अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में कई दिग्गज बल्लेबाजों ने अपनी शानदार पारियों से रिकॉर्ड बनाए हैं, लेकिन इंग्लैंड के दाएं हाथ के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने एक ऐसा अनोखा मुकाम हासिल किया है जो खेल के इतिहास में विरला ही देखने को मिलता है। साल 2021 में जो रूट ने लगातार तीन टेस्ट मैचों में ना केवल शतक जमाए, बल्कि हर बार 180 से अधिक रनों का विशाल स्कोर भी खड़ा किया। अपने करियर के 98वें, 99वें और 100वें टेस्ट मैच में लगातार तीन शतकीय पारियां खेलने का यह कारनामा करने वाले जो रूट दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं। इस अभूतपूर्व प्रदर्शन ने टेस्ट क्रिकेट में उनकी रन बनाने की अद्भुत क्षमता और निरंतरता को पूरे विश्व के सामने साबित कर दिया।
श्रीलंका के खिलाफ गॉल में 98वें और 99वें टेस्ट का धमाल
जो रूट के इस ऐतिहासिक सफर की शुरुआत श्रीलंका दौरे के दौरान हुई थी। इस दौरे पर गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में, जो उनके करियर का 98वां टेस्ट मैच था, रूट ने मेजबान टीम के गेंदबाजों की जमकर परीक्षा ली। उन्होंने पहली ही पारी में पिच पर खूंटा गाड़कर बल्लेबाजी की और 228 रनों की मैराथन पारी खेलकर शानदार दोहरा शतक जड़ा। इस विशाल व्यक्तिगत स्कोर की बदौलत उनकी टीम ने मैच में मजबूत स्थिति बना ली।
इसी मैदान पर खेले गए सीरीज के अगले मुकाबले में जो रूट ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। यह उनके टेस्ट करियर का 99वां मुकाबला था। इस मैच की दूसरी पारी में कठिन परिस्थितियों के बावजूद रूट ने संयम और आक्रामकता का संतुलित प्रदर्शन करते हुए 186 रनों की बेमिसाल पारी खेली। श्रीलंका की स्पिन अनुकूल परिस्थितियों में लगातार दो मैचों में 180 से ज्यादा रन बनाना किसी भी विदेशी बल्लेबाज के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन रूट ने दोनों पारियों में अपनी तकनीक से सबको प्रभावित किया।
चेन्नई में 100वें टेस्ट मैच में जड़ा ऐतिहासिक दोहरा शतक
श्रीलंका में दो बैक-टू-बैक शतकीय पारियां खेलने के बाद इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर आई। भारत के खिलाफ चेन्नई में खेला गया सीरीज का पहला मुकाबला जो रूट के लिए बेहद खास था, क्योंकि यह उनके करियर का 100वां टेस्ट मैच था। अपने इस मील के पत्थर वाले मुकाबले को यादगार बनाते हुए रूट ने पहली ही पारी में भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ डटकर बल्लेबाजी की और 218 रनों की रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली।
चेन्नई टेस्ट में जड़े गए इस दोहरे शतक के साथ ही जो रूट दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए, जिन्होंने अपने 100वें टेस्ट मुकाबले में दोहरा शतक बनाने का कारनामा अंजाम दिया। अपने 98वें टेस्ट में 228 रन, 99वें टेस्ट में 186 रन और फिर 100वें टेस्ट में 218 रन बनाकर उन्होंने एक ऐसा विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया जिसे तोड़ना भविष्य के बल्लेबाजों के लिए बेहद कठिन चुनौती होगी।
भारत के खिलाफ नागपुर में हुआ था टेस्ट करियर का आगाज
दिलचस्प बात यह है कि जो रूट के टेस्ट करियर का संबंध भारत से काफी गहरा रहा है। उन्होंने साल 2012 में भारत दौरे के दौरान ही नागपुर में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेला था। अपने डेब्यू मैच की पहली पारी में ही युवा जो रूट ने 73 रनों की परिपक्व अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी थी। इसके बाद दूसरी पारी में वह 20 रन बनाकर नाबाद रहे थे और यह मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।
साल 2012 में डेब्यू करने के बाद से जो रूट ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। बीते वर्षों में वह इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम का सबसे मजबूत स्तंभ और टीम की रीढ़ बनकर उभरे हैं। उन्होंने हर तरह की परिस्थितियों में रन बनाकर टीम को कई यादगार जीत दिलाई हैं।
सचिन तेंदुलकर के महारिकॉर्ड पर टिकी हैं जो रूट की नजरें
35 वर्ष के हो चुके जो रूट इस समय टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दिग्गजों की सूची में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अब तक खेले गए 166 टेस्ट मैचों में 41 शतक और 67 अर्धशतकों की मदद से कुल 14,114 रन बनाए हैं। वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
विश्व क्रिकेट में सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने के मामले में जो रूट सिर्फ भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से पीछे हैं और दूसरे स्थान पर काबिज हैं। सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट मैचों में 15,921 रन दर्ज हैं। इस रिकॉर्ड को ध्वस्त करने के लिए रूट को 1600 से अधिक रनों की आवश्यकता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि रूट की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए वह इस आंकड़े को पार करने के प्रबल दावेदार हैं।
रनों के अलावा जो रूट की नजरें सचिन तेंदुलकर के सर्वाधिक 51 टेस्ट शतकों के वर्ल्ड रिकॉर्ड पर भी हैं। इस सूची में फिलहाल रूट 41 शतकों के साथ चौथे स्थान पर मौजूद हैं। उनसे आगे ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग (41 शतक) और दक्षिण अफ्रीका के जैक कैलिस (45 शतक) हैं। सचिन तेंदुलकर के 51 शतकों के आंकड़े को पीछे छोड़ने के लिए जो रूट को अपने करियर में 11 और शतक लगाने होंगे।


















