गर्मी के दिनों में एयर कंडीशनर का इस्तेमाल लगभग हर घर की जरूरत बन जाता है, लेकिन इसके साथ आने वाला भारी-भरकम बिजली का बिल महीने का बजट बिगाड़ देता है। इस आम समस्या से राहत पाने के लिए सोशल मीडिया पर एक कंटेंट क्रिएटर पूजा ने अपने अनुभव के आधार पर एक कमाल की ट्रिक साझा की है। उनका दावा है कि इस आसान उपाय को अपनाने से बिजली की खपत में साठ फीसदी तक की कमी लाई जा सकती है। पूजा ने बताया कि किस तरह उन्होंने बिना कोई नया उपकरण खरीदे और बिना किसी बड़े खर्च के अपने मासिक खर्च को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया।
तापमान में बदलाव से कैसे आई भारी गिरावट
पूजा ने अपने इस प्रयोग के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि पहले वह अपने एयर कंडीशनर को लगातार बाईस डिग्री सेल्सियस पर चलाया करती थीं। इस दौरान उनका हर महीने का बिजली का बिल लगभग तीन हजार पांच सौ रुपये आता था। उन्होंने अपने रूटीन में बदलाव करते हुए एसी का तापमान बढ़ाकर अट्ठाइस डिग्री सेल्सियस पर सेट कर दिया और उसे करीब दो महीने तक इसी सेटिंग पर चलाया। इसके बाद जब बिल आया तो वह हैरान रह गईं क्योंकि वह घटकर मात्र एक हजार दो सौ बयानवे रुपये ही रह गया था। इस तरह उन्हें सिर्फ तापमान बदलने की वजह से एक महीने में करीब दो हजार दो सौ आठ रुपये की सीधी बचत हासिल हुई।
सालाना बचत और कूलिंग का अनुभव
इस शानदार अनुभव के बाद पूजा ने हिसाब लगाया कि अगर हर महीने लगभग दो हजार दो सौ आठ रुपये की यह बचत लगातार होती रहे, तो पूरे साल में करीब छब्बीस हजार पांच सौ रुपये बचाए जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से उनके अपने घर के अनुभव पर आधारित एक अनुमान है। जब उन्होंने तापमान को अट्ठाइस डिग्री पर सेट किया, तो उन्होंने गौर किया कि कमरे को पूरी तरह ठंडा होने में बाईस डिग्री के मुकाबले थोड़ा ज्यादा समय जरूर लगा। लेकिन कुछ ही देर में कमरे का तापमान काफी आरामदायक हो गया और कूलिंग में कोई कमी महसूस नहीं हुई।
बिल को प्रभावित करने वाले अन्य जरूरी कारक
हर घर की स्थिति अलग होती है इसलिए यह जरूरी नहीं है कि हर यूजर को बिल्कुल यही परिणाम मिले। बिजली की कुल खपत इस बात पर भी निर्भर करती है कि कमरे का आकार कितना है, मौसम का मिजाज कैसा है और एयर कंडीशनर की ऊर्जा रेटिंग क्या है। इसके अलावा कमरे में बाहर से कितनी गर्मी आ रही है, इंसुलेशन कैसा है और उपकरण रोज कितने घंटे चलाया जाता है, ये सभी बातें बिजली के बिल पर सीधा असर डालती हैं। इसलिए दूसरे घरों में तापमान बदलने से बचत का आंकड़ा कम या ज्यादा भी हो सकता है।
फिल्टर की सफाई और अन्य सावधानियां
बिजली बचाने के उपायों के बारे में आगे बात करते हुए पूजा ने एक बेहद अहम टिप दी कि एयर कंडीशनर के एयर फिल्टर को समय-समय पर जरूर साफ करते रहना चाहिए। अगर फिल्टर गंदा हो जाता है तो उपकरण को कमरे को ठंडा करने के लिए सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिसके चलते बिजली की खपत अनायास ही बढ़ जाती है। उनका मानना है कि सिर्फ एसी को पूरी तरह बंद रखना ही बिजली बचाने का एकमात्र रास्ता नहीं है, बल्कि इसके इस्तेमाल के तरीके में थोड़ा सा बदलाव लाकर भी बिजली के भारी-भरकम बिल से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है, हालांकि इसकी शत-प्रतिशत गारंटी नहीं दी जा सकती।
सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
पूजा के इस वायरल पोस्ट और अनुभव पर सोशल मीडिया यूजर्स की तरफ से काफी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई लोगों का तर्क है कि एयर कंडीशनर का तापमान बढ़ाने से कमरे के भीतर और बाहर के तापमान का अंतर कम हो जाता है, जिससे कंप्रेसर को लगातार भारी लोड पर काम नहीं करना पड़ता और बिजली की बचत होती है। तमाम यूजर्स इसे बिना किसी अतिरिक्त निवेश के बिजली बिल कम करने का एक व्यावहारिक और आसान तरीका मान रहे हैं।



















