घरों की छतों पर रखी पानी की टंकियों में वक्त के साथ काई, गाद और धूल-मिट्टी की मोटी परत जम जाना एक आम समस्या है। इस दूषित तलछट की वजह से नलों से आने वाला पानी मटमैला होने लगता है और दैनिक उपयोग में परेशानी खड़ी करता है। कई बार लोग टंकी के भीतरी कोनों को साफ करने के चक्कर में स्वयं संकरे मुंह से भीतर उतरने का भारी जोखिम उठा लेते हैं। किसी बंद और फिसलन भरी टंकी के अंदर जाना सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। वास्तव में, उचित तकनीकी उपकरणों और व्यवस्थित तरीकों को अपनाकर टंकी में कदम रखे बिना भी दीवारों और तलहटी को पूरी तरह चमकाया जा सकता है। इससे सफाई का काम बिना किसी दुर्घटना के डर के बेहद सुगमता से पूरा हो जाता है।
लंबे हैंडल वाले ब्रश से दीवारों और फर्श की स्क्रबिंग
अगर भंडारण टैंक में केवल हल्की काई या सामान्य मिट्टी ही बैठी है, तो लंबे हैंडल वाले विशेष ब्रश की सहायता लेना सबसे सरल और सुरक्षित विकल्प है। एक्सपर्ट हरिलाल निषाद ने बताया कि इस प्रक्रिया की शुरुआत करने से पहले टंकी का सारा पुराना पानी पूरी तरह खाली कर देना चाहिए। जल निकासी पूरी होने के पश्चात टैंक का ऊपरी ढक्कन खोलें और मजबूत ग्रिप वाले लंबे डंडे से लैस ब्रश को अंदर डालें। बाहर खड़े-खड़े ही इस ब्रश के दबाव से दीवारों, घुमावदार कोनों और तल की सतह को अच्छी तरह रगड़ें। ऐसा करने से जमी हुई गंदगी तुरंत उखड़ जाती है और किसी को भी भीतर जाने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती। प्रयोग में लाया जाने वाला ब्रश पूरी तरह साफ, बैक्टीरिया-मुक्त और सुरक्षित होना चाहिए ताकि टैंक को कोई नुकसान न पहुंचे।
हाई वाटर प्रेशर जेट की मदद से जिद्दी काई हटाना
टैंक की आंतरिक दीवारों पर जब काई और गीली मिट्टी बुरी तरह चिपक जाती है, तो वहां हाथ से रगड़ना उतना असरदार नहीं होता। ऐसी स्थिति में वाटर प्रेशर जेट का उपयोग बेहद प्रभावी सिद्ध होता है। इस आधुनिक मशीन से पानी की अत्यधिक तेज धार निकलती है, जो दीवारों की दरारों और छिपे हुए कोनों में फंसी गंदगी को तुरंत ढीला करके बहा देती है। इसका उपयोग करने के लिए पहले टंकी को खाली करें, फिर मुख्य ढक्कन के जरिए प्रेशर नोजल को अंदर की तरफ लक्षित करें। जेट चलाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि निचला आउटलेट या निकासी वॉल्व पूरी तरह खुला रहे, ताकि उखड़ी हुई मैल बिना रुके तुरंत बाहर बहती रहे।
सबमर्सिबल पंप की सहायता से तलछट का निष्कासन
ब्रश या जेट से की गई सफाई के बाद अक्सर टंकी के तल में मटमैला पानी और भारी कीचड़ इकट्ठा हो जाता है, जिसे बाल्टी से निकालना मुश्किल होता है। इस बचे हुए गंदे अवशेष को पूरी तरह बाहर फेंकने के लिए एक छोटे सबमर्सिबल पंप या उपयुक्त वाटर पंप का सहारा लेना चाहिए। पंप को सावधानीपूर्वक टंकी के पेंदे तक उतारें और दूषित घोल को बाहर निकाल दें। इसके बाद ताजा और स्वच्छ पानी अंदर डालकर पूरे टैंक को दोबारा खंगालें। पेंदे में जमा भारी मिट्टी को जड़ से हटाने का यह सबसे तेज उपाय है। पंप का संचालन करते समय बिजली के तारों, प्लग और अर्थिंग से जुड़े सभी जरूरी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
फूड-ग्रेड क्लीनर और सुरक्षित डिसइंफेक्शन प्रक्रिया
टंकी से केवल मैल निकाल देना और सादा पानी डाल देना ही स्वच्छ पेयजल की गारंटी नहीं बनता। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए उचित रासायनिक कीटाणुशोधन भी अनिवार्य कदम है। पीने के पानी के भंडारण को बैक्टीरिया से मुक्त करने के लिए स्वीकृत सुरक्षित क्लीनर और निर्धारित मात्रा में खाद्य-उपयोग योग्य बिना खुशबू वाले सोडियम हाइपोक्लोराइट यानी ब्लीच का उपयोग किया जा सकता है। इस घोल की मात्रा को हमेशा उत्पाद के लेबल या स्वास्थ्य विभाग के अधिकृत निर्देशों के अनुसार ही मापा जाना चाहिए। डिसइंफेक्शन की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद टैंक को कई बार साफ पानी से धोएं, जिससे कीटाणुनाशक के सारे अंश बाहर निकल जाएं और उसके बाद ही नया ताजा पानी भरें। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि ब्लीच को कभी भी तेजाब, टॉयलेट क्लीनर या अमोनिया के साथ नहीं मिलाना चाहिए, क्योंकि यह मिश्रण बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।



















