आजकल के दौर में बड़े बगीचे होना हर किसी के लिए संभव नहीं है, लेकिन सीमित जगह होने का मतलब यह कतई नहीं है कि आप घर में उगे ताजे और पौष्टिक फलों का स्वाद नहीं ले सकते। यदि आपकी बालकनी में पर्याप्त धूप आती है, तो आप वहां बेहद आसानी से एक छोटा सा फ्रूट गार्डन विकसित कर सकते हैं। थोड़ी सी जानकारी और नियमित देखभाल की मदद से आपकी बालकनी का छोटा सा कोना भी हरियाली और फलों से लद सकता है। गार्डनिंग विशेषज्ञ चंद्रशेखर मिश्रा के अनुसार, बालकनी गार्डनिंग का चलन इन दिनों काफी लोकप्रिय हो रहा है। यह न केवल घर के वातावरण को खुशनुमा और हरा-भरा बनाता है, बल्कि आपको बिना किसी रसायनों के पूरी तरह से सुरक्षित और ताजे फल भी प्रदान करता है। पौधों की सही किस्म का चयन करने, उचित आकार के गमले लेने, नियमित सिंचाई और जैविक खाद का उपयोग करने से पौधे न केवल स्वस्थ रहते हैं, बल्कि तेजी से फल भी देना शुरू कर देते हैं।
बालकनी में उगाए जाने वाले फलदार पौधे
यदि आप भी अपनी बालकनी में फलों की पैदावार शुरू करना चाहते हैं, तो कुछ चुनिंदा पौधे ऐसे हैं जो बहुत आसानी से पनपते हैं। टमाटर बालकनी के लिए सबसे लोकप्रिय और सरल विकल्प माना जाता है, जिसे 12 से 14 इंच के गमले में आसानी से लगाया जा सकता है। इस पौधे को अच्छी धूप और सही मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। यदि आप इसे सही तरीके से सहारा देते हैं, तो यह महज 60 से 80 दिनों के भीतर फल देने के लिए तैयार हो जाता है। नींबू की ड्वार्फ किस्म भी बालकनी के लिए एक उत्कृष्ट चुनाव है, जिसे 16 से 18 इंच के गमले में रखना उचित रहता है। यदि आप इसे नियमित खाद दें, पर्याप्त धूप में रखें और समय-समय पर छंटाई करते रहें, तो यह साल में कई बार फल दे सकता है।
पौधों की देखभाल और खाद
पपीते के ड्वार्फ पौधे अब खास तौर पर गमलों में उगाने के लिए ही तैयार किए गए हैं। इन्हें 20 से 24 इंच के बड़े गमले में लगाकर धूप वाले स्थान पर रखें, जहां वे सही देखभाल मिलने पर 6 से 8 महीने में ही फल देना शुरू कर देते हैं। स्ट्रॉबेरी को छोटे कंटेनरों या हैंगिंग बास्केट में आसानी से उगाया जा सकता है, बस ध्यान रहे कि इसे कम से कम 6 घंटे की धूप और पर्याप्त पानी मिले। जैविक खाद का नियमित उपयोग करने से ये फल काफी मीठे और रसीले हो जाते हैं। अमरूद का छोटा पौधा भी गमलों में आसानी से सेट हो जाता है, बशर्ते इसे उचित धूप, पानी और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर दिया जाए, जिससे यह साल भर के भीतर फल देने लगता है। इसके अलावा, केले की ड्वार्फ वैरायटी भी अब बालकनी के लिए उपलब्ध है। इसे एक बड़े कंटेनर में लगाएं और पर्याप्त नमी बनाए रखें, तो यह घर के अंदर ही फल देने में सक्षम है। बालकनी में मिनी फ्रूट गार्डन बनाना न केवल जगह का बेहतरीन उपयोग है, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी एक बहुत अच्छा निवेश है।













