मोगरे की भीनी-भीनी खुशबू और सफेद फूल घर के आंगन या बालकनी को खूबसूरत बना देते हैं। गर्मी और बरसात के सीजन में यह पौधा विशेष रूप से खिलता है। लेकिन बहुत से बागवानों की शिकायत रहती है कि उनका मोगरे का पौधा खूब हरा-भरा है, उसमें पत्तियां भी खूब हैं, फिर भी फूल या कलियां नजर नहीं आतीं। इस समस्या की जड़ अक्सर गलत देखभाल, पोषण की कमी या पर्याप्त धूप न मिलना होती है। रायबरेली जिले के गार्डनिंग एक्सपर्ट अरुण कुमार सिंह बताते हैं कि पांच बुनियादी बातों का ध्यान रखने से मोगरे का पौधा कलियों से भर उठता है।
बागवानी के शौकीन लोगों की सबसे बड़ी चाहत होती है कि उनके मोगरे के पौधे पर पूरे सीजन फूल खिलते रहें। लेकिन कई बार खूब देखभाल के बाद भी पौधे में फूल कम आते हैं या आते ही नहीं। इसकी असली वजह यह होती है कि सिर्फ पानी देना काफी नहीं है, बल्कि पौधे को सही धूप, सही खाद, उचित मात्रा में पानी, समय पर छंटाई और कीड़ों से बचाव, ये सब एक साथ चाहिए। अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, जब ये पांचों चीजें सही तरीके से होती हैं, तब मोगरे का पौधा कलियों और फूलों से लद जाता है।
भरपूर धूप है सबसे पहली जरूरत
मोगरे के पौधे को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी और अच्छी धूप मिलनी चाहिए। जो लोग इस पौधे को किसी छांव वाली जगह या कमरे के भीतर रख देते हैं, उनके पौधे की पत्तियां तो हरी रहती हैं, लेकिन कलियां तैयार नहीं होतीं। फूलों के लिए पौधे को तेज धूप की जरूरत होती है। इसलिए गमले को हमेशा ऐसी जगह रखें जहां दिनभर की अच्छी धूप आती हो, चाहे वह छत हो, बालकनी हो या खुला आंगन। बिना पर्याप्त धूप के कोई भी खाद या देखभाल पौधे से फूल नहीं निकलवा सकती।
समय पर छंटाई करें
नई टहनियों पर ही कलियां बनती हैं, इसलिए पौधे की नियमित छंटाई जरूरी है। पौधे में जो टहनियां सूख गई हों या कमजोर पड़ गई हों, उन्हें कैंची से काट दें। जब किसी टहनी पर लगे फूल सूख जाएं, तो उस टहनी को आगे से थोड़ा सा काट दें। इससे उसी जगह से जल्दी नई कलियां निकलने लगती हैं। जितनी ज्यादा नई शाखाएं होंगी, उतनी ही अधिक कलियां पौधे पर आएंगी। नियमित छंटाई पौधे की पूरी ऊर्जा को नई शाखाओं और फूलों की ओर मोड़ देती है।
सही खाद और पोषण जरूरी है
मोगरे के पौधे को हैवी फीडर माना जाता है, यानी इसे नियमित और पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है। महीने में कम से कम एक बार गमले की मिट्टी को अच्छी तरह गुड़ाई करके उसमें सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट डालें। इसके अलावा, केले के छिलकों को सुखाकर बनाई गई खाद या थोड़ी सी बोनमील मिट्टी में मिलाने से पौधे को पोटैशियम और फॉस्फोरस मिलता है। ये दोनों पोषक तत्व मोगरे में ढेर सारे फूल लाने के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं।
मौसम के अनुसार पानी दें
मोगरे को पानी देते समय मौसम का खास ध्यान रखना जरूरी है। गर्मियों के दिनों में गमले की ऊपरी मिट्टी को देखें और जब वह सूखी लगे तभी पानी डालें। गमले में कभी पानी इकट्ठा न होने दें, क्योंकि जड़ें ज्यादा देर तक पानी में रहने से सड़ने लगती हैं और पौधा खराब हो सकता है। बरसात के दिनों में गमले के ड्रेनेज होल को नियमित जांचते रहें ताकि बारिश का अतिरिक्त पानी तुरंत बाहर निकल जाए और जड़ें सुरक्षित रहें।
कीड़ों और बीमारियों से बचाव करें
पौधे को स्वस्थ रखना भी फूलों की संख्या पर सीधा असर डालता है। अगर मोगरे की पत्तियों पर छोटे-छोटे कीड़े, जाले या सफेद रंग की फंगस नजर आए, तो इसे तुरंत ध्यान दें। नीम के तेल को पानी में मिलाकर पूरे पौधे पर अच्छी तरह छिड़काव करें। यह एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है जो कीड़ों और फंगस दोनों से पौधे की रक्षा करता है। चाहें तो किसी जैविक कीटनाशक का भी उपयोग कर सकते हैं। जब पौधा बीमारियों से मुक्त होगा, तभी उसकी ग्रोथ अच्छी होगी और फूलों की संख्या भी अपने आप बढ़ जाएगी।
इन पांचों बातों पर ध्यान देकर मोगरे की देखभाल की जाए, तो पूरे सीजन में पौधे पर सफेद और खुशबूदार फूलों की भरमार रहती है। थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल ही मोगरे के पौधे को कलियों से लाद देती है और घर-आंगन की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है।













