यदि आप अपने घर के गार्डन को हमेशा सुगंधित रखना चाहते हैं, तो रोजमेरी का पौधा एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। इस पौधे की पत्तियों से निकलने वालीनीनी भीनी खुशबू पूरे वातावरण को तरोताजा रखती है और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता नहीं होती है। यह पौधा केवल घर की सुंदरता में चार चांद नहीं लगाता है, बल्कि इसके कई तरह के व्यावहारिक उपयोग भी हैं। इसकी पत्तियों का इस्तेमाल खानपान में मसालों के रूप में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसके अतिरिक्त, हर्बल उत्पादों, सुगंधित तेलों और सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण में भी रोजमेरी का उपयोग प्रमुखता से किया जाता है।
रोजमेरी के पौधे को सही तरीके से विकसित होने के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और पर्याप्त मात्रा में धूप की जरूरत होती है। यदि इसे उचित स्थान पर और सही विधि से लगाया जाए, तो इसका विकास बहुत तेजी और अच्छे ढंग से होता है। मुरादाबाद के नर्सरी संचालक नेक सिंह के अनुसार, इस पौधे की खास भीनी खुशबू के कारण इन दिनों लोग इसे अपने घर के गार्डन में लगाना काफी पसंद कर रहे हैं और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
नर्सरी संचालक नेक सिंह पिछले 15 साल से इस कारोबार से जुड़े हुए हैं और उन्होंने इसके बारे में विस्तृत जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, रोजमेरी एक बेहद खुशबूदार पौधा है जिसका उपयोग तमाम तरह के हर्बल और औषधीय उत्पादों को तैयार करने में किया जाता है। इसकी मनमोहक महक घर के आसपास के पूरे परिवेश को सकारात्मक और सुखद बनाती है। नेक सिंह का यह भी कहना है कि रोजमेरी की प्राकृतिक खुशबू मच्छरों को दूर भगाने में भी काफी मददगार साबित हो सकती है। आजकल नर्सरी में इस पौधे की मांग काफी अच्छी बनी हुई है और स्थानीय लोग इसे खासी दिलचस्पी के साथ खरीद रहे हैं।
अगर आप भी अपने घर में रोजमेरी का पौधा लगाने का मन बना रहे हैं, तो इसे किसी बड़े गमले में लगाना ज्यादा फायदेमंद रहता है। इस गमले को घर में ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां परिजनों का आना-जाना सबसे ज्यादा हो, ताकि पौधे से आने वाली सोंधी खुशबू पूरे समय आसानी से महसूस होती रहे। नेक सिंह ने जानकारी दी है कि यह रोजमेरी का पौधा मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे शहर से मंगाया जाता है और नर्सरी के माध्यम से ग्राहकों को बेचा जाता है। यह ऐसा पौधा नहीं है जिसे घर पर आसानी से कटिंग या कलम के जरिए तैयार किया जा सके, इसलिए इसे सीधे नर्सरी से तैयार पौधे के रूप में खरीदकर ही लगाया जाना चाहिए।
रोजमेरी के पौधे की देखभाल करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि इसमें कभी भी जरूरत से ज्यादा पानी न डाला जाए। मिट्टी के अंदर की नमी की स्थिति को परखकर ही इसमें सिंचाई करनी चाहिए। गमले के भीतर पानी बिल्कुल जमा नहीं होना चाहिए, इसलिए लगाते समय ही जल निकासी की उत्तम व्यवस्था करना बेहद आवश्यक होता है। इस पौधे को मिट्टी में रोपते समय जैविक खाद, कोकोपीट और अच्छी गुणवत्ता वाली गाय के गोबर की खाद का उपयोग करना सबसे अच्छा माना जाता है.
यदि इस पौधे को सही प्रकार की देखभाल और पोषण मिले, तो रोजमेरी का पौधा लगभग 5 से 6 फीट की ऊंचाई तक बढ़ सकता है। हालांकि, इसकी अंतिम ऊंचाई पूरी तरह से गमले के आकार और आप इसकी किस तरह देखभाल करते हैं उस पर भी निर्भर करती है। पौधे को पर्याप्त धूप, सही मात्रा में पानी और उपजाऊ मिट्टी मिलने पर यह लंबी अवधि तक हरा-भरा और स्वस्थ रहता है। अपनी अनूठी खुशबू और बहुउपयोगी गुणों के कारण रोजमेरी किसी भी घरेलू गार्डन के लिए एक बेहद शानदार और उपयोगी विकल्प है।













