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उमस भरी चिपचिपी गर्मी में कमरे को शिमला जैसा ठंडा बना देगा आपका कूलर, बस अपनाएं ये आसान घरेलू तरीकेजीवनशैली
27 जून 2026, 6:37 pm (46 दिन पहले)· 2

उमस भरी चिपचिपी गर्मी में कमरे को शिमला जैसा ठंडा बना देगा आपका कूलर, बस अपनाएं ये आसान घरेलू तरीके

जुलाई की भीषण गर्मी और उमस में अगर आपका कूलर गर्म हवा दे रहा है, तो इन आसान टिप्स की मदद से आप उसे दोबारा एसी की तरह कूलिंग करने वाला बना सकते हैं।

जुलाई का महीना अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है, लेकिन देश के कई हिस्सों में न तो भीषण गर्मी कम होने का नाम ले रही है और न ही झमाझम बारिश की कोई उम्मीद नजर आ रही है। इस तपते मौसम में जब लोगों को ठंडी हवा की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब उनके घरों में लगे रूम कूलर ठंडी हवा देने के बजाय गर्म और चिपचिपी हवा फेंकने लगते हैं। ऐसे में रात को चैन की नींद सोना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह जाता है। कूलर से ठंडी हवा आने के बजाय उमस भरी हवा आने की मुख्य वजह वातावरण में बढ़ी हुई नमी, कूलर के रखरखाव में लापरवाही और इसे चलाने का गलत तरीका हो सकता है। अगर आप भी इस चिलचिलाती गर्मी और परेशान करने वाली उमस से पूरी तरह छुटकारा पाना चाहते हैं, तो कुछ बहुत ही आसान और असरदार तरीके अपनाकर अपने कूलर को फिर से AC जैसी शानदार कूलिंग देने वाला बना सकते हैं और सुकून की नींद सो सकते हैं।

सही जगह पर कूलर रखना है सबसे महत्वपूर्ण काम

कूलर से बेहतरीन कूलिंग पाने के लिए उसे सही जगह पर स्थापित करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। कूलर को हमेशा ऐसी खुली जगह पर रखना चाहिए, जहां से उसे बाहर की ताजी और सूखी हवा लगातार मिलती रहे। अगर आप कूलर को किसी बंद बालकनी या चारों तरफ से पूरी तरह पैक कमरे के अंदर रख देते हैं, तो उसकी हवा को ठंडा करने की क्षमता बेहद कम हो जाती है। एयर कूलर की पूरी कार्यप्रणाली बाहर की ताजी हवा के बहाव पर ही निर्भर करती है, इसलिए बेहतर परिणाम के लिए कूलर को हमेशा खिड़की पर या खुले दरवाजे के बिल्कुल पास ही लगाएं। इसके अलावा, यदि आपके कमरे में सीधे तौर पर तेज धूप आती है, तो कमरे का तापमान बहुत तेजी से ऊपर जाता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए खिड़कियों पर मोटे पर्दे, डार्क ब्लाइंड्स या सन कंट्रोल फिल्मों का इस्तेमाल जरूर करें। इससे बाहर की गर्मी कमरे के भीतर नहीं आ पाएगी और कूलर को हवा ठंडी करने के लिए अतिरिक्त मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।

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कमरे का वेंटिलेशन दुरुस्त रखना क्यों है जरूरी

ज्यादातर लोग कूलर चलाते समय कमरे को चारों तरफ से बंद कर देते हैं, जो कि एक बहुत बड़ी भूल है। यदि कमरा पूरी तरह से बंद रहेगा, तो कूलर द्वारा पानी के वाष्पीकरण से बनने वाली नमी कमरे के अंदर ही इकट्ठा होती चली जाएगी। इस वजह से कमरे के भीतर उमस का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा और आपको चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इस उमस भरी हवा से बचने के लिए कमरे में हवा की आवाजाही यानी वेंटिलेशन का होना बेहद जरूरी है। इसके लिए कमरे की खिड़की, दूसरे दरवाजे या फिर दीवार पर लगे एग्जॉस्ट फैन को जरूर खुला रखें। ऐसा करने से कमरे के भीतर की गर्म और नमी से भरी हवा आसानी से बाहर निकल जाएगी और कूलर लगातार बाहर की ताजी हवा को अंदर खींचकर कमरे को ठंडा बनाए रखेगा।

सीलिंग फैन और कूलर का एक साथ इस्तेमाल

कूलर चलाने के साथ-साथ यदि आप कमरे का सीलिंग फैन भी चालू रखते हैं, तो गर्म हवा और उमस की समस्या को बहुत हद तक कम किया जा सकता है। ध्यान रखें कि इस दौरान भी कमरे को पूरी तरह बंद नहीं करना है, बल्कि खिड़की और दरवाजों को खुला ही रखना है ताकि वेंटिलेशन बना रहे। जब आप कूलर के साथ छत का पंखा चला देते हैं, तो पंखा कूलर से निकलने वाली ठंडी हवा को पूरे कमरे में समान रूप से फैला देता है। इससे कमरे के हर कोने में एक जैसी ठंडक महसूस होने लगती है और हवा का प्रवाह बेहतर हो जाता है.

हनीकॉम्ब और घास वाले पैड की नियमित सफाई

कूलर की कूलिंग काफी हद तक उसके हनीकॉम्ब या पारंपरिक घास वाले पैड की स्थिति पर निर्भर करती है। हवा में मौजूद धूल-मिट्टी और पानी की गंदगी जमा होने के कारण इन पैड्स पर धीरे-धीरे एक मोटी परत जम जाती है। इसकी वजह से पानी का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता और कूलर की हवा ठंडी होना बंद हो जाती है। इसलिए हफ्ते में कम से कम एक बार इन पैड्स को अच्छी तरह पानी की बौछार से साफ करें। अगर आपके कूलर के पैड बहुत ज्यादा पुराने हो चुके हैं या गल गए हैं, तो उन्हें तुरंत नए पैड से बदल दें। इसके साथ ही, गर्मी का सीजन शुरू होने से पहले और सीजन के दौरान भी कम से कम एक बार कूलर की पूरी सर्विस जरूर करवाएं। पंखे के ब्लेड, वॉटर पंप और मोटर की समय पर जांच कराने से कूलर बिना किसी रुकावट के काम करता है और इससे बिजली की खपत भी काफी कम हो जाती है।

बर्फ और ठंडे पानी का इस्तेमाल देगा तुरंत राहत

बहुत ज्यादा तपिश वाले दिनों में जब सामान्य पानी से कूलर ठंडी हवा नहीं दे पाता, तो कूलर की टंकी में पूरी तरह से ठंडा पानी भरें। हवा को और अधिक ठंडा बनाने के लिए आप पानी में बर्फ के टुकड़े या जमी हुई बर्फ के आइस पैक भी डाल सकते हैं। हालांकि यह तरीका कुछ समय के लिए ही राहत देता है, लेकिन कमरे को तुरंत ठंडा करने में यह बहुत मददगार साबित होता है। इसके साथ ही इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि कूलर की टंकी में पानी का स्तर कभी भी बहुत कम न होने पाए। अगर पानी कम होगा, तो कूलिंग पैड पूरी तरह गीले नहीं हो पाएंगे और कूलर से ठंडी हवा नहीं मिल पाएगी। इसलिए समय-समय पर पानी की जांच करते रहें और मोटर सही तरीके से काम कर रही है या नहीं, इसका भी ख्याल रखें।

नमी वाले मौसम में इन बातों का रखें खास ध्यान

बारिश शुरू होने से ठीक पहले या मानसून के दौरान हवा में प्राकृतिक रूप से नमी का स्तर बहुत बढ़ जाता है। इस उमस भरे मौसम में एयर कूलर की कूलिंग क्षमता स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है। जब वातावरण में नमी बहुत अधिक हो, तो केवल कूलर की ठंडी हवा पर निर्भर रहने के बजाय कमरे में उचित वेंटिलेशन बनाए रखना सबसे कारगर उपाय होता है। इसके अलावा कूलर के बेहतर इस्तेमाल के लिए हमेशा खिड़की पर बाहर की तरफ फिट होने वाले कूलर का ही प्रयोग करें। कूलर की टंकी की नियमित सफाई करें ताकि उसमें बैक्टीरिया और बदबू न पनपे। जब लंबे समय तक कूलर का इस्तेमाल न करना हो, तो उसे अच्छी तरह धोकर और सुखाकर ही रखें। अंत में, सुरक्षा के दृष्टिकोण से कूलर के बिजली कनेक्शन और उसकी वायरिंग की समय-समय पर जांच कराते रहें ताकि किसी भी प्रकार के शॉर्ट सर्किट से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

कूलर चलाने पर कमरे में उमस क्यों बढ़ जाती है?
कूलर हवा को ठंडा करने के लिए पानी के वाष्पीकरण का उपयोग करता है। यदि कमरा पूरी तरह बंद हो, तो हवा में मौजूद नमी बाहर नहीं निकल पाती और कमरे में चिपचिपी उमस बढ़ जाती है।
कूलर को कमरे में किस जगह रखना सबसे बेहतर होता है?
कूलर को हमेशा ऐसी खिड़की या दरवाजे के पास रखना चाहिए जहां से उसे बाहर की ताजी और सूखी हवा मिल सके। इसे कभी भी बंद कमरे के अंदर या बंद बालकनी में नहीं रखना चाहिए।
क्या कूलर के साथ सीलिंग फैन चलाना फायदेमंद होता है?
हां, कूलर के साथ सीलिंग फैन चलाने से ठंडी हवा कमरे के हर कोने में समान रूप से फैलती है। हालांकि, इस दौरान वेंटिलेशन के लिए कमरे के खिड़की-दरवाजे खुले रखने जरूरी हैं।
कूलर के पैड्स की सफाई कितनी बार करनी चाहिए?
कूलर के हनीकॉम्ब या घास वाले पैड्स को सप्ताह में कम से कम एक बार जरूर साफ करना चाहिए ताकि उन पर धूल-मिट्टी न जमे। इसके अलावा पुराने हो चुके पैड्स को समय पर बदल देना चाहिए।
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