नब्बे के दशक में रविवार की सुबह का मतलब सिर्फ दूरदर्शन पर शक्तिमान देखना हुआ करता था। टेलीविजन स्क्रीन के सामने बैठकर उस दौर के बच्चे अद्भुत साहस की कहानियों से रूबरू होते थे और पंडित गंगाधर विद्याधर मायाधर ओंकारनाथ शास्त्री के चक्रव्यूह को समझते थे। वह किरदार केवल एक कल्पना नहीं था, बल्कि उस पीढ़ी के लिए नैतिकता, सत्यमेव जयते और सही-गलत का फर्क समझाने वाला एक बड़ा मार्गदर्शक हुआ करता था।
अब दशकों का समय बीत जाने के बाद वही पुराना जज्बा और वही सुपरहीरो एक नए रूप में वापस लौट आया है। मौजूदा दौर की युवा पीढ़ी और जेन जी की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए लाइफस्टाइल ब्रांड KHUSH ने शक्तिमान थीम पर आधारित एक नया और अनूठा कलेक्शन बाजार में उतारा है। यह नया फैशन उत्पाद आज के युवाओं को देश के सबसे पहले और लोकप्रिय सुपरहीरो से जोड़ने का काम कर रहा है।
लॉन्चिंग समारोह में पहुंचे मुकेश खन्ना
इस नए कलेक्शन की शुरुआत के मौके पर एक बड़े आयोजन का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश खन्ना ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने इस पूरी पहल को अलग-अलग पीढ़ियों के बीच एक मजबूत पुल की तरह बताया। शक्तिमान के जरिए आज की आधुनिक जीवनशैली को नैतिक मूल्यों के साथ जोड़ने के इस विचार पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल पुरानी यादों को जिंदा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि युवा वर्ग को सही रास्ते पर ले जाने का एक सशक्त साधन भी है।
युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
इस प्रोजेक्ट से जुड़ने के अपने अनुभवों को साझा करते हुए मुकेश खन्ना ने कहा कि वह किसी भी काम से बहुत सोच-विचार के बाद ही जुड़ते हैं। जब KHUSH के संस्थापकों ने उनके सामने यह योजना रखी, तो वह काफी प्रभावित हुए। उनका उद्देश्य इस सुपरहीरो के माध्यम से नई पीढ़ी को नकारात्मकता से दूर रखकर प्रकाश की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि जब देश के युवाओं की बात आती है, तो उनके भीतर एक अदम्य सकारात्मक ऊर्जा दिखाई देती है। यह पहल केवल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सत्य और साहस को बढ़ावा देने का एक प्रयास है।
दो दर्जन से अधिक मर्चेंडाइज और महीनों की मेहनत
इस विशेष श्रृंखला में बीस से ज्यादा फैशन और लाइफस्टाइल मर्चेंडाइज को शामिल किया गया है, जिनका मुख्य उद्देश्य इस सुपरहीरो के संदेश को युवाओं की दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना है। ब्रांड के संस्थापक अभिषेक शर्मा और सह-संस्थापिका खुशी शर्मा ने बताया कि इन डिज़ाइनों को अंतिम रूप देने से पहले महीनों तक विचार-विमर्श किया गया और इसके लिए अभिनेता मुकेश खन्ना से व्यक्तिगत मंजूरी भी ली गई। उनका मुख्य लक्ष्य केवल कपड़े बेचना नहीं, बल्कि उस सुनहरे दौर के नॉस्टैल्जिया को वापस लाना है, जब हर बच्चा यह मानता था कि सच्चाई के रास्ते पर चलने वाले के भीतर का शक्तिमान कभी खत्म नहीं होता।
विदेशी सुपरहीरो के दौर में देसी पहचान
आज के समय में जब पश्चिमी देशों के मार्वल और डीसी जैसे सुपरहीरो भारतीय युवाओं की पसंद और वॉर्डरोब पर पूरी तरह छाए हुए हैं, तब देश के अपने पहले मूल सुपरहीरो की वापसी बेहद खास है। यह नया कलेक्शन न केवल नब्बे के दशक के लोगों के लिए पुरानी यादों को ताजा करने जैसा है, बल्कि यह जेन जी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और देसी मूल्यों के साथ जोड़ने का एक नया फैशन ट्रेंड भी साबित हो रहा है।



















