छोटे बच्चों के कपड़ों पर दूध गिरना एक आम बात है और लगभग हर घर में ऐसा रोजाना होता है। कई बार कपड़ों को फौरन धोने के बाद भी उनमें दूध की हल्की सी महक या खट्टापन रह जाता है। नवजात शिशुओं के लिबास में यह दिक्कत कुछ ज्यादा ही देखने को मिलती है, क्योंकि दूध के छींटे या दाग बहुत जल्दी कपड़ों के रेशों के अंदर तक बैठ जाते हैं। ऐसे में बार-बार डिटर्जेंट का इस्तेमाल करना भी हर वक्त कारगर साबित नहीं होता। असल में, दूध की इस जिद्दी गंध से छुटकारा पाने के लिए केवल कपड़े धोना ही काफी नहीं होता, बल्कि धोने से पहले उस पर थोड़ा ध्यान देना भी जरूरी है।
राहत की बात यह है कि इस परेशानी को दूर करने के लिए रसोई में रखी एक बेहद साधारण चीज आपकी मदद कर सकती है। इसकी मदद से कपड़े धोने से पहले गंध वाले हिस्से को आसानी से ठीक किया जा सकता है।
धोने से पहले करें यह जरूरी काम
यदि आपके बच्चे के लिबास पर दूध गिर जाए, तो उसे गंदे कपड़ों के ढेर में यूं ही पड़ा न रहने दें। सबसे पहले उस जगह को सामान्य या ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद पानी की एक बाल्टी में थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा मिला लें और उसमें कपड़े को कुछ देर के लिए छोड़ दें। बेकिंग सोडा कपड़ों के रेशों में जमी गंध को सोखने और उसे कम करने में काफी मददगार होता है। इसके लिए आपको बहुत ज्यादा मात्रा की आवश्यकता नहीं है। एक बाल्टी पानी के अंदर लगभग एक से दो चम्मच बेकिंग सोडा ही काफी होता है। इस पानी में कपड़े को करीब 15 से 30 मिनट तक डूबा रहने दें और फिर अपने नियमित तरीके से उसकी धुलाई कर लें।
कपड़ों में क्यों रह जाती है दूध की महक?
दूध के अंदर प्रोटीन और वसा जैसे तत्व पाए जाते हैं। अगर दूध कपड़ों पर गिरने के बाद काफी देर तक वैसे ही लगा रहे, तो उसके अंश रेशों के अंदर तक चिपक जाते हैं। इसके बाद भले ही आप कपड़े को साफ कर लें, लेकिन वह हल्की सी गंध फिर भी महसूस होती रहती है। यही वजह है कि छोटे बच्चों के कपड़ों को जितना जल्दी हो सके साफ कर लेना चाहिए। यदि उस वक्त कपड़ा धोना मुमकिन न हो, तो कम से कम दूध वाले हिस्से को पानी से खंगालकर अलग रख देना चाहिए।
गर्म पानी के इस्तेमाल से बचें
दूध के निशानों या महक वाले कपड़ों को साफ करते वक्त बहुत अधिक गर्म पानी के प्रयोग से परहेज करना चाहिए। प्रोटीन से जुड़े दागों के मामले में शुरुआत में ठंडा या सामान्य तापमान का पानी ही सबसे सही माना जाता है। पहले दूध के अवशेषों को अच्छी तरह हटा लें और फिर कपड़े के लेबल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही उसकी धुलाई करें।
छोटे बच्चों के कपड़े धोते समय इन बातों का रखें खास ख्याल
शिशुओं की त्वचा बहुत ही नाजुक और संवेदनशील होती है, इसलिए उनके वस्त्रों को साफ करने के लिए तेज महक वाले या बहुत कड़े केमिकल वाले क्लीनिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। बच्चों के लिबास के लिए हमेशा किसी माइल्ड और उपयुक्त डिटर्जेंट का ही चयन करें और धुलाई के बाद यह सुनिश्चित करें कि कपड़े में डिटर्जेंट का कोई अंश बाकी न बचे। यदि कपड़े से बदौलत आने वाली महक लगातार बनी रहे, तो उसे दोबारा धोने से पहले यह परख लें कि कपड़ा धूप में पूरी तरह सूखा है या नहीं। हल्की सी नमी रह जाने पर भी कपड़ों में बासीपन की गंध बहुत जल्दी पैदा होने लगती है। कपड़ों को धोने के बाद उन्हें ऐसी जगह पर सुखाना चाहिए जहां ठीक से हवा और धूप आती हो। हालांकि, बच्चों के कपड़ों पर किसी भी घरेलू नुस्खे को आजमाने से पहले यह जरूरी है कि उसे कपड़े के किसी छोटे और छिपे हुए हिस्से पर लगाकर जांच लें।



















