बारिश का मौसम शुरू होते ही बालों और स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। सिर में लगातार खुजली होना, बालों का चिपचिपा महसूस होना और कंधों पर सफेद परत का गिरना इस मौसम की आम बातें हैं। ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे इसे डैंड्रफ मान लेते हैं और बाजार में मिलने वाले किसी भी एंटी-डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। हालांकि, हर सफेद परत डैंड्रफ नहीं होती। मानसून में सिर की त्वचा में रूखापन और डैंड्रफ दोनों अलग-अलग वजहों से हो सकते हैं। इन दोनों समस्याओं के कारण, लक्षण और देखभाल के तरीके पूरी तरह भिन्न हैं, इसलिए गलत प्रोडक्ट लगाने से स्थिति सुधरने की जगह और अधिक बिगड़ सकती है।
मानसून में स्कैल्प की समस्याएं बढ़ने के मुख्य कारण
मानसून के दौरान वातावरण में आर्द्रता यानी नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। इस मौसम में हवा में मौजूद नमी, पसीना, धूल और सिर से निकलने वाला प्राकृतिक तेल आपस में मिलकर बालों की जड़ों में जमा होने लगते हैं। अगर बारिश में बाल भीग जाएं और उन्हें घंटों तक गीला छोड़ दिया जाए, तो स्कैल्प का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है। यह माहौल डैंड्रफ पैदा करने वाले तत्वों की वृद्धि के लिए बेहद अनुकूल होता है।
इसके अलावा, कुछ लोग पसीने और चिपचिपाहट से छुटकारा पाने के लिए दिन में बार-बार सिर धोते हैं या बहुत गर्म पानी और तेज केमिकल वाले शैंपू का इस्तेमाल करते हैं। इससे स्कैल्प की आवश्यक नमी खत्म हो जाती है और त्वचा अत्यधिक रूखी होकर खिंचने लगती है। इसी रूखेपन के कारण त्वचा से बारीक सफेद कण झड़ने लगते हैं जिन्हें अक्सर लोग डैंड्रफ समझने की भूल कर बैठते हैं।
डैंड्रफ और सूखे स्कैल्प के लक्षणों में अंतर
अपनी समस्या का सही समाधान खोजने के लिए डैंड्रफ और सूखे स्कैल्प के बीच के फर्क को पहचानना बहुत जरूरी है। डैंड्रफ की स्थिति में स्कैल्प पर सफेद या हल्के पीले रंग की मोटी और तैलीय परत दिखाई देती है। इसमें सिर की त्वचा अक्सर चिपचिपी महसूस होती है और लगातार खुजली बनी रहती है। बालों में उंगलियां फेरने या कंगी करने पर ये तैलीय फ्लेक्स कंधों और कपड़ों पर गिरने लगते हैं। यदि बाल धोने के दो-तीन दिनों के भीतर ही परत और खुजली दोबारा लौट आए, तो यह डैंड्रफ का स्पष्ट संकेत है।
दूसरी तरफ, सूखे स्कैल्प में त्वचा में खिंचाव और सूखापन महसूस होता है। इसमें झड़ने वाले फ्लेक्स काफी छोटे, बारीक और सूखे होते हैं। सूखे स्कैल्प में सिर की त्वचा तैलीय नहीं होती। अगर आप सिर धोने के लिए ठंडे पानी की बजाय बहुत गर्म पानी का प्रयोग करते हैं या बहुत कड़े शैंपू से बाल धोते हैं, तो सूखे स्कैल्प की समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है।
डैंड्रफ से राहत पाने के सही उपाय
अगर आपके लक्षण डैंड्रफ की ओर इशारा करते हैं, तो सबसे पहले सिर की सफाई का विशेष ध्यान रखें। नियमित अंतराल पर सही तरीके से स्कैल्प को साफ करना बेहद आवश्यक है। आवश्यकतानुसार उचित एंटी-डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय यह ध्यान रखें कि उसे केवल बालों की लंबाई पर लगाने के बजाय सीधे स्कैल्प तक पहुंचाना और हल्की उंगलियों से साफ करना जरूरी होता है।
हर व्यक्ति की त्वचा की बनावट अलग होती है, इसलिए जरूरी नहीं कि एक ही एंटी-डैंड्रफ शैंपू सभी के लिए असरदार साबित हो। यदि एंटी-डैंड्रफ शैंपू के प्रयोग के बाद भी खुजली बहुत ज्यादा बनी रहती है, सिर पर लाल चकत्ते आ जाते हैं या घाव बनने लगते हैं, तो तुरंत डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
सूखे स्कैल्प की देखभाल और जरूरी सावधानियां
यदि आपकी समस्या सूखे स्कैल्प की है, तो कड़े या केमिकल युक्त क्लीनिंग प्रोडक्ट्स से पूरी तरह परहेज करें। सिर धोने के लिए हमेशा किसी माइल्ड यानी सौम्य शैंपू का चयन करें और बाल धोते समय बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। गर्म पानी त्वचा से उसका प्राकृतिक तेल छीन लेता है जिससे रूखापन बढ़ जाता है।
सिर में खुजली होने पर उसे नाखूनों से जोर से खुजलाने की गलती न करें, क्योंकि इससे त्वचा में जलन और संक्रमण का खतरा रहता है। बाल धोने के बाद उन्हें तौलिए से जोर-जोर से रगड़ने या लंबे समय तक गीला छोड़ने के बजाय धीरे से सुखाएं। कुछ लोगों को सिर में तेल लगाने से रूखेपन में आराम मिलता है, लेकिन यदि तेल लगाने के बाद सिर में खुजली या सफेद परत बढ़ने लगे तो तेल का उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए।
बारिश के मौसम में भूलकर भी न करें ये गलतियां
मानसून के दौरान बालों की देखभाल में की गई छोटी-छोटी गलतियां बड़ी समस्या का रूप ले सकती हैं। बारिश में भीगने के बाद बालों को घंटों तक गीला छोड़ देना या गीले बालों को कसकर बांध लेना स्कैल्प के लिए नुकसानदेह होता है। इसी तरह पसीने से तर-बतर स्कैल्प की समय पर सफाई न करना भी इंफेक्शन को बढ़ावा देता है।
रोजाना अत्यधिक शैंपू करना सूखे स्कैल्प को और ज्यादा संवेदनशील बना देता है। इसके अलावा, बिना सोचे-समझे लगातार नए-नए हेयर प्रोडक्ट्स बदलना सिर की त्वचा को नुकसान पहुंचाता है। किसी भी सफेद परत को डैंड्रफ मानकर एंटी-डैंड्रफ इलाज शुरू करने से पहले स्कैल्प की वास्तविक स्थिति को समझना जरूरी है।
त्वचा विशेषज्ञ की सलाह कब लें?
यदि सिर में लगातार तेज खुजली हो रही हो, स्कैल्प अत्यधिक लाल हो गया हो, मोटी परत जमने लगी हो, सिर की त्वचा में घाव या पस दिखाई देने लगे अथवा बाल असामान्य रूप से तेजी से झड़ने लगें, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी विशेषज्ञ डर्मेटोलॉजिस्ट से जांच करानी चाहिए ताकि सही कारण का पता लगाकर उचित इलाज शुरू किया जा सके।



















