मानसून के दस्तक देते ही वातावरण में नमी, पसीना और तापमान का बार-बार बदलना सीधे तौर पर चेहरे की सेहत पर असर डालता है। इस मौसम में चेहरे का मिजाज अक्सर समझ से परे हो जाता है, जहाँ कभी अत्यधिक चिपचिपाहट और तेल की परत जमने लगती है, तो कभी अचानक त्वचा बेजान और रूखी महसूस होने लगती है। बाजार में मौजूद महंगे केमिकल युक्त सौंदर्य प्रसाधनों पर भारी खर्च करने के बजाय लोग अक्सर अपने घरों में मौजूद उन आसान और पारंपरिक नुस्खों का रुख करते हैं, जो पीढ़ियों से आजमाए जाते रहे हैं। दादी-नानी के दौर के इन उपायों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनमें केवल वही सामग्रियां काम में लाई जाती हैं, जो आमतौर पर हर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाती हैं।
मसूर दाल और दही से तैयार करें प्राकृतिक फेस पैक
पारंपरिक सौंदर्य दिनचर्या में मसूर दाल का उपयोग एक प्रमुख घटक के रूप में किया जाता रहा है। इस घरेलू लेप को तैयार करने का तरीका भी बेहद सरल है। मसूर दाल को कुछ समय के लिए पानी में भिगोकर रख दिया जाता है और फिर उसे बारीक पीस लिया जाता है। इसके बाद उस लेप में आवश्यकतानुसार ताज़ा दही मिलाकर एक गाढ़ा फेस पैक तैयार किया जाता है। इस मिश्रण को चेहरे पर समान रूप से लगाकर कुछ देर सूखने दिया जाता है और फिर सामान्य सादे पानी से चेहरा साफ कर लिया जाता है। यह नुस्खा त्वचा पर जमी मैल को हटाकर उसे स्वच्छ, कोमल और मुलायम बनाने में काफी मददगार साबित हो सकता है। किसी भी घरेलू लेप को चेहरे पर लगाने से पहले शरीर के किसी छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट कर लेना हमेशा बुद्धिमानी मानी जाती है।
केले, शहद और एलोवेरा से पाएं प्राकृतिक नमी
यदि मौसम की वजह से चेहरे पर सूखापन महसूस हो रहा हो, तो केला और शहद त्वचा को भरपूर नमी प्रदान करने वाले बेहतरीन घरेलू विकल्प माने जाते हैं। इसके इस्तेमाल के लिए एक अच्छी तरह पके हुए केले को अच्छी तरह मैश कर लिया जाता है और उसमें थोड़ी सी मात्रा में शहद मिलाया जाता है। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर लगभग 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दिया जाता है, जिसके बाद इसे पानी से धो लेना चाहिए। इसके अलावा, ताज़ा एलोवेरा जेल भी चेहरे की ताजगी लौटाने के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है, जिसे चेहरे पर कुछ समय लगाकर बाद में साफ पानी से धोया जाता है। जिन लोगों की त्वचा अधिक संवेदनशील होती है, उन्हें एलोवेरा या किसी भी नई सामग्री का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
नारियल तेल और दही का सही उपयोग समझें
भारतीय घरों में नारियल तेल और दही का उपयोग भी त्वचा की देखभाल के लिए लंबे अरसे से किया जाता रहा है। जिन लोगों की त्वचा अत्यधिक रूखी होती है, वे चेहरे पर थोड़ी मात्रा में नारियल तेल लगाकर नमी बनाए रख सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, दही को सीधे त्वचा पर लगाकर कुछ देर बाद पानी से धोया जा सकता है। तैलीय या मुंहासों की समस्या से जूझ रहे लोगों को चेहरे पर तेल लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे रोमछिद्र बंद होने और परेशानी बढ़ने का खतरा रहता है। घरेलू उपाय भले ही सस्ते और सहज हों, लेकिन हर व्यक्ति की त्वचा की बनावट अलग होती है। यदि किसी नुस्खे से चेहरे पर जलन, लालिमा या खुजली महसूस हो, तो उसका प्रयोग तुरंत रोक दें और समस्या गंभीर होने पर किसी त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।



















