बेडरूम में पूछा जाने वाला एक आम सवाल महिलाओं के चरमसुख में क्यों बन जाता है बड़ी रुकावटनोवाक जोकोविच ने जीता चाइना ओपन, करियर का 102वां एकल खिताब अपने नाम कियाचुनावी प्रक्रिया और आयोग पर तकरार के बीच सड़कों पर उतरा विपक्ष, राहुल गांधी का जुझारू तेवर चर्चा मेंशांत कूलिंग और शानदार बिजली बचत के साथ पेश हुआ एलजी का नया इन्वर्टर विंडो एसीसाथी से हर राज साझा करना जरूरी नहीं, इन व्यक्तिगत सीमाओं से मजबूत होता है वैवाहिक बंधनबघेलखंड की थाली में लौट रहा कनकौआ भाजी का देसी सोंधापन, बारिश ढलते ही खेतों की मेड़ों पर उगने वाला पारंपरिक स्वादखाली समय में बच्चों के हाथ में स्क्रीन थमाने के बजाय विकसित करें खुद सोचने का हुनरनंदनी क्रिएशन के शेयरों में उछाल, जानिए जयपुर कुर्ती का प्रोजेक्ट 50 विस्तार प्लानअमेरिकी नौकरियों के सुस्त आंकड़ों से अक्टूबर ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें घटीं, बॉन्ड यील्ड के दम पर डॉलर मजबूतविष्णु लोक कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती और सहायिका की नृशंस हत्या, पेचकस से वार करने वाला संदिग्ध पकड़ा गया
हेयर वॉश के तुरंत बाद ऑयली हो रहे हैं बाल, नहाते समय होने वाली इन आम चूकों पर दें ध्यानजीवनशैली
5 अक्तू॰ 2026, 7:25 pm (1 दिन पहले)· 1

हेयर वॉश के तुरंत बाद ऑयली हो रहे हैं बाल, नहाते समय होने वाली इन आम चूकों पर दें ध्यान

बाल धोने के कुछ घंटों बाद ही अगर स्कैल्प पर चिपचिपाहट लौटने लगे, तो यह शैंपू लगाने की गलत तकनीक, कंडीशनर के गलत इस्तेमाल या गर्म पानी का नतीजा हो सकता है।

सिर धोने के बाद बालों का हल्का, साफ और तरोताजा महसूस होना स्वाभाविक माना जाता है। इसके उलट अगर कुछ ही घंटों के भीतर स्कैल्प पर चिपचिपापन लौटने लगे और जड़ें भारी दिखने लगें, तो इसकी वजह सिर्फ प्राकृतिक तौर पर तैलीय त्वचा होना नहीं है। अधिकांश मामलों में बाल धोने के दौरान की जाने वाली छोटी-छोटी लापरवाहियां, उत्पादों का अनुचित चयन और गलत तकनीक स्कैल्प को तेजी से ऑयली बना देती हैं। बालों की सही सफाई और ताजगी बनाए रखने के लिए हेयर वॉश रूटीन से जुड़ी बुनियादी आदतों को समझना आवश्यक है।

सीधे सिर पर अधिक शैंपू डालने से बचें

अक्सर लोग बेहतर झाग और गहरी सफाई के चक्कर में शैंपू की अत्यधिक मात्रा सीधे सिर के बीचोबीच डाल देते हैं। यह तरीका सफाई बढ़ाने के बजाय स्कैल्प को नुकसान पहुंचाता है। शैंपू का अत्यधिक गाढ़ापन एक ही जगह केंद्रित होने से वह ठीक से फैल नहीं पाता। इसका सही तरीका यह है कि शैंपू को पहले अपनी हथेली में निकालें, उसमें थोड़ा पानी मिलाकर पतला करें और फिर पूरे स्कैल्प पर समान रूप से लगाएं। सफाई करते समय उंगलियों के पोरों की मदद से धीरे-धीरे हल्की मालिश करें। स्कैल्प को नाखूनों से खुरचने या जोर से रगड़ने से हमेशा बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा छिल सकती है।

ये भी पढ़ें

कम शैंपू और अधूरी सफाई भी छोड़ती है मैल

शैंपू की बहुत कम मात्रा लेना या उसे सिर के सभी हिस्सों तक न पहुंचाना भी चिपचिपेपन का एक बड़ा कारण बनता है। जब उत्पाद पूरे स्कैल्प पर सही तरीके से नहीं पहुंचता, तब पसीना, जमा हुआ तेल और पहले से मौजूद प्रोडक्ट बिल्डअप पूरी तरह साफ नहीं हो पाते। नतीजा यह होता है कि बाल सूखने के तुरंत बाद भी जड़ें भारी, मैली और चिकनी महसूस होती हैं। जिन लोगों का स्कैल्प अत्यधिक तैलीय रहता है, वे जरूरत महसूस होने पर पहली बार के बाद दूसरी बार भी हल्का शैंपू कर सकते हैं। हालांकि हर बार दो बार शैंपू करना अनिवार्य नहीं होता, यह केवल अतिरिक्त तेल की स्थिति में ही किया जाना चाहिए।

स्कैल्प पर कंडीशनर लगाने की भूल न करें

कंडीशनर का मुख्य उद्देश्य बालों के रेशों को नमी प्रदान करना और उन्हें सुलझाना होता है, स्कैल्प को नहीं। इसलिए कंडीशनर को केवल बालों की लंबाई और निचले सिरों पर ही लगाना सही रहता है। यदि कंडीशनर को सीधे सिर की त्वचा यानी स्कैल्प पर लगा दिया जाए, तो बाल बहुत जल्दी भारी, चिकने और चिपचिपे दिखने लगते हैं। इसके साथ ही कंडीशनर लगाने के बाद उसे भरपूर पानी से धोकर पूरी तरह निकालना बेहद जरूरी है, ताकि बालों में किसी भी तरह का अवशेष जमा न रहे।

अत्यधिक गर्म पानी के इस्तेमाल से बचें

बाल धोते समय बहुत ज्यादा गर्म पानी का उपयोग स्कैल्प और बालों के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ देता है। गर्म पानी त्वचा से प्राकृतिक नमी और तेल को पूरी तरह खींच लेता है, जिससे स्कैल्प अत्यधिक रूखा हो जाता है। इस रूखेपन की भरपाई करने के लिए स्कैल्प तुरंत अतिरिक्त तेल छोड़ने लगता है। इसलिए बाल धोने के लिए हमेशा सामान्य तापमान वाले पानी या हल्के गुनगुने पानी का ही चुनाव करना चाहिए। बाल धोने के अंतिम चरण में स्कैल्प और बालों को साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए ताकि झाग पूरी तरह निकल जाए।

बालों को बार-बार छूने और ब्रश करने की आदत

नहाने के बाद कई लोगों को हाथों से बार-बार बाल संवारने या ठीक करने की आदत होती है। हथेलियों और उंगलियों पर मौजूद पसीना, प्राकृतिक तेल और धूल-गंदगी छूने पर सीधे बालों की जड़ों में पहुंच जाती है। इसी तरह बार-बार कंघी या ब्रश चलाने से जड़ों में मौजूद प्राकृतिक तेल तेजी से बालों की पूरी लंबाई में फैल जाता है, जिससे बाल गंदे दिखने लगते हैं। ऑयली स्कैल्प होने का यह अर्थ कतई नहीं है कि रोज तेज केमिकल वाले शैंपू से बाल धोए जाएं। शैंपू करने का सही अंतराल व्यक्ति के स्कैल्प के प्रकार, बालों की बनावट, पसीने की मात्रा और दिनभर की शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करता है। यदि स्कैल्प पर अत्यधिक तेल के साथ-साथ तेज खुजली, पपड़ी जमने, लालिमा या लगातार डैंड्रफ की परेशानी बनी रहे, तो इसे केवल धोने की सामान्य गलती न समझें और त्वचा रोग विशेषज्ञ यानी डर्मेटोलॉजिस्ट से परामर्श लें।

सवाल-जवाब

शैंपू को सीधे सिर पर क्यों नहीं लगाना चाहिए?
सीधे गाढ़ा शैंपू डालने से वह एक ही जगह जमा हो जाता है और ठीक से नहीं फैलता। हथेली में थोड़ा पानी मिलाकर लगाने से स्कैल्प की समान और सुरक्षित सफाई होती है।
कंडीशनर को स्कैल्प पर लगाने से क्या परेशानी होती है?
कंडीशनर को स्कैल्प पर लगाने से जड़ों में चिकनाई जमा हो जाती है और बाल तुरंत भारी व चिपचिपे दिखने लगते हैं। इसे केवल बालों की लंबाई और सिरों पर लगाना चाहिए।
बाल धोते समय बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए?
बहुत गर्म पानी स्कैल्प की प्राकृतिक नमी छीन लेता है, जिससे त्वचा रूखी हो जाती है और भरपाई के लिए अधिक तेल छोड़ने लगती है।
क्या ऑयली स्कैल्प होने पर हर रोज शैंपू करना जरूरी है?
नहीं, रोजाना तेज शैंपू से बाल धोना जरूरी नहीं है। धोने का अंतराल आपके स्कैल्प के प्रकार, पसीने और दिनभर की गतिविधियों पर निर्भर करता है।
डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह कब लेनी चाहिए?
यदि स्कैल्प में अत्यधिक तेल के साथ लगातार खुजली, पपड़ी, रेडनेस या जिद्दी डैंड्रफ की समस्या हो, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp