अपने घर के अंदरूनी हिस्सों को हरियाली से सजाने के लिए बार-बार पौधे या बीज खरीदने की कोई अनिवार्यता नहीं होती है। कई पसंदीदा इनडोर पौधों को केवल तने की एक छोटी सी शाखा यानी स्टेम कटिंग के माध्यम से बिना किसी कठिनाई के नया जीवन दिया जा सकता है। इसके लिए किसी सेहतमंद पौधे से एक भाग को अलग करके पानी या मिट्टी के भीतर स्थापित करना होता है। उपयुक्त धूप, नमी और तापमान मिलने की स्थिति में कुछ ही दिनों के भीतर इसमें नई जड़ें फूटने लगती हैं। यह प्रक्रिया अत्यंत किफायती होने के साथ-साथ बहुत सरल भी है, जिससे कोई भी व्यक्ति अपने घर पर ही हरियाली बढ़ा सकता है।
मनी प्लांट को घरों में इनडोर गार्डनिंग के लिए सबसे सहज और लोकप्रिय विकल्पों में गिना जाता है। इसकी एक सेहतमंद बेल का हिस्सा चुनकर आप बहुत कम समय में नया पौधा खड़ा कर सकते हैं। इसके तने को हमेशा पत्ती की गांठ यानी नोड के ठीक नीचे से काटना चाहिए। इसके बाद इस कटी हुई शाखा को स्वच्छ पानी से भरे हुए किसी कांच के गिलास या बोतल में रखना होता है। आमतौर पर कुछ हफ्तों के भीतर ही इसमें बारीक जड़ें उभरने लगती हैं। जब ये जड़ें पर्याप्त रूप से विकसित हो जाएं, तब आप इसे मिट्टी से भरे किसी गमले में स्थानांतरित कर सकते हैं।
फिलोडेंड्रॉन अपने चमकदार, आकर्षक और चौड़े पत्तों के कारण अंदरूनी सजावट के लिए बेहद पसंद किया जाता है। इसे भी तने की कटिंग के जरिए बहुत सरलता से और अधिक फैलाया जा सकता है। इसके प्रसार के लिए किसी स्वस्थ तने का ऐसा टुकड़ा लें जिसमें कम से कम एक या दो नोड मौजूद हों। सबसे पहले इसके निचले हिस्से की पत्तियों को अलग कर दें और फिर इस कटिंग को पानी अथवा हल्की नमी वाली मिट्टी में रोप दें। इस पौधे को हमेशा तेज लेकिन सीधी धूप से बचाकर सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए ताकि इसकी पत्तियां झुलस न सकें।
सिंगोनियम अपने अनोखे तीर के आकार वाले पत्तों की वजह से जाना जाता है और यह कटिंग के माध्यम से बहुत तेजी से फैलने वाला पौधा है। किसी स्वस्थ बेल से एक अथवा अधिक नोड वाली शाखा को काटकर साफ पानी के अंदर रख दें। थोड़े दिनों की अवधि में इसमें से नई जड़ें बाहर आने लगती हैं। यदि इसे गर्म वातावरण और पर्याप्त अप्रत्यक्ष रोशनी मिले, तो इसकी वृद्धि बहुत तेज गति से होती है। इसके अलग-अलग रंगों और चित्तीदार पैटर्न वाले पत्ते आपके रहने की जगह को बेहद खूबसूरत और जीवंत लुक प्रदान करते हैं।
ट्रेडेस्कैंटिया उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है जो बहुत कम समय में नया पौधा तैयार होते देखना चाहते हैं। इस पौधे की हरी, बैंगनी या खूबसूरत धारियों वाली पत्तियां देखने में बेहद मनमोहक लगती हैं। इसके स्वस्थ तने के हिस्से को पानी में डुबोकर रखने पर अमूमन एक से दो सप्ताह के भीतर ही जड़ें साफ दिखाई देने लगती हैं। जब जड़ें ठीक प्रकार से आ जाएं, तब इसे मिट्टी में लगा देना चाहिए ताकि इसका विस्तार बेहतर तरीके से हो सके।
कोलियस अपनी अनूठी और बहुरंगी पत्तियों के कारण अन्य सभी पौधों से बिल्कुल अलग नजर आता है। लाल, हरे, पीले और बैंगनी रंगों के खूबसूरत मिश्रण वाली इसकी पत्तियां घर के भीतर के सौंदर्य को कई गुना बढ़ा देती हैं। इसके एक स्वस्थ तने को नोड के नीचे से काटकर सबसे पहले नीचे की ओर मौजूद पत्तियों को हटा देना चाहिए। इसके पश्चात इस कटी हुई डंडी को या तो पानी में या फिर हल्की नम मिट्टी में रोपा जा सकता है। पर्याप्त मात्रा में रोशनी मिलने पर यह पौधा बहुत ही शानदार तरीके से पनपता है।
स्वीडिश आइवी अपने नीचे की ओर लटकते हुए तनों और गोल आकार की हरी पत्तियों के कारण हैंगिंग प्लांटर के रूप में लगाने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसकी कटिंग को पानी के अंदर या फिर नम पॉटिंग मिक्स में बेहद आसानी से स्थापित किया जा सकता है। कुछ हफ्तों के अंतराल पर इसमें जड़ें विकसित होने के बाद यह तेजी से नई और ताजी पत्तियां निकालना शुरू कर देता है। इस पौधे को सीधी और तेज धूप में रखने के बजाय हमेशा अप्रत्यक्ष रोशनी देना और संतुलित मात्रा में पानी देना सबसे अच्छा रहता है।
लकी बैम्बू को भी किसी भी प्रकार के बीज की आवश्यकता के बिना सीधे तने के छोटे टुकड़ों से सरलता से उगाया जा सकता है। इसके तने को सही ढंग से काटकर ताजे पानी से भरे बर्तन में व्यवस्थित किया जाता है। कुछ समय बीतने के बाद इसमें प्राकृतिक रूप से जड़ें फूटने लगती हैं। इसकी बेहतरीन वृद्धि और लंबे समय तक हरा-भरा रहने के लिए पानी को समय पर बदलते रहना और पौधे को सीधी धूप से दूर रखना बहुत आवश्यक होता है। पानी के अंदर आसानी से उग जाने वाला यह पौधा घर और कार्यालय दोनों स्थानों की सजावट में अपनी एक खास जगह रखता है।
कटिंग के माध्यम से किसी भी पौधे को विकसित करते समय कुछ छोटी लेकिन महत्वपूर्ण बातों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। पौधे की कटिंग हमेशा किसी रोगमुक्त और पूरी तरह स्वस्थ बेल या शाखा से ही काटनी चाहिए। इसके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले औजार जैसे कैंची या प्रूनर पूरी तरह से साफ होने चाहिए ताकि संक्रमण का कोई खतरा न रहे। यदि आप कटिंग को पानी में उगा रहे हैं तो उसका पानी समय-समय पर बदलते रहें और यदि मिट्टी में लगा रहे हैं तो अत्यधिक पानी देने से बचें। अधिकांश पौधों की कटिंग के लिए सीधी तेज धूप के बजाय उजली लेकिन अप्रत्यक्ष रोशनी सबसे अनुकूल मानी जाती है।



















