दाल, पुलाव और तड़के में डाली जाने वाली तेज पत्ते की एक हरी पत्ती पूरे खाने का स्वाद और खुशबू बदल देती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यही पौधा घर की बालकनी या छोटे से गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है। बाजार से खरीदे गए सूखे तेज पत्तों के मुकाबले घर में उगे ताजे पत्तों का स्वाद और असर दोनों ज्यादा माना जाता है, और इसके लिए न तो बड़े बगीचे की जरूरत है और न ही खास बागवानी अनुभव की।
सिर्फ रसोई का मसाला नहीं, आयुर्वेद का हिस्सा भी
तेज पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने वाला मसाला भर नहीं है। आयुर्वेद में इसे एक औषधीय पौधे का दर्जा दिया गया है। इसमें विटामिन A, विटामिन C, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, पोटैशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यही वजह है कि जो लोग अपने घर में एक उपयोगी और सेहत से जुड़ा पौधा लगाना चाहते हैं, उनके लिए तेज पत्ता एक बेहतरीन विकल्प बन जाता है।
पौधा कैसे लगाएं, नर्सरी से खरीद बेहतर विकल्प
तेज पत्ता उगाने का सबसे आसान तरीका बीज बोना नहीं, बल्कि नर्सरी से सीधे पौधा खरीदकर लगाना है। इसे लगाने के लिए फरवरी-मार्च या फिर अगस्त-सितंबर का महीना सबसे उपयुक्त माना जाता है। पौधे के लिए 12 से 15 इंच का गमला चुनना चाहिए। इस गमले में बगीचे की सामान्य मिट्टी, गोबर की खाद और कोकोपीट या रेत मिलाकर भरना चाहिए। यह मिश्रण सही रखना जरूरी है, क्योंकि बगीचे की मिट्टी नमी बनाए रखती है, गोबर की खाद पोषक तत्व देती है, जबकि कोकोपीट या रेत मिट्टी को हल्का रखते हैं ताकि जड़ों को सांस लेने की जगह मिले। एक जरूरी बात का ध्यान रखना चाहिए कि गमले में पानी निकासी की उचित व्यवस्था जरूर हो, ताकि जड़ों में पानी जमा न रहे।
धूप, पानी और खाद का सही संतुलन जरूरी
इस पौधे को रोजाना 4 से 6 घंटे धूप चाहिए होती है, जिससे यह अच्छी तरह बढ़ सके। हालांकि गर्मियों के मौसम में दोपहर की तेज धूप से इसे बचाकर रखना चाहिए, वरना पत्तियां झुलस सकती हैं। पानी देने के मामले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, मिट्टी सूखी महसूस होने पर ही पानी देना सही रहता है, क्योंकि जरूरत से ज्यादा पानी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। दरअसल तेज पत्ते का पौधा वैसे तो कम देखभाल में पनप जाता है, लेकिन ज्यादा पानी भरने से यह सबसे ज्यादा खराब होता है, इसलिए इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए। साल में दो बार जैविक खाद देने से पौधा स्वस्थ और घना बना रहता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार
तेज पत्ते के सेवन से जुड़े कई सेहत लाभ बताए जाते हैं। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है, इसी वजह से इसे टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है। कई लोग इसकी पत्तियों से बनी चाय का सेवन सेहत लाभ पाने के लिए करते हैं।
सर्दी-खांसी और पाचन में भी राहत
तेज पत्ता श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है और सर्दी, खांसी तथा सांस से जुड़ी परेशानियों में राहत पहुंचा सकता है। इसके अलावा यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी सहायक माना जाता है। कब्ज, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए इसका सेवन लाभदायक हो सकता है।
दिल की सेहत और सूजन कम करने में सहायक
तेज पत्ते में मौजूद फाइटोन्यूट्रिएंट्स दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं और दिल से जुड़ी समस्याओं के खतरे को कम करने में सहायक हो सकते हैं। वहीं इसके एंटी-इन्फ्लेमेटरी यानी सूजनरोधी गुण शरीर में सूजन और दर्द को कम करने में भी मदद कर सकते हैं। इस तरह देखा जाए तो एक छोटा-सा गमला भी रसोई और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, बशर्ते धूप, पानी और खाद के सही संतुलन का ध्यान रखा जाए।











