गर्मियों के दिनों में एयर कंडीशनर सुकून और ठंडक तो देता है, लेकिन इसके लंबे वक्त तक इस्तेमाल से बिजली का भारी-भरकम बिल आ सकता है। कई बार अधिक बिल आने के पीछे सिर्फ एसी का ज्यादा चलना ही नहीं, बल्कि उसे ऑपरेट करने का गलत तरीका भी होता है। कमरे का तापमान बहुत ज्यादा कम कर देना, फिल्टर की समय पर सफाई न करना या फिर खिड़की-दरवाजे खुले छोड़ देना जैसी छोटी-सी दिखने वाली लापरवाहियां एसी पर अत्यधिक दबाव डालती हैं। यदि आप बिजली की खपत को नियंत्रण में रखना चाहते हैं, तो इन आम गलतियों से तौबा करना बेहद जरूरी है।
तापमान को जरूरत से ज्यादा कम रखना
बहुत से लोग कमरे को तुरंत ठंडा करने के मकसद से एसी का तापमान 16 या 18 डिग्री सेल्सियस पर सेट कर देते हैं। इससे यह तो जरूरी नहीं कि कमरा बहुत तेजी से ठंडा हो जाए, लेकिन कंप्रेसर को अपनी क्षमता से अधिक देर तक काम जरूर करना पड़ता है। इससे बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है। आमतौर पर कमरे के लिए एक सहज और आरामदायक तापमान चुनना ही समझदारी होती है। भारत में ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी ने भी एयर कंडीशनर के वास्ते 24 डिग्री सेल्सियस को एक उपयुक्त डिफॉल्ट सेटिंग के तौर पर बढ़ावा दिया है।
कमरे के दरवाजे और खिड़कियां खुली रखना
एसी ऑन होने पर यदि कमरे का दरवाजा बार-बार खुलता रहे या फिर खिड़कियों के रास्ते बाहर की गर्म हवा अंदर आती रहे, तो कमरे का तापमान मेंटेन रखना असंभव हो जाता है। ऐसे हालात में एसी को कूलिंग बनाए रखने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है। इसलिए जरूरी है कि एयर कंडीशनर चालू करने के बाद कमरे के सभी दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह बंद रखें। यदि कमरे में सूरज की धूप सीधी पड़ रही है, तो तेज गर्मी से बचाव के लिए पर्दे या ब्लाइंड्स का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
एसी फिल्टर की नियमित सफाई न करना
एसी का फिल्टर हवा में मौजूद धूल और गंदगी को रोकने में अहम भूमिका निभाता है। लंबे वक्त तक इसकी सफाई न होने पर फिल्टर पर कचरा और डस्ट जम जाती है, जिससे कूलिंग एयर का फ्लो रुक जाता है। नतीजतन, एसी को कमरे को ठंडा करने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। इसलिए निर्माता कंपनियों के दिशा-निर्देशों के मुताबिक फिल्टर की समय-समय पर सफाई करना अनिवार्य है। यदि फिल्टर अत्यधिक गंदा हो चुका है या खराब हो गया है, तो उसे तुरंत बदलवा लेना चाहिए।
एसी की सर्विसिंग को अनदेखा करना
केवल फिल्टर साफ कर देना ही काफी नहीं होता। एयर कंडीशनर की कूलिंग कॉइल, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य आंतरिक हिस्सों की भी समयानुसार जांच बेहद जरूरी है। यदि आपका एसी ठीक से ठंडक नहीं दे रहा है, उसमें से किसी प्रकार की असामान्य आवाज आ रही है या पानी का रिसाव हो रहा है, तो इस स्थिति को नजरअंदाज करके लगातार मशीन चलाना नुकसानदेह हो सकता है। समय पर सर्विस करवाने से एसी की कार्यक्षमता और कूलिंग परफॉर्मेंस बेहतरीन बनी रहती है।
कमरे के आकार के मुताबिक एसी न चुनना
यदि कमरे के कुल क्षेत्रफल और साइज के मुकाबले एयर कंडीशनर की क्षमता यानी टन क्षमता कम है, तो उसे तय तापमान तक पहुंचने के लिए बहुत लंबी अवधि तक चलना पड़ेगा। इसके विपरीत, जरूरत से अत्यधिक क्षमता वाला एसी खरीद लेना भी हर परिस्थिति में सही फैसला नहीं होता। नया एसी खरीदते समय कमरे का आकार, आने वाली धूप, छत की ऊंचाई, कमरे में रहने वाले लोगों की संख्या और उस जगह के इस्तेमाल जैसी तमाम बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
बिजली की बचत के लिए इन बातों का रखें ध्यान
एसी की बिजली खपत को सीमित रखने के वास्ते सही तापमान का चुनाव करने के साथ-साथ कमरे को एयरटाइट रखना, फिल्टर साफ रखना और समय पर सर्विसिंग कराना बहुत आवश्यक है। इसके अलावा, यदि आप बाजार से कोई नया एयर कंडीशनर खरीद रहे हैं, तो उसकी BEE स्टार रेटिंग और ऊर्जा दक्षता की जांच जरूर करें ताकि लंबे समय तक बिजली के बिल में राहत मिल सके।



















