ताजा और हरा-भरा धनिया घर में उगाना बेहद आसान है, भले ही आपके पास बड़ा गार्डन या टेरेस न हो। इसके लिए किसी बड़े खेत या बगीचे की आवश्यकता नहीं होती है। घर की बालकनी, खिड़की के पास मौजूद थोड़ी सी जगह, कोई पुराना डिब्बा और छोटा गमला इसके लिए पर्याप्त है। धनिया उगाने की पूरी प्रक्रिया बेहद सरल है और कुछ आसान चरणों का पालन करके इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है।
सही गमले का चुनाव
धनिया उगाने की शुरुआत करते समय सबसे पहले एक ऐसा बर्तन या गमला चुनना चाहिए जो कम से कम छह से आठ इंच गहरा हो। यह भी जरूरी है कि उसके निचले हिस्से में पानी निकासी के लिए छेद बने हों। चूँकि धनिए की जड़ें बहुत अधिक गहराई तक नहीं जाती हैं, इसलिए यदि आप एक साथ कई पौधे उगाना चाहती हैं, तो चौड़ा गमला या ट्रे सबसे अच्छा विकल्प साबित होती है।
उपजाऊ मिट्टी तैयार करना
पौधों का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें किस प्रकार की मिट्टी मिल रही है। धनिया हमेशा ऐसी मिट्टी में सबसे बेहतर तरीके से उगता है जो भुरभुरी हो और जिसमें पानी ठहरता न हो। इसके लिए सामान्य मिट्टी में थोड़ी खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाई जा सकती है। इससे मिट्टी में पोषण बढ़ता है और पानी आसानी से निकल जाता है। बहुत भारी या चिकनी मिट्टी का उपयोग करने से बचना चाहिए क्योंकि वह पानी रोक लेती है और जड़ें सड़ने का खतरा रहता है.
बीजों की तैयारी और बुआई
घना और अच्छा धनिया प्राप्त करने के लिए हमेशा उच्च गुणवत्ता वाले साबुत धनिए के बीजों का उपयोग करना चाहिए। बुआई से पहले इन बीजों को हल्का सा कुचलकर दो भागों में अलग कर लेना आवश्यक है, लेकिन ध्यान रखें कि उनका पाउडर न बने। ऐसा करने से बीज जल्दी और आसानी से अंकुरित हो जाते हैं। बीजों को मिट्टी की सतह पर समान रूप से फैलाने के बाद उनके ऊपर मिट्टी की बहुत पतली परत डाल देनी चाहिए। बीजों को अधिक गहराई में दबाने से बचना चाहिए और बुआई के बाद पानी का छिड़काव हल्के हाथों से करना चाहिए ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे लेकिन जलभराव न हो।
धूप और नमी का प्रबंधन
धनिए के स्वस्थ विकास के लिए हर दिन चार से छह घंटे की धूप बेहद जरूरी होती है। इसे बालकनी, खिड़की या ऐसी किसी भी खुली जगह पर रखना चाहिए जहाँ पर्याप्त धूप आती हो। पानी देने के मामले में सावधानी बरतना आवश्यक है। जब भी गमले की ऊपरी परत सूखी दिखाई दे, तभी हल्के हाथों से पानी देना चाहिए। जरूरत से ज्यादा पानी देने से पौधे खराब हो सकते हैं और उनकी ग्रोथ रुक सकती है।
कटाई का सही तरीका
जब पौधे पर पर्याप्त और घनी पत्तियां उग आएं, तब धनिया की कटाई की जा सकती है। पूरे पौधे को जड़ से उखाड़ने की भूल करने के बजाय हमेशा कैंची या हाथों की मदद से बाहर की तरफ मौजूद बड़ी पत्तियों और तनों को काटना चाहिए। इस प्रक्रिया से पौधे के भीतर का हिस्सा तेजी से विकसित होता रहता है और लंबे समय तक लगातार ताजा धनिया मिलता रहता है।



















