पूरे व्यक्तित्व और लुक को पूरी तरह बदल सकता है। कई बार चेहरे पर बेहतरीन मेकअप करने के बावजूद वैसा आकर्षण नजर नहीं आता जिसकी उम्मीद की गई होती है, और इस समस्या की मुख्य वजह अक्सर आइब्रो का गलत चयन होती है। अगर भौंहों को बहुत ज्यादा बारीक या पतला कर दिया जाए तो चेहरा अजीब दिख सकता है, जबकि गैर-जरूरी रूप से ज्यादा मोटी या असामान्य रूप से ऊंची आर्च वाली भौंहें चेहरे के कुदरती संतुलन को प्रभावित कर देती हैं। इसलिए सैलून जाते समय केवल चलन या ट्रेंड के पीछे भागने के बजाय अपनी बनावट को प्राथमिकता देना समझदारी भरा कदम है।
भौंहों की रूपरेखा तय करते समय व्यक्ति के चेहरे का आकार, माथे का फैलाव और आंखों की प्राकृतिक बनावट का विशेष ख्याल रखना पड़ता है। जब आइब्रो का आकार चेहरे की हड्डियों और रेखाओं से मेल खाता है, तब बिना किसी भारी मेकअप के भी नैन नक्श काफी स्पष्ट, सधे हुए और आकर्षक नजर आने लगते हैं।
चेहरे की बनावट और आइब्रो के बीच सही तालमेल
भौंहों की स्टाइलिंग करने से पहले यह पहचानना सबसे अहम है कि आपका चेहरा किस श्रेणी में आता है। गोल, अंडाकार, चौकोर, लंबा और हार्ट शेप, इन सभी चेहरों की अपनी खास विशेषताएं होती हैं और किसी एक चेहरे पर जंचने वाली स्टाइल दूसरे चेहरे पर बिल्कुल बेमेल लग सकती है। सही आकार चुनने का सबसे बड़ा उद्देश्य चेहरे की प्राकृतिक बनावट के साथ एक खूबसूरत संतुलन कायम करना होता है।
गोल चेहरे के लिए बेहतर आर्च का चुनाव
जिन लोगों का चेहरा गोल होता है और जिनके गालों की चौड़ाई अधिक दिखाई देती है, उनके लिए हल्की ऊंची आर्च वाली आइब्रो सबसे उपयुक्त विकल्प मानी जाती है। इस तरह का उठाव चेहरे को थोड़ा लंबा और संतुलित दिखाने में मदद करता है। गोल चेहरे पर कभी भी पूरी तरह गोल भौंहें नहीं बनवानी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से चेहरे का गोलपन और अधिक प्रमुख होकर उभरने लगता है। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आर्च को बहुत तीखा या नुकीला बनाने के बजाय प्राकृतिक ढलान दी जाए ताकि चेहरा सहज दिखे।
अंडाकार चेहरे के लिए कुदरती खिंचाव
ओवल यानी अंडाकार चेहरे को आमतौर पर सबसे ज्यादा संतुलित माना जाता है। इस तरह के फेस कट पर हल्के आर्च वाली सामान्य आइब्रो बड़ी आसानी से खूबसूरत लगती है। ऐसे चेहरे के लिए भौंहों को जरूरत से ज्यादा पतला करने या बेवजह बहुत ऊंची आर्च देने की कोई आवश्यकता नहीं होती। आइब्रो की वास्तविक मोटाई को बरकरार रखते हुए दिया गया एक हल्का सा घुमाव चेहरे के नैन नक्श को एकदम साफ और उभरा हुआ दिखा देता है।
चौकोर चेहरे के लिए सॉफ्ट कर्व का महत्व
चौकोर चेहरे की पहचान यह होती है कि उसमें जबड़े और माथे की चौड़ाई काफी स्पष्ट और मजबूत नजर आती है। ऐसे चेहरे पर अगर बिल्कुल सीधी और सख्त भौंहें बनाई जाएं तो चेहरे की बनावट और अधिक कठोर दिखने लगती है। इस स्थिति से बचने के लिए सॉफ्ट कर्व या हल्का घुमाव देने वाली आइब्रो बेहतर तालमेल बनाती है। हालांकि यह ख्याल रखना जरूरी है कि घुमाव बहुत ज्यादा ऊंचा न हो, अन्यथा चेहरे के भाव बेवजह बहुत तीखे या नाटकीय नजर आ सकते हैं।
लंबे चेहरे पर चौड़ाई का संतुलन बनाना
जिन लोगों का चेहरा लंबा होता है, उन्हें बहुत ऊंची आर्च वाली भौंहें बनवाने से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि इससे चेहरा और ज्यादा लंबा खिंचा हुआ दिखने लगता है। ऐसे चेहरे के लिए अपेक्षाकृत सीधी या बेहद कम घुमाव वाली आइब्रो एक शानदार चुनाव साबित होती है। इसके अलावा भौंहों के सिरों की लंबाई बहुत छोटी नहीं रखनी चाहिए। भौंहों का स्वाभाविक फैलाव बनाए रखने से लंबे चेहरे को चौड़ाई का एक अच्छा और संतुलित आभास मिलता है।
हार्ट शेप चेहरे के लिए कोमल घुमाव
हार्ट शेप वाले चेहरे पर माथा तुलनात्मक रूप से ज्यादा चौड़ा होता है जबकि ठुड्डी काफी पतली नजर आती है। इस तरह के अनुपात को संतुलित करने के लिए कोमल और प्राकृतिक आर्च सबसे अच्छी लगती है। बहुत ज्यादा पतली भौंहें बनवाने से माथा और अधिक चौड़ा तथा अलग-थलग दिखाई देने लगता है, इसलिए आइब्रो को बाकी विशेषताओं के साथ संतुलित रखना बेहद जरूरी होता है।
सैलून जाने से पहले इन अहम बातों का रखें ध्यान
केवल चेहरे का आकार जान लेना ही काफी नहीं होता, बल्कि दोनों आंखों के बीच की दूरी, भौंहों की मूल मोटाई और बालों के विकास की गति पर भी गौर करना चाहिए। यदि किसी की भौंहें स्वाभाविक रूप से घनी हैं, तो उन्हें पूरी तरह काटकर पतला करने के बजाय केवल अतिरिक्त बालों को साफ करवाकर प्राकृतिक ढांचा देना ही सबसे उत्तम तरीका होता है।



















