मानसून के मौसम में नमी के कारण घरों में रखे बर्तनों पर अजीबोगरीब धब्बे उभर आते हैं। खासकर दूध के डिब्बे और ढक्कन वाले बर्तनों से कई बार अजीब सी दुर्गंध भी आने लगती है। पूजा में काम आने वाले तांबे और पीतल के बर्तनों पर तो अक्सर हरे रंग की परत और काई जैसी जम जाती है। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर बाजार से महंगे केमिकल वाले क्लीनर खरीद लाते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में वे मनचाहा परिणाम देने में नाकाम रहते हैं। ऐसे में आप घर पर ही बेहद किफायती और असरदार पाउडर तैयार करके इन बर्तनों को नए जैसा चमका सकते हैं।
घर पर क्लीनिंग पाउडर तैयार करने की सामग्री
रसोई में मौजूद तांबा, पीतल, स्टील या एल्युमिनियम के बर्तन वक्त के साथ अपनी चमक खो बैठते हैं। महंगे बाजारू उत्पादों पर पैसे खर्च करने के बजाय आप घर की सामान्य चीजों से एक दमदार और बजट-फ्रेंडली क्लीनिंग पाउडर बना सकते हैं। यह मिश्रण जिद्दी कालेपन और पुरानी गंदगी को आसानी से चुटकियों में साफ कर देता है। इसके लिए आपको सर्फ या डिटर्जेंट पाउडर का दस रुपए वाला एक छोटा पाउच लेना होगा। इसके अलावा बर्तनों के कालेपन के हिसाब से दो से चार टेबलस्पून साइट्रिक एसिड और डेढ़ से दो चम्मच मीठा सोडा यानी बेकिंग सोडा की जरूरत पड़ेगी।
पाउडर बनाने और इस्तेमाल करने का तरीका
इस जादुई पाउडर को बनाने के लिए मिक्सी के जार में गेहूं का आटा, नमक, डिटर्जेंट पाउडर, साइट्रिक एसिड और बेकिंग सोडा डालकर सूखा ही पीस लें। इस तैयार मिश्रण को किसी साफ और हवा बंद जार में भरकर सुरक्षित रख लें ताकि नमी से बचा जा सके। जब भी तांबे और स्टील के बर्तनों को साफ करना हो, जरूरत के अनुसार पाउडर एक कटोरी में निकालें और थोड़ा सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को पूजा के तांबे के बर्तनों या स्टील के बर्तनों पर लगाकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें और हल्का सा रगड़ते ही बर्तन चमक उठेंगे।
पीतल, कांस और एल्युमिनियम के बर्तनों की सफाई
इसी तरह पीतल और कांस के पुराने या ज्यादा काले पड़ चुके बर्तनों पर भी इस पाउडर का पेस्ट बनाकर दो से तीन मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें और फिर पानी से धो लें। इसके अलावा ज्यादा इस्तेमाल या तेज आंच की वजह से एल्युमिनियम के बर्तन और कुकर बाहर से काले हो जाते हैं। ऐसे बर्तनों के बाहरी हिस्से पर इस पेस्ट को लगाकर स्क्रबर से हल्के हाथों से रगड़ें, जिससे वर्षों पुरानी जमी हुई गंदगी और कालिख आसानी से साफ हो जाती है।



















