डेनिस विलेनुव की चुनिंदा फिल्मों की ब्रिटेन के सिनेमाघरों में वापसी, आईमैक्स में दिखेंगे ड्यून के दोनों भागबैंक ऑफ जापान की मौद्रिक समीक्षा पर टिकी निगाहें, काजुओ उएदा के बयानों से तय होगी जापानी येन की चालफैंटम ब्लेड ज़ीरो गेम रिव्यू: बेहतरीन कुंग-फू एक्शन और शानदार कॉम्बैट के साथ चीनी वुक्सिया गाथा की वैश्विक शुरुआतशादियों में छाया सेलिब्रिटी लुक वाली इमिटेशन ज्वेलरी का जादू, किराए पर लेने की भी सुविधाबेगूसराय के गोविंद कुमार ने छत पर 2 हजार रुपये से शुरू किया पोल्ट्री फार्म, अब हर 5 महीने में लाखों की कमाईत्योहारी मांग और सरकारी नीतियों के सहारे भारतीय एमएसएमई में मजबूत उम्मीदेंजोधपुर जेल में तय समय के बाद पहुंचे आसाराम, फाटक बंद मिलने पर पुलिस ने दर्ज किया केसलाइव: 29 अक्टूबर तक कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील होगा चक्रवात अर्णब, आईएमडी का पूर्वानुमानडिजिटल सड़न और बॉट्स की बाढ़ के बीच क्या पुराने इंटरनेट का अंत ही नई शुरुआत बनेगा?कर्नाटक एसएसएलसी 2025 में धनलक्ष्मी ने किया कमाल, अब सीए बनकर परिवार को गरीबी से निकालने का संकल्प
एसी चलाते समय की जाने वाली ये पांच बड़ी भूलें तेजी से बढ़ाती हैं बिजली का बिलजीवनशैली
29 अग॰ 2026, 8:03 pm (61 दिन पहले)· 2

एसी चलाते समय की जाने वाली ये पांच बड़ी भूलें तेजी से बढ़ाती हैं बिजली का बिल

गर्मियों के मौसम में एयर कंडीशनर का उपयोग करते समय कुछ सामान्य गलतियां बिजली का बिल भारी कर सकती हैं। सही तापमान चुनने, फिल्टर साफ रखने और समय पर सर्विसिंग कराने से बिजली की भारी बचत की जा सकती है।

गर्मियों के दिनों में एयर कंडीशनर सुकून और ठंडक तो देता है, लेकिन इसके लंबे वक्त तक इस्तेमाल से बिजली का भारी-भरकम बिल आ सकता है। कई बार अधिक बिल आने के पीछे सिर्फ एसी का ज्यादा चलना ही नहीं, बल्कि उसे ऑपरेट करने का गलत तरीका भी होता है। कमरे का तापमान बहुत ज्यादा कम कर देना, फिल्टर की समय पर सफाई न करना या फिर खिड़की-दरवाजे खुले छोड़ देना जैसी छोटी-सी दिखने वाली लापरवाहियां एसी पर अत्यधिक दबाव डालती हैं। यदि आप बिजली की खपत को नियंत्रण में रखना चाहते हैं, तो इन आम गलतियों से तौबा करना बेहद जरूरी है।

तापमान को जरूरत से ज्यादा कम रखना

बहुत से लोग कमरे को तुरंत ठंडा करने के मकसद से एसी का तापमान 16 या 18 डिग्री सेल्सियस पर सेट कर देते हैं। इससे यह तो जरूरी नहीं कि कमरा बहुत तेजी से ठंडा हो जाए, लेकिन कंप्रेसर को अपनी क्षमता से अधिक देर तक काम जरूर करना पड़ता है। इससे बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है। आमतौर पर कमरे के लिए एक सहज और आरामदायक तापमान चुनना ही समझदारी होती है। भारत में ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी ने भी एयर कंडीशनर के वास्ते 24 डिग्री सेल्सियस को एक उपयुक्त डिफॉल्ट सेटिंग के तौर पर बढ़ावा दिया है।

ये भी पढ़ें

कमरे के दरवाजे और खिड़कियां खुली रखना

एसी ऑन होने पर यदि कमरे का दरवाजा बार-बार खुलता रहे या फिर खिड़कियों के रास्ते बाहर की गर्म हवा अंदर आती रहे, तो कमरे का तापमान मेंटेन रखना असंभव हो जाता है। ऐसे हालात में एसी को कूलिंग बनाए रखने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है। इसलिए जरूरी है कि एयर कंडीशनर चालू करने के बाद कमरे के सभी दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह बंद रखें। यदि कमरे में सूरज की धूप सीधी पड़ रही है, तो तेज गर्मी से बचाव के लिए पर्दे या ब्लाइंड्स का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

एसी फिल्टर की नियमित सफाई न करना

एसी का फिल्टर हवा में मौजूद धूल और गंदगी को रोकने में अहम भूमिका निभाता है। लंबे वक्त तक इसकी सफाई न होने पर फिल्टर पर कचरा और डस्ट जम जाती है, जिससे कूलिंग एयर का फ्लो रुक जाता है। नतीजतन, एसी को कमरे को ठंडा करने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। इसलिए निर्माता कंपनियों के दिशा-निर्देशों के मुताबिक फिल्टर की समय-समय पर सफाई करना अनिवार्य है। यदि फिल्टर अत्यधिक गंदा हो चुका है या खराब हो गया है, तो उसे तुरंत बदलवा लेना चाहिए।

एसी की सर्विसिंग को अनदेखा करना

केवल फिल्टर साफ कर देना ही काफी नहीं होता। एयर कंडीशनर की कूलिंग कॉइल, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य आंतरिक हिस्सों की भी समयानुसार जांच बेहद जरूरी है। यदि आपका एसी ठीक से ठंडक नहीं दे रहा है, उसमें से किसी प्रकार की असामान्य आवाज आ रही है या पानी का रिसाव हो रहा है, तो इस स्थिति को नजरअंदाज करके लगातार मशीन चलाना नुकसानदेह हो सकता है। समय पर सर्विस करवाने से एसी की कार्यक्षमता और कूलिंग परफॉर्मेंस बेहतरीन बनी रहती है।

कमरे के आकार के मुताबिक एसी न चुनना

यदि कमरे के कुल क्षेत्रफल और साइज के मुकाबले एयर कंडीशनर की क्षमता यानी टन क्षमता कम है, तो उसे तय तापमान तक पहुंचने के लिए बहुत लंबी अवधि तक चलना पड़ेगा। इसके विपरीत, जरूरत से अत्यधिक क्षमता वाला एसी खरीद लेना भी हर परिस्थिति में सही फैसला नहीं होता। नया एसी खरीदते समय कमरे का आकार, आने वाली धूप, छत की ऊंचाई, कमरे में रहने वाले लोगों की संख्या और उस जगह के इस्तेमाल जैसी तमाम बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

बिजली की बचत के लिए इन बातों का रखें ध्यान

एसी की बिजली खपत को सीमित रखने के वास्ते सही तापमान का चुनाव करने के साथ-साथ कमरे को एयरटाइट रखना, फिल्टर साफ रखना और समय पर सर्विसिंग कराना बहुत आवश्यक है। इसके अलावा, यदि आप बाजार से कोई नया एयर कंडीशनर खरीद रहे हैं, तो उसकी BEE स्टार रेटिंग और ऊर्जा दक्षता की जांच जरूर करें ताकि लंबे समय तक बिजली के बिल में राहत मिल सके।

सवाल-जवाब

एसी के लिए सबसे उपयुक्त तापमान कौन सा माना जाता है?
ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी के अनुसार एयर कंडीशनर के लिए 24 डिग्री सेल्सियस को एक उपयुक्त डिफॉल्ट सेटिंग माना गया है।
कमरे के दरवाजे और खिड़कियां खुले रहने से क्या असर पड़ता है?
दरवाजे और खिड़कियां खुली रहने से बाहर की गर्म हवा अंदर आती है, जिससे कमरे को ठंडा रखने के लिए एसी को बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
एसी का फिल्टर समय पर साफ न करने से क्या नुकसान होता है?
फिल्टर गंदा होने पर हवा का प्रवाह प्रभावित होता है, जिससे एसी को कूलिंग करने में अधिक ऊर्जा और समय लगता है।
नया एसी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
नया एसी खरीदते समय कमरे का आकार, धूप, छत की ऊंचाई, लोगों की संख्या और उसकी BEE स्टार रेटिंग की जांच जरूर करनी चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp