आंखों में एकदम बराबर और शार्प आईलाइनर लगाना रोज के मेकअप का सबसे मुश्किल हिस्सा माना जाता है, और यहीं पर ज्यादातर लोग अटक जाते हैं, चाहे वे पहली बार आईलाइनर लगा रहे हों या महीनों से अभ्यास कर रहे हों। कभी एक आंख का लाइनर दूसरी से मोटा या ज्यादा विंग्ड निकल आता है, तो कभी हाथ कांपने की वजह से मिनटों की मेहनत एक झटके में बिगड़ जाती है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि साफ और प्रोफेशनल दिखने वाला लाइनर आपकी पहुंच से बाहर है। सही तरीका, सही टूल्स और थोड़ा धैर्य हो, तो शुरुआती लोग भी उतनी ही आसानी से शार्प और बराबर आईलाइनर लगाना सीख सकते हैं, जितनी आसानी से बरसों से मेकअप करने वाले लोग करते हैं।
मेकअप एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईलाइनर लगाना एक हुनर है, न कि कोई ऐसी काबिलियत जो किसी में जन्म से हो या न हो, और किसी भी हुनर की तरह यह भी अभ्यास के साथ लगातार निखरता जाता है। चाहे मकसद रोजाना पहनने लायक सिंपल और साफ लाइन बनाना हो या फिर ज्यादा ड्रामैटिक विंग्ड लुक तैयार करना हो, कुछ आसान आदतें और एक तय स्टेप बाय स्टेप तरीका पूरी प्रक्रिया को काफी हद तक तनाव मुक्त बना सकता है।
सही टूल्स चुनना क्यों जरूरी है
ज्यादातर लोग यह मान लेते हैं कि बस एक अच्छा आईलाइनर खरीद लेने भर से साफ फिनिश मिल जाएगी, लेकिन असल फर्क उसके साथ इस्तेमाल होने वाले टूल्स से भी उतना ही पड़ता है। सही ब्रश, एक स्थिर दर्पण और सफाई के लिए जरूरी कुछ बुनियादी चीजें हाथ में हों, तो आईलाइनर लगाना एक थकाऊ अंदाजा लगाने वाले काम से निकलकर काफी आसान प्रक्रिया बन जाता है। हाथ में पकड़ने वाले दर्पण के बजाय टेबल पर टिका हुआ स्थिर दर्पण बेहतर रहता है, क्योंकि इससे दोनों हाथ खाली रहते हैं, जिससे लाइन खींचते समय हाथ पहले से ज्यादा स्थिर बना रहता है। अच्छी रोशनी भी उतनी ही जरूरी है, क्योंकि इससे छोटी-छोटी गलतियां तुरंत नजर आ जाती हैं और उन्हें उसी वक्त सुधारा जा सकता है, बजाय इसके कि पूरा मेकअप बन जाने के बाद ही वे नजर आएं।
शुरुआत पेंसिल आईलाइनर से करें, लिक्विड या जेल बाद में
जो लोग पहली बार आईलाइनर लगा रहे हैं या अभी भी इसमें अपना भरोसा बना रहे हैं, उनके लिए लिक्विड या जेल फॉर्मूला की जगह पेंसिल आईलाइनर से शुरुआत करना ज्यादा बेहतर रहता है। पेंसिल को कंट्रोल करना कहीं ज्यादा आसान होता है, और कुछ गलत हो भी जाए तो उसे उसी वक्त ठीक किया जा सकता है, पूरा लुक दोबारा बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। लिक्विड और जेल लाइनर को बाद के लिए रखना बेहतर रहेगा, जब नियमित अभ्यास से हाथ पूरी तरह से स्थिर हो जाए, क्योंकि ये फॉर्मूला छोटी सी गलती को भी माफ नहीं करते।
पतला ब्रश ला सकता है बड़ा फर्क
जो लोग जेल या क्रीम बेस्ड आईलाइनर पसंद करते हैं, उनके लिए पतले और बारीक नोक वाले ब्रश पर स्विच करने से नतीजे में साफ फर्क दिखता है। पतला ब्रश ज्यादा साफ और सटीक लाइन बनाता है, और विंग को ठीक उसी शेप में ढालना कहीं आसान हो जाता है, जितना मोटे ब्रश से मुमकिन नहीं होता।
कॉटन बड और माइसेलर वॉटर हमेशा साथ रखें
आईलाइनर सीखने के शुरुआती दिनों में छोटी-मोटी गलतियां होना बिल्कुल सामान्य बात है। हाथ में कॉटन बड और माइसेलर वॉटर रखने से किसी भी बहकी हुई लाइन या धब्बे को बड़ी सफाई से हटाया जा सकता है, बिना पूरा आई मेकअप दोबारा से बनाने की जरूरत पड़े।
शार्प और बराबर लाइन के लिए स्टेप बाय स्टेप तरीका
सबसे पहला स्टेप यह है कि एक लंबी सीधी लाइन खींचने की बजाय उसे छोटे-छोटे स्ट्रोक में बनाया जाए। लाइन की शुरुआत आंख के बाहरी कोने से करें और धीरे-धीरे उसे मनचाहे शेप के हिसाब से बाहर की ओर बढ़ाएं, और अगर हाथ कांपने की आदत हो तो कोहनी को टेबल पर टिकाकर काम करने से हाथ स्थिर रहता है।
अगला स्टेप बाहरी कोने से ऊपर की तरफ हल्का सा फ्लिक बनाना है। यह जरूरी है कि दोनों आंखों में इस फ्लिक की लंबाई और एंगल लगभग एक जैसा रहे। एक आंख का काम पूरी तरह खत्म करके दूसरी पर जाने के बजाय, हर स्टेप को दोनों आंखों पर साथ-साथ पूरा करना चाहिए, क्योंकि इससे दोनों तरफ बराबरी बनाए रखना कहीं आसान हो जाता है।
फ्लिक बन जाने के बाद, लाइन को आंख के अंदरूनी कोने से धीरे-धीरे उस विंग तक जोड़ा जाना चाहिए जो पहले ही बनाई जा चुकी है। इस स्टेज पर लाइन की मोटाई अपनी पसंद के हिसाब से पतली रखी जा सकती है या थोड़ी बोल्ड भी बनाई जा सकती है, लेकिन इस स्टेप में जल्दबाजी करना ही आमतौर पर लाइन को टेढ़ा बना देता है।
शेप की पूरी आउटलाइन बन जाने के बाद अगला स्टेप उसके अंदर का हिस्सा भरना है, और ध्यान रखें कि लैश लाइन के पास कोई गैप नजर न आए। इसे भरने के बाद अगले स्टेप पर जाने से पहले दोनों आंखों को मोटाई और शेप के लिहाज से ध्यान से देखकर आपस में मिलाना जरूरी है।
आखिरी स्टेप यह है कि लिक्विड आईलाइनर लगाने के तुरंत बाद पलकें न झपकाएं, बल्कि उसे कुछ सेकंड तक ठीक से सूखने दें। अगर पेंसिल आईलाइनर इस्तेमाल किया गया है, तो उसी शेड के आईशैडो को हल्के हाथ से उस पर दबाया जा सकता है ताकि लाइन सेट हो जाए। सबसे आखिर में लगाया गया सेटिंग स्प्रे भी आईलाइनर को दिनभर ज्यादा देर तक टिकाए रखने में मदद कर सकता है।
सबसे आम गलती जो लगभग हर कोई करता है
आईलाइनर लगाते समय सबसे आम गलती जल्दबाजी करना ही है। बड़ी संख्या में लोग पहले एक आंख की पूरी लाइन बना लेते हैं और उसके बाद ही दूसरी आंख पर जाते हैं, और यही आदत दोनों आंखों के शेप या मोटाई में फर्क ला देती है। लाइन को बार-बार मोटा करने के लिए उस पर दोबारा-दोबारा हाथ फेरना भी अंतिम लुक को बिगाड़ने वाली एक और आदत है। पूरे अभ्यास के दौरान धैर्य बनाए रखना और हर स्टेप को एक आंख की बजाय दोनों आंखों पर साथ-साथ दोहराना, इन दोनों आम दिक्कतों से बचने में मदद करता है।
रोज के अभ्यास से बनेगी बात आसान
हर व्यक्ति की आंख का आकार थोड़ा अलग होता है, इसलिए यह उम्मीद करना ठीक नहीं कि एक ही स्टाइल सबके ऊपर बिल्कुल एक जैसी दिखेगी, और अपने चेहरे व आंखों पर सूट करने वाला लुक चुनना किसी और की स्टाइल को हूबहू कॉपी करने से कहीं ज्यादा मायने रखता है। शुरुआत सिंपल और बेसिक लाइन से करना और हाथ के वाकई स्थिर हो जाने के बाद ही विंग्ड, कैट-आई या रंगीन आईलाइनर जैसे लुक आजमाना बेहतर तरीका है। लगातार रोजाना अभ्यास करने से जो काम कभी तनाव भरा और लंबा लगता था, वही कुछ ही दिनों में एक आसान, रोजमर्रा की आदत बन सकता है।





















