घर की जिम्मेदारियों को संभालना, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का ध्यान रखना और दिनभर परिवार के सदस्यों की जरूरतों को पूरा करना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इस निरंतर व्यस्तता के बीच अक्सर गृहणियां खुद को कहीं पीछे छोड़ देती हैं। कई सालों तक घर की चारदीवारी के भीतर सिमटे रहने की वजह से जब अचानक उन्हें किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होना पड़ता है, नए लोगों से मुलाकात करनी होती है या किसी सार्वजनिक स्थान पर अपनी बात रखनी होती है, तो उनके मन में एक अजीब सी झिझक, घबराहट और संकोच पैदा होने लगता है।
गृहणियों में आत्मविश्वास कम होने के मुख्य कारण
एक हाउसवाइफ का पूरा दिन दूसरों की पसंद और जरूरतों का ख्याल रखने में ही बीत जाता है। लगातार एक ही ढर्रे पर जिंदगी चलने, खुद के लिए बिल्कुल समय न मिल पाने और बाहरी दुनिया से जुड़ाव कम हो जाने के कारण धीरे-धीरे यह स्थिति पैदा होती है। जब किसी महिला की तारीफ या पहचान केवल घर के कामकाज तक ही सीमित होकर रह जाती है, तो उनके भीतर 'मैं भी कुछ नया या अलग कर सकती हूँ' वाला विश्वास कमजोर पड़ने लगता है। हालांकि यह समझना बेहद जरूरी है कि आत्मविश्वास कोई ऐसी चीज नहीं है जो एक बार खो जाए तो दोबारा हासिल न की जा सके। केवल 7 दिनों के इस आसान माइंड रीसेट प्लान को अपनाकर कोई भी महिला अपने आत्मविश्वास को दोबारा जगा सकती है और दुनिया के सामने खुद को मजबूती से पेश कर सकती है।
पहला दिन: नकारात्मक विचारों को कहें अलविदा
रीसेट प्लान के पहले दिन की शुरुआत अपने सोचने के तरीके में बदलाव लाकर करें। सुबह सोकर उठने के बाद शीशे के सामने खड़ी हों, अपने चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान लाएं और खुद से कहें कि मैं पूरी तरह सक्षम हूँ और अपनी पहचान स्वयं बना सकती हूँ। इसके साथ ही एक डायरी बनाएं और उसमें अपनी उन 3 खास खूबियों या बातों को लिखें जिन पर आपको गर्व महसूस होता है। खुद से सकारात्मक बातें करने से मन का डर दूर होने लगता है और आत्मविश्वास का संचार होता है।
दूसरा दिन: ग्रूमिंग और खुद के समय पर दें ध्यान
दूसरे दिन अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव लाएं। घर के ढीले-ढाले कपड़ों को छोड़कर अपनी पसंद के सुंदर और साफ कपड़े पहनें। अपने बालों को अच्छी तरह संवारें और चेहरे पर हल्का काजल या लिपस्टिक लगाएं। जब आप बाहरी तौर पर खुद को व्यवस्थित और सुंदर देखती हैं, तो आपके भीतर तुरंत ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। बाहरी ग्रूमिंग आपके मूड को बेहतर बनाने और आंतरिक आत्मविश्वास को बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होती है।
तीसरा दिन: जानकारी बढ़ाएं और अपडेट रहें
तीसरे दिन अपने ज्ञान का दायरा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करें। दिनभर में से 20 से 30 मिनट का समय निकालकर दैनिक समाचार पत्र पढ़ें, अच्छी किताबें पढ़ें या फिर अपनी पसंद का कोई पॉडकास्ट सुनें। जब आपको देश और दुनिया की ताजा घटनाओं की जानकारी होगी, तो आपका संकोच अपने आप खत्म हो जाएगा। इससे आप किसी भी समूह में चल रही चर्चा या बातचीत में बिना किसी डर के आत्मविश्वास के साथ हिस्सा ले सकेंगी।
चौथा दिन: सामाजिक दायरा बढ़ाने के लिए छोटे कदम उठाएं
चौथे दिन अपनी सामाजिक झिझक को दूर करने के लिए छोटे-छोटे प्रयोग करें। जब आप सब्जी खरीदने जाएं या सुपरमार्केट के कैशियर के पास हों, तो उनसे मुस्कुराकर बात करें। अपने आसपास रहने वाले पड़ोसियों से उनका हाल-चाल पूछें। इस तरह की छोटी-छोटी बातचीत से अनजान लोगों का सामना करने का डर हमेशा के लिए दूर हो जाता है और बातचीत करने की कला में सुधार आता है।
पांचवां दिन: बॉडी लैंग्वेज और शारीरिक हाव-भाव सुधारें
पांचवें दिन अपनी बॉडी लैंग्वेज पर काम करना शुरू करें। जब भी आप खड़ी हों या चलें, तो अपने कंधों को सीधा रखें और बिना झुके चलें। किसी भी व्यक्ति से बात करते समय अपनी नजरें चुराने या नीचे देखने के बजाय सामने वाले की आंखों में आंखें डालकर यानी आई कॉन्टैक्ट बनाकर बात करने का अभ्यास करें। आपकी बॉडी लैंग्वेज आपकी आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास को दर्शाती है, इसलिए सही हाव-भाव रखना बहुत जरूरी है।
छठा दिन: अपनी पसंदीदा हॉबी के लिए निकालें समय
छठे दिन अपनी व्यक्तिगत रुचियों को प्राथमिकता दें। गार्डनिंग, पेंटिंग, कुकिंग, सिलाई, कड़ाई या संगीत में से जो भी काम आपको पसंद हो, उसके लिए दिन में कम से कम 30 मिनट का समय जरूर निकालें। जब आप अपनी पसंद का कोई काम पूरा करती हैं, तो आपको एक अद्भुत आत्म-संतुष्टि मिलती है। यही आत्म-संतुष्टि आपके खोए हुए आत्मविश्वास को वापस लाने का काम करती है।
सातवां दिन: अकेले बाहर निकलकर खुद को परखें
सातवां और अंतिम दिन खुद की परीक्षा लेने का है। बिना किसी पारिवारिक सदस्य या साथी के, अकेले अपने नजदीकी किसी पार्क, कैफे या अपनी पसंदीदा जगह पर जाएं और वहां कुछ समय बिताएं। अकेले बाहर निकलने, घूमने और समय बिताने का यह अनुभव आपके भीतर छिपे हर तरह के डर को हमेशा के लिए बाहर निकाल देगा और आपको पूरी तरह आत्मनिर्भर महसूस कराएगा।
आत्मविश्वास की दिशा में हर दिन बढ़ाएं एक कदम
आत्मविश्वास रातों-रात हासिल होने वाली चीज नहीं है, बल्कि यह हर दिन उठाए गए छोटे-छोटे कदमों का परिणाम होता है। हर महिला को यह याद रखना चाहिए कि वह केवल एक गृहणी नहीं है, बल्कि वह अपने पूरे परिवार की सबसे मजबूत नींव है। खुद की क्षमता पर भरोसा रखें और आज से ही इस 7 दिवसीय रीसेट प्लान की शुरुआत करके अपनी एक नई और सशक्त पहचान बनाएं।



















