सिर धोने के बाद बालों का हल्का, साफ और तरोताजा महसूस होना स्वाभाविक माना जाता है। इसके उलट अगर कुछ ही घंटों के भीतर स्कैल्प पर चिपचिपापन लौटने लगे और जड़ें भारी दिखने लगें, तो इसकी वजह सिर्फ प्राकृतिक तौर पर तैलीय त्वचा होना नहीं है। अधिकांश मामलों में बाल धोने के दौरान की जाने वाली छोटी-छोटी लापरवाहियां, उत्पादों का अनुचित चयन और गलत तकनीक स्कैल्प को तेजी से ऑयली बना देती हैं। बालों की सही सफाई और ताजगी बनाए रखने के लिए हेयर वॉश रूटीन से जुड़ी बुनियादी आदतों को समझना आवश्यक है।
सीधे सिर पर अधिक शैंपू डालने से बचें
अक्सर लोग बेहतर झाग और गहरी सफाई के चक्कर में शैंपू की अत्यधिक मात्रा सीधे सिर के बीचोबीच डाल देते हैं। यह तरीका सफाई बढ़ाने के बजाय स्कैल्प को नुकसान पहुंचाता है। शैंपू का अत्यधिक गाढ़ापन एक ही जगह केंद्रित होने से वह ठीक से फैल नहीं पाता। इसका सही तरीका यह है कि शैंपू को पहले अपनी हथेली में निकालें, उसमें थोड़ा पानी मिलाकर पतला करें और फिर पूरे स्कैल्प पर समान रूप से लगाएं। सफाई करते समय उंगलियों के पोरों की मदद से धीरे-धीरे हल्की मालिश करें। स्कैल्प को नाखूनों से खुरचने या जोर से रगड़ने से हमेशा बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा छिल सकती है।
कम शैंपू और अधूरी सफाई भी छोड़ती है मैल
शैंपू की बहुत कम मात्रा लेना या उसे सिर के सभी हिस्सों तक न पहुंचाना भी चिपचिपेपन का एक बड़ा कारण बनता है। जब उत्पाद पूरे स्कैल्प पर सही तरीके से नहीं पहुंचता, तब पसीना, जमा हुआ तेल और पहले से मौजूद प्रोडक्ट बिल्डअप पूरी तरह साफ नहीं हो पाते। नतीजा यह होता है कि बाल सूखने के तुरंत बाद भी जड़ें भारी, मैली और चिकनी महसूस होती हैं। जिन लोगों का स्कैल्प अत्यधिक तैलीय रहता है, वे जरूरत महसूस होने पर पहली बार के बाद दूसरी बार भी हल्का शैंपू कर सकते हैं। हालांकि हर बार दो बार शैंपू करना अनिवार्य नहीं होता, यह केवल अतिरिक्त तेल की स्थिति में ही किया जाना चाहिए।
स्कैल्प पर कंडीशनर लगाने की भूल न करें
कंडीशनर का मुख्य उद्देश्य बालों के रेशों को नमी प्रदान करना और उन्हें सुलझाना होता है, स्कैल्प को नहीं। इसलिए कंडीशनर को केवल बालों की लंबाई और निचले सिरों पर ही लगाना सही रहता है। यदि कंडीशनर को सीधे सिर की त्वचा यानी स्कैल्प पर लगा दिया जाए, तो बाल बहुत जल्दी भारी, चिकने और चिपचिपे दिखने लगते हैं। इसके साथ ही कंडीशनर लगाने के बाद उसे भरपूर पानी से धोकर पूरी तरह निकालना बेहद जरूरी है, ताकि बालों में किसी भी तरह का अवशेष जमा न रहे।
अत्यधिक गर्म पानी के इस्तेमाल से बचें
बाल धोते समय बहुत ज्यादा गर्म पानी का उपयोग स्कैल्प और बालों के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ देता है। गर्म पानी त्वचा से प्राकृतिक नमी और तेल को पूरी तरह खींच लेता है, जिससे स्कैल्प अत्यधिक रूखा हो जाता है। इस रूखेपन की भरपाई करने के लिए स्कैल्प तुरंत अतिरिक्त तेल छोड़ने लगता है। इसलिए बाल धोने के लिए हमेशा सामान्य तापमान वाले पानी या हल्के गुनगुने पानी का ही चुनाव करना चाहिए। बाल धोने के अंतिम चरण में स्कैल्प और बालों को साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए ताकि झाग पूरी तरह निकल जाए।
बालों को बार-बार छूने और ब्रश करने की आदत
नहाने के बाद कई लोगों को हाथों से बार-बार बाल संवारने या ठीक करने की आदत होती है। हथेलियों और उंगलियों पर मौजूद पसीना, प्राकृतिक तेल और धूल-गंदगी छूने पर सीधे बालों की जड़ों में पहुंच जाती है। इसी तरह बार-बार कंघी या ब्रश चलाने से जड़ों में मौजूद प्राकृतिक तेल तेजी से बालों की पूरी लंबाई में फैल जाता है, जिससे बाल गंदे दिखने लगते हैं। ऑयली स्कैल्प होने का यह अर्थ कतई नहीं है कि रोज तेज केमिकल वाले शैंपू से बाल धोए जाएं। शैंपू करने का सही अंतराल व्यक्ति के स्कैल्प के प्रकार, बालों की बनावट, पसीने की मात्रा और दिनभर की शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करता है। यदि स्कैल्प पर अत्यधिक तेल के साथ-साथ तेज खुजली, पपड़ी जमने, लालिमा या लगातार डैंड्रफ की परेशानी बनी रहे, तो इसे केवल धोने की सामान्य गलती न समझें और त्वचा रोग विशेषज्ञ यानी डर्मेटोलॉजिस्ट से परामर्श लें।
















