बढ़ती महंगाई के कारण सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए लोग अब बाजार पर निर्भर रहने के बजाय अपने घरों में ही सब्जियां उगाने की ओर रुख कर रहे हैं। शहरी इलाकों में छतों और बालकनी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनों तक किचन गार्डन बनाने का चलन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि सीमित जगह में भी कई तरह की सब्जियां सफलतापूर्वक उगाई जा सकती हैं। इसी कड़ी में ब्रोकली का नाम भी शामिल है, जिसे सही आकार के गमले और थोड़ी सी देखभाल के जरिए घर पर ही आसानी से तैयार किया जा सकता है।
हालांकि ब्रोकली की व्यावसायिक खेती आमतौर पर बड़े पैमाने पर खेतों में की जाती है, लेकिन इसे घरेलू स्तर पर गमलों में उगाना भी पूरी तरह संभव है। इसके लिए किसी बड़े खेत या बहुत अधिक क्षेत्रफल की आवश्यकता नहीं पड़ती है। एक सामान्य आकार के उपयुक्त गमले में भी ब्रोकली का पौधा स्वस्थ रूप से विकसित हो सकता है। बस इसके लिए सही प्रकार की उपजाऊ मिट्टी, पर्याप्त मात्रा में धूप और नियमित रूप से उसकी देखभाल करना बेहद जरूरी होता है ताकि पौधे की ग्रोथ अच्छी हो सके।
गमले में ब्रोकली की खेती शुरू करने के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम एक सही गमले का चुनाव करना होता है। ब्रोकली के पौधों की जड़ों को जमीन के भीतर फैलने और मजबूत होने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होती है। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा गमला इसके लिए चुना जाए। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि गमले की तली में अतिरिक्त पानी बाहर निकलने के लिए उचित जल निकासी वाले छेद जरूर हों।
ब्रोकली के पौधे के स्वास्थ्य के लिए गमले में पानी का लंबे समय तक भरा रहना बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है। अधिक जलभराव होने से पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं और उन्हें गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। यही वजह है कि गमले में पानी निकासी की व्यवस्था बहुत मजबूत होनी चाहिए। आप चाहें तो ब्रोकली उगाने के लिए प्लास्टिक, मिट्टी या सीमेंट किसी भी सामग्री से बने गमले का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तरीके से घर पर ही ताजी सब्जी मिल जाती है और बार-बार बाजार जाने की जरूरत खत्म हो जाती है।
मौसम की बात करें तो ब्रोकली मुख्य रूप से ठंडे मौसम में सबसे अच्छी तरह पनपने वाली सब्जी है। इसके साथ ही, इसके पौधे को विकास के लिए सूरज की पर्याप्त रोशनी की भी आवश्यकता होती है। अपने गमले को घर की ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहाँ प्रतिदिन कम से कम 4 से 5 घंटे की सीधी धूप मिल सके। छत या ऐसी खुली बालकनी जहाँ प्राकृतिक रोशनी प्रचुर मात्रा में आती हो, इस पौधे के लिए एकदम आदर्श स्थान साबित हो सकती है। हालांकि, बहुत अधिक गर्मी और चिलचिलाती धूप इस पौधे की बढ़त को रोक सकती है।
जैसे-जैसे ब्रोकली का पौधा बड़ा होता है, उसके ठीक केंद्र में हरे रंग की फूल जैसी गांठ का निर्माण होने लगता है। यही हरी गांठ ब्रोकली का वह मुख्य हिस्सा होती है जिसे खाया जाता है। जब यह गांठ पूरी तरह से विकसित हो जाए लेकिन उसके फूल खिलने से पहले ही इसे पौधे से काट लेना सबसे समझदारी भरा कदम होता है। यदि इस गांठ को बहुत लंबे समय तक पौधे पर ही छोड़ दिया जाए, तो इसकी गुणवत्ता और स्वाद दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
जिला उद्यान प्रभारी मृत्युंजय सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ब्रोकली को बेहद पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक सब्जियों की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें मानव शरीर के लिए जरूरी फाइबर, विटामिन सी, विटामिन के और फोलेट जैसे तमाम महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। एक संतुलित और सेहतमंद आहार में हरी सब्जियों का नियमित रूप से सेवन करना स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत जरूरी माना गया है। यही एक मुख्य कारण है जिसके चलते बाजार में भी ब्रोकली की मांग हमेशा बनी रहती है और लोग इसे अपने खानपान का हिस्सा बनाना पसंद करते हैं।



















